Railway Budget 2026: रेलवे ने दिसंबर तक खर्च किए ₹2.03 लाख करोड़, वंदे भारत, स्पीड से कवच तक, क्या है प्लान?
भारतीय रेलवे ने चालू वित्त वर्ष में दिसंबर 2025 तक 2,03,138 करोड़ रुपये खर्च किए हैं, जो 2025-26 के सकल बजटीय सहायता (जीबीएस) का 80.54% है। यह पिछले व ...और पढ़ें

रेल मंत्रालय ने सोमवार को बताया कि भारतीय रेलवे ने चालू वित्त वर्ष में दिसंबर 2025 के अंत तक 2,03,138 करोड़ रुपये खर्च किए हैं। यह राशि 2025-26 की 2,52,200 करोड़ रुपये की सकल बजटीय सहायता (जीबीएस) का 80.54 प्रतिशत है।
मंत्रालय ने एक बयान में कहा, ''यह पिछले साल की इसी अवधि (दिसंबर 2024) की तुलना में जीबीएस के उपयोग में 6.54 प्रतिशत की वृद्धि दर्शाता है। यह खर्च मुख्य रूप से सुरक्षा उपायों, क्षमता विस्तार, बुनियादी ढांचे के आधुनिकीकरण और यात्री सुविधाओं पर हुआ।''
अधिकारियों ने कहा कि भारतीय रेलवे खुद को एक भविष्य के लिए तैयार संगठन के रूप में बदलकर पूरे भारत में सस्ती कीमत पर तेज, सुरक्षित और विश्व स्तरीय रेल यात्रा की सुविधा दे रहा है।
उन्होंने कहा कि ऐसे में भारतीय रेलवे ने 2025-26 के लिए आवंटित जीबीएस परिव्यय के उपयोग में एक मजबूत रुझान बनाए रखा है। मंत्रालय ने कहा कि सुरक्षा संबंधी कार्यों की श्रेणी में आवंटित धन का 84 प्रतिशत उपयोग किया गया है। क्षमता विस्तार के लिए आवंटित 1,09,238 करोड़ रुपये में 76,048 करोड़ रुपये (69 प्रतिशत) खर्च किए जा चुके हैं। ग्राहक सुविधाओं पर दिसंबर 2025 तक 9,575 करोड़ रुपये (80 प्रतिशत) खर्च किए गए।
रेलवे ने पिछले दशक में निरंतर पूंजीगत व्यय को दर्शाते हुए 164 वंदे भारत ट्रेन सेवाओं और 30 अमृत भारत ट्रेन सेवाओं का उल्लेख किया है। कवच स्वचालित ट्रेन सुरक्षा प्रणाली का कार्यान्वयन जारी है और ब्रॉड-गेज नेटवर्क के 99 प्रतिशत से अधिक विद्युतीकरण, और नई लाइनों, गेज रूपांतरण, ट्रैक दोहरीकरण, यातायात सुविधाओं, सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों में निवेश और महानगरीय परिवहन प्रणालियों को कवर करने वाले व्यापक कार्यों पर भी प्रकाश डाला गया।
भाषा इनपुट के साथ

कमेंट्स
सभी कमेंट्स (0)
बातचीत में शामिल हों
कृपया धैर्य रखें।