नई दिल्‍ली, धीरेंद्र कुमार। आप अपने निवेश से कैसे बड़ी रकम बना सकते हैं इस सवाल के कई जवाब हो सकते हैं लेकिन सिर्फ दो बातें कारगर हैं। पहला, अधिक निवेश करें और दूसरा निवेश को लंबा समय दें। इससे ज्यादा बेहतर यह है कि दोनों ही बातों पर अमल करें। यह मेरी व्यक्तिगत राय है और यह हमेशा काम करेगी। मैं जानता हूं कि इन्वेस्टमेंट एनालिस्ट कोई जादुई फार्मूला ला सकते हैं। जैसे 20,000 रुपये प्रति माह 10 साल तक निवेश करके एक करोड़ रुपये बनाएं। बहुत से लोग इस तरह के जवाब की उम्मीद कर रहे हैं। हालांकि, कुछ चीजें नहीं की जानी चाहिए।

वास्तव में असली समस्या यह है कि यह बौद्धिक कवायद नहीं है। अंत में आपके जीवन की कुछ जरूरतें हैं जिनको बचत के जरिये पूरा करना है। हालांकि जरूरत से ज्यादा आशावादी कैलकुलेशन लोगों को कम बचत करने के लिए प्रोत्साहित करती है। वास्तविकता यह है कि हमारे पास ऐसा कोई संकेत नहीं है कि क्या होगा। कोई भी जो कुछ कह रहा है चाहे इंडीविजुअल निवेशक हो या मेरे जैसा इन्वेस्टमेंट एनॉलिस्ट या कोई और वह अनुमान और बीतें समय के ट्रेंड के आधार पर कोई बात कह रहा है।

कोरोना आने के 16 माह बाद निश्चित तौर पर यह काफी स्पष्ट है। आपके लिए सही चीज यह होगी कि निवेश पर ऊंचे रिटर्न वाले सटीक अनुमान पर गौर नहीं करें और यह समझें कि अनुमान का सटीक होना संभव नहीं है। तो सवाल उठता है कि रास्ता क्या है?

बड़ी रकम बनाने के लिए ज्यादा बचत करें और लंबे समय तक बचत करें। सबसे बड़ी समस्या यह है कि ज्यादातर लोग बचत नहीं करते या उतनी बचत नहीं करते हैं जितनी करनी चाहिए। वे इस बात पर गौर नहीं करते हैं कि उनकी यह बचत भविष्य की जरूरतों को पूरा करने के लिए काफी होगी या नहीं। अगर आपकी बचत उतनी नहीं बढ़ रही है, जितना आप चाहते हैं तो इसका समाधान यह है कि बेहतर इन्वेस्टमेंट तलाश किया जाए। रकम को लेकर पूछ जाने वाले सवालों में सभी इन्वेस्टमेंट मीडिया में यही सोच हावी है।

हालांकि सही जवाब इस तथ्य में निहित है ज्यादातर लोग उतनी बचत नहीं करते हैं जितनी करनी चाहिए। जीवन की लंबी अवधि इस समस्या को और भयावह बना रही है। जीवन प्रत्याशा में बदलाव का मतलब है कि कुछ लोग बेहतर खान पान और स्वास्थ्य सुविधाओं के साथ काफी लंबी जिंदगी जी रहे हैं। इसका मतलब है कि आपका रिटायरमेंट कॉर्पस 25-30 साल तक चलना चाहिए। इसके लिए जरूरी है कि आपकी बचत बेहतर रिटर्न हासिल करे।

ज्यादातर लोग जितनी बचत कर सकते हैं उतनी करते हैं या टैक्स बचाने के लिए बचत करते हैं। इसके बजाए आपको भविष्य की जरूरतों का अनुमान लगाकर बचत करने की जरूरत है। बेहतर होगा कि इस कैलकुलेशन में यह माना जाए कि आपकी जरूरतें अधिक होंगी और रिटर्न कम होगा। आदमी का दिमाग आशावादी होता है। आशावादी होना अच्छी बात है। लेकिन उस समय नहीं जब आप भविष्य के लिए निवेश पर रिटर्न का अनुमान लगा रहे हों।

(लेखक वैल्यू रिसर्च ऑनलाइन डॉट कॉम में सीईओ है। छपे विचार उनके निजी हैं।)