सर्च करे
Home
फोकस
विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Mar 29, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

Permanent Account Number: क्या होता है पैन नंबर? क्यों लेनदेन करने के लिए पड़ती है इसकी जरूरत

By Abhinav ShalyaEdited By: Abhinav Shalya
Published: Wed, 29 Mar 2023 01:10 PM (IST)Updated: Wed, 29 Mar 2023 02:18 PM (IST)

Pan Number is Mandatory in India Read on to Know Why पैन कोई भी वित्तीय लेनदेन करने के लिए जरूरी ...और पढ़ें

Pan Number Importance Why mandatory for indian citizens
Pan Number Importance Why mandatory for indian citizens

नई दिल्ली, दिल्ली। पैन यानी पर्मानेंट अकाउंट नंबर (Permanent Account Number (PAN)) एक महत्वपूर्ण दस्तावेज होता है और यह किसी व्यक्ति या फिर फर्म की ओर से इनकम टैक्स रिटर्न भरने, बैंक अकाउंट खोलने और म्यूचुअल फंड्स में निवेश और संपत्ति खरीदने के काम आता है।

क्या होता है पैन नंबर?

पर्मानेंट अकाउंट नंबर एक 10 अंक का अल्फान्यूमेरिक नंबर होता है, जिसे इमकम टैक्स डिपार्टमेंट की ओर से जारी किया जाता है। यह टैक्स उद्देश्यों के लिए भारत में व्यक्तियों और संस्थाओं के लिए एक विशिष्ट पहचान संख्या के रूप में कार्य करता है।

पैन एक लेमिनेटेड कार्ड के रूप में होता है। इमकम टैक्स डिपार्टमेंट आवेदन करने पर या जिस कंपनी या फिर व्यक्ति को वह देना चाहता है, उसे जारी कर देता है।

कैसे तय होता है पैन नंबर?

इनकम टैक्स डिपार्टमेंट की वेबसाइट के मुताबिक, BFZPK7360L कुछ इस तरह होता है। इसमें पहले तीन अक्षर BFZ अल्फाबेटिक सीरीज AAA से ZZZ से आता है। चौथ अक्षर P पैनधारक का प्रतिनिधित्व करता है। जैसे किसी व्यक्ति के लिए P, फर्म के लिए F, कंपनी के लिए C, HUF के लिए H और ट्रस्ट के लिए T का उपयोग होता है। L इसमें पैनधारक के नाम के पहले अक्षर को दिखाता है।

पैन क्यों जरूरी है?

  • सरकारी सेवाएं जैसे सब्सिडी और पेंशन आदि का लाभ पाने के लिए लाभार्थी के पास पैन होना जरूरी है।
  • लोन लेने के लिए पैन जरूरी होता है। इससे आपके वित्तीय लेनदेन का समग्र इतिहास लोन देने वाले बैंक या कंपनी को पता लग जाता है।
  • वित्तीय संस्थानों जैसे बैंक में 50,000 रुपये का लेनदेन करने पर आपको पैन की आवश्यकता होती है।
  • इनकम टैक्स भरने या फिर प्रॉपर्टी खरीदते समय भी पैन एक अहम दस्तावेज होता है।
  • एक जनवरी 2005 से इमकम टैक्स द्वारा जारी किए गए किसी भी चालान को भरने के लिए पैन नंबर दर्ज करना जरूरी कर दिया गया है।

पैन को आधार से लिंक करना अनिवार्य

इनकम टैक्स एक्ट की धारा 139AA के मुताबिक, सभी पात्र पैनधाराकों के लिए पैन से आधार को लिंक (Aadhaar Pan Link) करना जरूरी कर दिया गया है। अगर 30 जून, 2023 तक कोई आप अपने पैन को आधार से नहीं जोड़ते हैं, तो पैन निष्क्रिय हो जाएगा।