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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Feb 01, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

Budget 2023: टैक्स के पैसे का सरकार कैसे करती है इस्तेमाल, जानिए सरकारी खजाने में जाती है कितनी रकम

By Sonali SinghEdited By: Sonali Singh
Published: Wed, 01 Feb 2023 04:27 PM (IST)

Budget 2022-23 Government Investment बजट 2023 में सरकार ने बताया कि वह आम जनता द्वारा दिए गए टैक्स का इस्तेमाल ...और पढ़ें

Budget 2023 Government coffer and Investment From Taxes, See Details
Budget 2023 Government coffer and Investment From Taxes, See Details

नई दिल्ली, बिजनेस डेस्क। हम में से ज्यादातर लोग टैक्स का का भुगतान करते हैं और यह मानते हैं कि आम जनता द्वारा दिया गया टैक्स का सारा पैसा सरकार के पास जाता है। हालांकि, ऐसा नहीं है। बजट 2023-24 के दस्तावेजों में इस बात की जानकारी दी गई है। बजट के अनुसार, सरकार के खजाने में एक रुपये के बदले 58 पैसे प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष करों से, 34 पैसे कर्ज और अन्य देनदारियों से, छह पैसे गैर कर राजस्व जैसे विनिवेश से और दो पैसे गैर कर्ज से आते हैं। 

GST का इतना पैसा जाता सरकार के पास

निर्मला सीतारमण ने बताया कि माल और सेवा कर (GST) के तहत प्रत्येक एक रुपये में 17 पैसे सरकार के पास जाते हैं और निगम कर से 15 पैसे मिलता है। इसके अलावा, सरकार हर रुपये में से 7 पैसे एक्साइज ड्यूटी से, 4 पैसे कस्टम ड्यूटी से और इनकम टैक्स 15 पैसे लेने की सोच रही है। उधार और अन्य देनदारियों से 34 पैसे लिए जाते हैं।

इस तरह निवेश करती है सरकार

सरकार के निवेशों पर ध्यान दें तो सबसे ज्यादा खर्च केंद्रीय क्षेत्र की योजनाओं पर किया जाता है। इसमें हर एक रुपया में से 17 पैसे इस सेक्टर के लिए जाता है। इसके बाद 9 पैसे केंद्र प्रायोजित योजनाओं के लिए दिए जाए हैं। वित्त आयोग और अन्य हस्तांतरण' पर खर्च 9 पैसे हैं, जबकि सब्सिडी के लिए एक रुपया में से 9 पैसे खर्च किए जाते हैं। पेंशन स्कीमों में सरकार 4 पैसे का खर्च करती है। वहीं, 'अन्य खर्चों के लिए 8 पैसे को रखा गया है।

टैक्स स्लैब की बढ़ी लिमिट 

जानकारी के लिए बता दें कि बजट 2023 में आम जनता पर लगने वाले टैक्स दरों की लिमिट को बढ़ा दिया गया है। नए टैक्स स्लैब के मुताबिक, अब सात लाख रुपये तक की सालाना इनकम पर कोई तक नहीं लगने वाला है, जबकि यह लिमिट पहले पांच लाख रुपये थी। 

(एजेंसी इनपुट के साथ)