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    एसेट एलोकेशन क्या है और कैसे यह सफल निवेश का आधार बनता है?

    Updated: Mon, 21 Apr 2025 03:16 PM (IST)

    एसेट क्लास की परफॉर्मेंस मार्केट की स्थिति और निवेशकों के सेंटीमेंट पर निर्भर करती है। यहीं कारण है कि ये एक समय में एक जैसा परफॉर्म नहीं करते हैं। एसेट एलोकेशन एक ऐसी रणनीति है जो निवेशकों के रिक्स को डायवर्सिफाई कर देती है जब बात लॉन्ग टर्म रिटर्न की हो। इसमें पैसे यानी फंड को अलग-अलग एसेट क्लास में उपयुक्त तरीके से आवंटित किया जाता है।

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    एसेट एलोकेशन क्या है और कैसे इसे मोटा फंड तैयार करें

    ब्रांड डेस्क, नई दिल्ली। आज कई रिटेल निवेशक इक्विटी, डेट, कमोडिटीज और रियल एस्टेट के माध्यम से पैसे बना रहे हैं। हालांकि, ये सभी एसेट क्लास रिस्क, रिटर्न जनरेशन, रिस्क-टू-रिवार्ड रेश्यो, वैल्यूएशन डायनामिक्स, टैक्सेशन और मार्केट साइकल्स के मामले में एक-दूसरे से अलग हैं।

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    ध्यान देने वाली बात यह है कि इन सभी एसेट क्लास की परफॉर्मेंस मार्केट की स्थिति और निवेशकों के सेंटीमेंट पर निर्भर करती है। इसलिए ये एक समय में एक जैसा परफॉर्म नहीं करते हैं। इसमें कभी इक्विटी बेहतर परफॉर्म करता है तो कभी कमोडिटीज और रियल एस्टेट। ऐसे में सवाल उठता है कि एक निवेशक कैसे सभी एसेट क्लास का फायदा उठाए। यहां एसेट एलोकेशन लॉन्ग टर्म में मदद कर सकता है।

    एसेट एलोकेशन क्या है?

    एसेट एलोकेशन एक ऐसी रणनीति है, जो निवेशकों के रिक्स को डायवर्सिफाई कर देती है, जब बात लॉन्ग टर्म रिटर्न की हो। इसमें पैसे यानी फंड को अलग-अलग एसेट क्लास में उपयुक्त तरीके से आवंटित किया जाता है। इसको लेकर एक पुरानी कहावत है कि “हमें सभी अंडे एक टोकरी में नहीं रखनी चाहिए। अगर टोकरी गिर जाती है तो सभी अंडे टूट सकते हैं। इसलिए समझदारी यही है कि अंडों को अलग-अलग टोकरी में रखे जाएं, ताकि नुकसान कम हो।"

    ठीक उसी तरह एसेट एलोकेशन के जरिए निवेशकों को इक्विटी, डेट, गोल्ड और रियल एस्टेट जैसे इंस्ट्रूमेंट्स (जैसे InvITs और REITs) में अपना पैसा लगाने का अवसर मिलता है, जिससे उनका पोर्टफोलियो किसी एक एसेट क्लास पर निर्भर नहीं होता। इससे रिस्क को अच्छे से मैनेज किया जा सकता है और पोर्टफोलियो को संतुलित बनाया जा सकता है।

    ऐसे में निवेशकों को क्या करना चाहिए?

    एसेट एलोकेशन का सबसे बेहतर और स्थापित तरीका यह है कि आप म्यूचुअल फंड में निवेश करें। क्योंकि ये फंड अलग-अलग स्कीम के जरिए निवेशकों को बेहतर तरीके से समाधान प्रदान करते हैं। ऐसे ही कुछ स्कीम्स है- मल्टी-एसेट फंड, एसेट एलोकेटर फंड और बैलेंस्ड एडवांटेज फंड।

    “एसेट एलोकेटर फंड के लिए आपको “ICICI Prudential Asset Allocator Fund (FOF) पर आपको विचार करना चाहिए। यह फंड बेहतर तरीके से पैसे को इक्विटी, डेट और गोल्ड म्यूचुअल फंड स्कीम्स/ETF में एलोकेट करता है। इसके लिए इन-हाउस वैल्यूएशन मॉडल का उपयोग किया जाता है। इस फंड ने 28 मार्च 2025 तक 1 साल में 9.50% रिटर्न दिया है, जबकि 3 साल में 12.86% CAGR, और 5 साल में 19.04% CAGR रिटर्न दिया है।” - विवेक कुमार (Partner- Vcare Finserv), हरियाणा

    Disclaimer:- इस लेख में व्यक्त किए गए विचार लेखक के हैं और जागरण न्यू मीडिया कंपनी के विचारों को नहीं दर्शाते हैं। इसमें दिया गया कॉन्टेंट केवल सूचनात्मक उद्देश्यों के लिए है और इसे वित्तीय सलाह के रूप में नहीं माना जाना चाहिए। पाठकों को सलाह दी जाती है कि वे कोई भी निर्णय लेने से पहले किसी योग्य वित्तीय सलाहकार से सलाह लें। जागरण न्यू मीडिया कंपनी जानकारी की सटीकता की गारंटी नहीं देती है और किसी भी वित्तीय परिणाम के लिए जिम्मेदार नहीं है। सभी निवेश बाजार जोखिमों के अधीन हैं।

    नोट - यह आर्टिकल ब्रांड डेस्क से लिखा गया है।