यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Sep 03, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
क्या होता है Bonus Share, निवेशकों को होता है कितना फायदा, कंपनियां कब बांटती है बोनस, जानिए पूरी डिटेल
बोनस शेयर अतिरिक्त शेयर होते हैं जो एक कंपनी मौजूदा शेयरधारकों को इनाम के रूप में देती है। एक कंपनी ...और पढ़ें

नई दिल्ली, बिजनेस डेस्क: शेयर बाजार में कई ऐसे टर्म हैं जिसके बारे में हम सुनते हैं लेकिन उसके बारे में डिटेल में नहीं जानते। ऐसा ही एक टर्म है बोनस शेयर।
अगर आप शेयर बाजार में निवेश करते हैं तो आपको बोनस शेयर के बारे में पता होना चाहिए, चलिए आज हम आपको इसके बारे में सब कुछ बताते हैं।
क्या होता है बोनस शेयर?
बोनस शेयर कंपनी द्वारा अपने मौजूदा शेयरधारकों को "बोनस" के रूप में दिए गए शेयरों की एक अतिरिक्त संख्या को कहते है। कंपनी शेयरधारकों को ये तब देती है जब वे उस तिमाही के लिए अच्छा मुनाफा कमाने के बावजूद अपने शेयरधारकों को लाभांश देने की स्थिति में नहीं होती। बोनस शेयर को बोनस इश्यू भी कहा जाता है।

उदाहरण से समझिए
यदि कोई कंपनी दो बोनस शेयरों के लिए एक की घोषणा करती है, तो इसका मतलब यह होगा कि मौजूदा शेयरधारक को एक मौजूदा शेयर के लिए दो अतिरिक्त शेयर मिलेंगे।
मान लीजिए कि एक शेयरधारक के पास कंपनी के 2,000 शेयर हैं। जब कंपनी बोनस शेयर जारी करती है, तो उसे 1000 बोनस शेयर मिलेंगे, यानी (2000 *1/2 = 1,000)
बोनस शेयर के लिए कौन होता है पात्र?
वैसे शेयरधारक जो एक्स डेट और रिकॉर्ड डेट से पहले कंपनी के शेयरों के मालिक हैं, वे कंपनी से बोनस शेयर प्राप्त करने के पात्र हैं। भारत में, शेयरों की डिलीवरी के लिए T+2 रोलिंग सिस्टम है, जिसमें रिकॉर्ड डेट, एक्स डेट से दो दिन पीछे होती है।
इस स्थिति में नहीं मिलता है बोनस शेयर
शेयरधारकों को एक्स डेट से पहले शेयर खरीदने होंगे क्योंकि यदि वो एक्स डेट पर शेयर खरीदते हैं, तो कंपनी शेयरों का स्वामित्व नहीं देती है और इसलिए वे बोनस शेयरों के हकदार नहीं होते हैं।

निवेशकों को क्या होता है फायदा?
- निवेशकों को कंपनी से बोनस शेयर प्राप्त करते समय निवेशकों को कोई टैक्स नहीं देना पड़ता है।
- बोनस शेयर कंपनी के लॉन्ग टर्म शेयरधारकों के लिए फायदेमंद माने जाते हैं जो अपने निवेश को बढ़ाना चाहते हैं।
- बोनस शेयर शेयरधारकों के लिए फ्री होते हैं क्योंकि वे कंपनी द्वारा जारी किए जाते हैं, जिससे कंपनी में निवेशक के बकाया शेयर बढ़ जाते हैं और स्टॉक की तरलता बढ़ जाती है।

