Jagran Trending: क्या है क्रिप्टोकरेंसी और अपने देश में इसके कारोबार से जुड़े नियम, जानें एक्सपर्ट की राय
किसी भी एसेट की एक Underlying Value होती है लेकिन Cryptocurrencies का कोई अंडरलाइंग वैल्यू नहीं है। शेयरों के मामले में आपको पता होता है कि कंपनी का प्रदर्शन कैसा चल रहा है और शेयरों की कीमतें ऊपर जाएंगी या नीचे क्रिप्टो के मामले में ऐसा नहीं है

नई दिल्ली, मनीश कुमार मिश्र। Cryptocurrency के प्रति हाल के वर्षों में लोगों का आकर्षण बढ़ा है और भारतीय इसमें पीछे नहीं हैं। कुछ देशों ने जहां Cryptocurrency को मान्यता दे दी है वहीं, कुछ देशों में यह पूर्णत: प्रतिबंधित है। अपने देश में भी क्रिप्टोकरेंसी को लेकर कुछ नियम हैं, जिनके बारे में हम विस्तार से चर्चा करेंगे। पहले ये जानते हैं कि Cryptocurrencies हैं क्या और ये किस टेक्नोलॉजी पर आधारित हैं।
ऑप्टिमा मनी मैनेजर्स के सीईओ पंकज मठपाल ने क्रिप्टोरेंसी के बारे में बताते हुए कहा कि यह ब्लॉकचेन टेक्नोलॉजी पर आधारित डिजिटल करेंसी है जिसे क्रिप्टोग्राफी से सुरक्षित किया है। ब्लॉकचेन एक डिजिटल लेजर है, जिसका इस्तेमाल सिर्फ इसके यूजर्स ही कर सकते हैं। उन्होंने बताया कि ब्लॉकचेन टेक्नोलॉजी सुरक्षित तो है ही पारदर्शी भी है। यह इतना सुरक्षित है कि इसके एडमिनिस्ट्रेटर भी इसमें अपने फायदे के लिए बदलाव नहीं कर सकते।
क्रिप्टोकरेंसी से ट्रांजैक्शन
मठपाल ने बताया कि क्रिप्टोकरेंसी डिजिटल वॉलेट में स्टोर की जाती है और इसे आप दूसरे वॉलेट में ट्रांसफर कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि क्रिप्टोकरेंसी का इस्तेमाल आप किसी वस्तु या सेवाओं को खरीदने में कर सकते हैं या इसकी ट्रेडिंग कर सकते हैं या इसके बदले कैश भी ले सकते हैं।
क्रिप्टोकरेंसी की ट्रेडिंग
मठपाल ने बताया कि एक तरफ जहां स्टॉक मार्केट में ट्रेडिंग पूरी तरह रेगुलेटेड है। आपको यह भी पता होता है कि शेयर बेचने के कितने दिन बाद आपके अकाउंट में पैसे आ जाएंगे। हालांकि, क्रिप्टोकरेंसी के मामले में ऐसा कोई रेगुलेशन नहीं है। आप ब्रोकर या क्रिप्टो एक्सचेंजों के जरिए इसकी खरीद-बिक्री कर सकते हैं। यहां बेचने वाले और खरीदने वाले की पहचान उजागर नहीं की जाती।
क्रिप्टोकरेंसी की कीमतों में क्यों आता है उतार-चढ़ाव
मठपाल के अनुसार, क्रिप्टोकरेंसी का कोई अंडरलाइंग एसेट नहीं होता। आप शेयर खरीदते हैं तो आपको पता होता है कि कंपनी के एसेट्स और लाइबिलिटीज क्या हैं। आप जानते हैं कि कंपनी का मुनाफा बढ़ेगा या कंपनी से जुड़ी कोई पॉजिटिव खबर आएगी तो शेयर की कीमतें बढ़ेंगी और आपको मुनाफा होगा। क्रिप्टोकरेंसी की कीमतें सिर्फ मांग और आपूर्ति से प्रभावित होती हैं। इसमें कितना उतार-चढ़ाव आ सकता है, आप इसका अनुमान नहीं लगा सकते।
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क्रिप्टोकरेंसी पर टैक्स
मठपाल के अनुसार इस साल पेश हुए बजट में यह प्रावधान किया गया है कि क्रिप्टोकरेंसी बेचने पर निवेशकों को 30 प्रतिशत के हिसाब से टैक्स देना होगा। उन्होंने बताया कि मान लीजिए कोई व्यक्ति 50000 रुपये की क्रिप्टोकरेंसी खरीदता है और उसे मुनाफे में चाहे 60,000 रुपये में बेचे या घाटे में 25,000 रुपये में, उसे 30 प्रतिशत की दर से ही टैक्स देना होगा।
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