Budget 2023: हेल्थ सेक्टर के लिए बड़ी घोषणा, 2047 तक इन बीमारियों से देश को छुटकारा दिलाने का रखा गया लक्ष्य
Union Budget 2023-2024 top announcements for health sectorकेंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण (Finance Minister Nirmala Sitharaman) ने बुधवार को संसद में केंद्रीय बजट 2023 -24 (Union Budget 2023-24) पेश किया। बजट में हेल्थ सेक्टर (Health sector) के कई घोषणाएं की गईं। पढ़ें हेल्थ सेक्टर के लिए क्या घोषणाएं की गईं...
नई दिल्ली, आनलाइन डेस्क। केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण (Finance Minister Nirmala Sitharaman) ने बुधवार को संसद में केंद्रीय बजट 2023-24 (Union Budget 2022-23) पेश किया। बजट में हेल्थ सेक्टर (Health sector) के कई घोषणाएं की गईं। सीतारमण ने कहा कि भारतीय अर्थव्यवस्था सही रास्ते पर है और उज्जवल भविष्य की ओर बढ़ रही है। उन्होंने कहा कि अमृत काल में यह पहला बजट है। हम एक समृद्ध और समावेशी भारत की कल्पना करते हैं जिसमें वृद्धि का लाभ सभी तक पहुंचे।
सीतारमण ने कहा कि भारतीय अर्थव्यवस्था अब 10वें नंबर से पांचवी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनी, देश में प्रति व्यक्ति आय बढ़कर दोगुनी हुई। उन्होंने कहा कि बजट में सात प्राथमिकताएं, सप्तर्षि की अवधारणा पर आधारित हैं। बजट की सात प्राथमिकताएं हैं, जिसमें समावेशी वृद्धि, हरित विकास, युवा शक्ति, वित्तीय क्षेत्र, अंतिम छोर तक पहुंच, बुनियादी ढांचे का विकास और क्षमताओं का पूरा इस्तेमाल शामिल है। 2024 आम चुनाव से पहले यह नरेंद्र मोदी सरकार का आखिरी पूर्ण बजट है।
पॉइंट्स में समझिए हेल्थ सेक्टर के लिए वित्त मंत्री ने क्या घोषणाएं की
1. 2014 से स्थापित मौजूदा 157 मेडिकल कॉलेजों के साथ कोलोकेशन में 157 नए नर्सिंग कॉलेज स्थापित किए जाएंगे।
2. औषधि क्षेत्र में शोध को बढ़ावा देने के लिये नया कार्यक्रम शुरू किया जाएगा।
3. 2047 तक सिकल सेल एनीमिया के उन्मूलन का लक्ष्य रखा गया है।
4. फार्मा में नवाचार के लिए नया प्रावधान शुरू किया जाएगा ।
5. चिकित्सा उपकरणों के लिए शुरू किया जाएगा नया पाठ्यक्रम
6. ICMR की संख्या देशभर में बढाई जाएगी।
7. चिकित्सा क्षेत्र में निजी निवेश को दिया जाएगा बढ़ावा।
8. इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च की प्रयोगशालाएं देशभर में बनाई जाएंगी। इससे मेडिकल क्षेत्र और नई-नई बीमारियों को लेकर रिसर्च को बढ़ावा मिलेगा।
9. सैकड़ों प्रकार के चिकित्सा उपकरणों को लेकर ट्रेंड करने के लिए नए पाठ्यक्रम शुरू किए जाएंगे।
पिछले साल, सरकार ने 2022-23 में 39,44,909 करोड़ रुपये खर्च करने का प्रस्ताव रखा था। यह बजट 2021-22 के संशोधित अनुमान से 4.6% अधिक था। 2022 में,आवंटन में सबसे अधिक प्रतिशत वृद्धि संचार मंत्रालय (93%) में देखी गई, इसके बाद सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय (52%), और जल शक्ति मंत्रालय में (25%) की वृद्धि देखी गयी। इनमें से रक्षा मंत्रालय को 2022-23 में सबसे ज्यादा आवंटन 5,25,166 करोड़ रुपये का रहा था। इस बीच, स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय को 2022-23 में 86,201 करोड़ रुपये आवंटित किया गया था।
कमेंट्स
सभी कमेंट्स (0)
बातचीत में शामिल हों
कृपया धैर्य रखें।