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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jun 07, 2018 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

आईटीआर रिटर्न: कौन भर सकता है ITR-1 फॉर्म और कौन नहीं, जानिए

By Praveen DwivediEdited By:
Published: Thu, 07 Jun 2018 01:13 PM (IST)Updated: Fri, 08 Jun 2018 07:04 AM (IST)

आईटीआर-1 फॉर्म को सहज फॉर्म कहा जाता है। इसे वो लोग भर सकते हैं, जिनकी आय का प्राथमिक स्रोत सैलरी या पेंशन है

आईटीआर रिटर्न: कौन भर सकता है ITR-1 फॉर्म और कौन नहीं, जानिए
आईटीआर रिटर्न: कौन भर सकता है ITR-1 फॉर्म और कौन नहीं, जानिए

नई दिल्ली (बिजनेस डेस्क)। वित्त वर्ष 2017-18 के लिए इनकम टैक्स रिटर्न दाखिल करने की आखिरी तारीख 31 जुलाई 2018 है। हाल ही में विभाग की ओर से आईटीआर से संबंधित सातों फॉर्म उपलब्ध करवा दिए गए हैं। ऐसे में आपके लिए जानना जरूरी है कि बतौर करदाता आपके लिए कौन सा फॉर्म भरना जरूरी है। हम अपनी इस खबर में आपको आईटीआर-1 फॉर्म के बारे में जानकारी दे रहे हैं कि इसे कौन भर सकता है और कौन नहीं।

ITR-1: आईटीआर-1 फॉर्म को सहज फॉर्म कहा जाता है। इसे वो लोग भर सकते हैं, जिनकी आय का प्राथमिक स्रोत सैलरी या पेंशन है। यह फॉर्म व्यक्तिगत (इंडिविजुअल) करदाताओं के लिए होता है और इसे 50 लाख रुपए से कम की आय वाले करदाता ही भर सकते हैं। इसमें नौकरी से होने वाली आय, हाउस प्रॉपर्टी (सिर्फ एक घर) से होने वाली आय और अन्य आय (ब्याज एवं कमीशन से होने वाली आय) शामिल होती है।

कौन नहीं भर सकता है ITR-1: बीते आकलन वर्ष के दौरान आईटीआर-1 नॉन रेजिडेंट के लिए भी उपलब्ध था। लेकिन वर्तमान आकलन वर्ष से ये लोग इस फॉर्म का इस्तेमाल नहीं कर सकते हैं। इसके अलावा ऐसे व्यक्तिगत लोग जिनके पास 10 लाख से ज्यादा की डिविडेंट इनकम है या फिर उन्हें कैपिटल गेन से आय हुई है उन्हें भी अन्य आईटीआर फॉर्म का इस्तेमाल करना चाहिए। इसके अलावा ऐसे लोग जिन्हें कृषि से आय (5,000 से ज्यादा) होती है या फिर अन्य किसी बिजनेस या प्रोफेशन से आय होती है तो उन्हें भी अलग फॉर्म भरना होगा।