नई दिल्ली, राहुल जैन। आज के समय में लाइफ इंश्योरेंस, फाइनेंशियल प्लानिंग की सबसे अहम कड़ी में से एक है। इसकी महत्ता हमेशा से काफी ज्यादा रही है और महामारी ने उसे और बढ़ा दिया है। आप लाइफ इंश्योरेंस पॉलिसी (Life Insurance Policy) खरीदने से पहले प्रीमियम सहित कई अन्य पहलुओं पर गौर करते हैं। अधिकतर पॉलिसी होल्डर कम प्रीमियम के साथ लाइफ इंश्योरेंस खरीदना चाहते हैं।

एक संभावित खरीदार के तौर पर आप कई तरह से प्रीमियम में कमी ला सकते हैं। ये कौन-कौन से तरीके हैं, आइए देखते हैंः

कम उम्र में खरीदिए इंश्योरेंस

आप इस बात से सहमत होंगे कि अधिकतर लोग जब कम आयु के होते हैं तो उनका स्वास्थ्य अच्छा होता है। ऐसे में अगर आप कम आयु में इंश्योरेंस पॉलिसी खरीदते हैं तो उस आयु में आपके स्वस्थ होने की गुंजाइश बहुत अधिक होती है। आयु बढ़ने के साथ शरीर के कई प्रकार की बीमारियों से ग्रस्त होने का जोखिम बढ़ जाता है, ऐसे में उम्र बढ़ने पर इंश्योरेंस लेने पर अधिक प्रीमियम चुकाना पड़ता है। इसकी वजह यह है कि इंश्योरेंस कंपनी को आपकी उम्र बढ़ने के साथ ज्यादा रिस्क कवर करना पड़ता है।

ऐसे में कम उम्र में और स्वस्थ रहते हुए इंश्योरेंस खरीदना आपके हित में होता है। ना सिर्फ आपको कम प्रीमियम का लाभ मिलता है, बल्कि आपका प्रपोजल फॉर्म भी तेजी से प्रोसेस हो जाता है। आप जिम्मेदारी बढ़ने के साथ बाद में सम एश्योर्ड को बढ़वा सकते हैं। ऐसे में 20-25 वर्ष की उम्र में लाइफ इंश्योरेंस खरीदना काफी बुद्धिमत्ता वाला फैसला होता है, क्योंकि उस समय प्रीमियम काफी कम होता है।

स्वस्थ जीवन शैली को मेंटेन करना

आपका प्रीमियम उम्र के साथ बहुत हद तक इस बात पर निर्भर करता है कि आपकी जीवनशैली किस प्रकार की है। अगर आप प्रीमियम को कम रखना चाहते हैं तो धूम्रपान और शराब के सेवन से स्पष्ट तौर पर बचना चाहिए। यहां ध्यान देने वाली बात यह है कि प्रपोजल फॉर्म भरते समय आपको इन आदतों के बारे में सच्चाई के साथ जानकारी देनी चाहिए। अगर आप घूम्रपान करते हैं या शराब पीते हैं और प्रपोजल फॉर्म भरते समय इस चीज को छिपा लेते हैं तो इसे फ्रॉड समझा जाएगा और इंश्योरेंस कंपनी इस वजह से आपको बाद में क्लेम देने से इनकार कर सकती है।

इसी तरह आपको इंश्योरेंस कंपनी के खर्चे पर मेडिकल टेस्ट कराना पड़ सकता है। अगर टेस्ट में किसी तरह के जोखिम वाले मेडिकल कंडीशन का खुलासा होता है तो आपको ज्यादा प्रीमियम देना पड़ सकता है। ऐसे में आपको उचित डायट और व्यायाम के साथ स्वस्थ जीवनशैली अपनाने की सलाह दी जाती है।

प्लान खरीदने से पहले अलग-अलग प्लान की तुलना जरूरी

लाइफ इंश्योरेंस खरीदते समय तुलना करना बहुत जरूरी होता है। प्लान खरीदने से पहले अलग-अलग प्लान की तुलना कीजिए और आपकी जरूरत के हिसाब से सबसे उपयुक्त प्लान का चुनाव कीजिए। विभिन्न ऑनलाइन एग्रीगेटर पोर्टल की वजह से आज के समय में तुलना करना आसान हो गया है। ये एग्रीगेटर अलग-अलग पॉलिसी को प्रीमियम के साथ लिस्ट करते हैं।

Add-ons मत ऐड कीजिए, आपको जरूरत नहीं है

Add-ons आपकी पॉलिसी के बेस कवरेज को बढ़ा देते हैं। इन्हें राइडर भी कहा जाता है। इसके जरिए आपको बेस पॉलिसी के सम इंश्योर्ड के ऊपर कवरेज मिलती है। हालांकि, इसका लाभ उठाने के लिए आपको अतिरिक्त राशि का भुगतान करना पड़ता है, जो प्रीमियम के अतिरिक्त देय होताहै। कई तरह के Add-Ons उपलब्ध हैं, जिनके अलग-अलग उद्देश्य हैं।

हालांकि, ऐसा लगता है कि समग्र कवरेज के लिए सभी तरह के Add-Ons को जोड़ना अच्छा है लेकिन आपको इनका चुनाव करते समय सतर्क रहने की जरूरत है। केवल अपनी जरूरत वाले राइडर्स को ऐड कीजिए। बाकी को छोड़ दीजिए। इन राइडर्स से आपको अपनी जरूरत के हिसाब से कवरेज मिल जाती है और आपका प्रीमियम भी कम रहता है। इस तरह आपके दो मकसद एकसाथ पूरे हो जाते हैं।

ऑनलाइन खरीदिए

डिजिटाइजेशन से पॉलिसी खरीदना काफी आसान हो गया है। आप महज कुछ क्लिक्स में पॉलिसी खरीद सकते हैं। अधिकतर मौकों पर ऑनलाइन पॉलिसी खरीदने पर आपको कम प्रीमियम देना पड़ता है क्योंकि आप सीधे इंश्योरेंस कंपनी से पॉलिसी खरीदते हैं और उसमें कोई इंटरमीडियरी शामिल नहीं होता है। इस तरह इंश्योंरेंस कंपनी कमीशन बचा लेती है और इसका लाभ ग्राहकों को कम प्रीमियम के रूप रूप में मिल जाता है।

निष्कर्ष

यहां ध्यान देने वाली बात यह है कि आपको लाइफ इंश्योरेंस खरीदते समय केवल प्रीमियम को ध्यान में नहीं रखना चाहिए। आपको पर्याप्त कवरेज और अन्य लाभ देने वाली पॉलिसी को चुनना चाहिए। साथ ही इंश्योरेंस कंपनी के क्लेम सेटलमेंट रेशियो पर गौर करना चाहिए एवं आगे बढ़ने से पहले नियम और शर्तों को पूरा पढ़ना चाहिए।

(लेखक एडलवाइज वेल्थ मैनेजमेंट के प्रेसिडेंट और हेड (पर्सनल वेल्थ) हैं। प्रकाशित विचार लेखक के निजी हैं।)

Edited By: Ankit Kumar