Trending

    Move to Jagran APP
    pixelcheck
    विज्ञापन हटाएं सिर्फ खबर पढ़ें

    पांच साल में बढ़ेंगी 17 करोड़ नौकरियां, खत्म होंगी 9.2 करोड़ Job, पढ़िए किन सेक्टर्स पर गिरेगी गाज?

    Updated: Tue, 21 Jan 2025 08:54 PM (IST)

    WEF Report आने वाले वर्षों में नौकरियों पर तकनीक का खासा असर देखने को मिलेगा। वैश्विक आर्थिक अनिश्चितता हरित परिवर्तन और जनसांख्यिकीय बदलाव का प्रभाव नौकरियों पर भी पढ़ेगा। वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम की रिपोर्ट के अनुसार पांच साल में 17 करोड़ नौकरियों के अवसर बढ़ेंगे। 9.2 करोड़ नौकरियां खत्म हो जाएंगी। डिजिटल क्रांति के दखल का असर नौकरियों पर पड़ेगा। 2030 तक विश्व स्तर पर 22 प्रतिशत नौकरियां प्रभावित होंगी।

    Hero Image
    ​वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम की रिपोर्ट के अनुसार पांच साल में 17 करोड़ नौकरियां बढ़ेंगी। फोटो: जागरण

    जितेंद्र शर्मा, नई दिल्ली। कुशल और सक्षम कार्यबल के संकट से दुनिया के तमाम देश जूझ रहे हैं और इस बीच रोजगार का बाजार नई करवट लेने के लिए तैयार है। निस्संदेह इन दिनों सबसे अधिक चर्चा और चिंता के केंद्र में आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस (एआई) ही है, लेकिन विश्व श्रम संगठन (आइएलओ) के आंकड़ों के साथ व‌र्ल्ड इकोनॉमिक फोरम (डब्ल्यूईएफ) द्वारा जारी रिपोर्ट कहती है कि विश्व श्रम बाजार को तकनीकी दखल के सहित ही कई अन्य कारक भी बड़े पैमाने पर प्रभावित करने जा रहे हैं।

    विज्ञापन हटाएं सिर्फ खबर पढ़ें

    इस रिपोर्ट में अनुमान जताया गया है कि वर्ष 2025 से 2030 यानी अगले पांच वर्ष में विश्व में वर्तमान नौकरियों के दृष्टिकोण से कुल 22 प्रतिशत नौकरियां प्रभावित होंगी। इनमें 17 करोड़ नए अवसर तैयार होंगे, जबकि 9.2 करोड़ नौकरियों के खत्म होने का आकलन है। इसके बावजूद रोजगार में सात प्रतिशत की शुद्ध वृद्धि का अनुमान है।

    2030 तक आएंगे कई बदलाव

    • उद्योग, निवेश, रोजगार और कौशल विकास के विभिन्न पहलुओं पर व‌र्ल्ड इकोनॉमिक फोरम के मंच पर दावोस में चर्चा शुरू हो चुकी है। इस बीच डब्ल्यूईएफ की ताजा रिपोर्ट 'फ्यूचर आफ जॉब्स रिपोर्ट-2025' वैश्विक श्रम बाजार के संभावित बदलावों और चुनौतियों की ओर ध्यान आकृष्ट कर रही है।
    • इस रिपोर्ट में वर्ष 2030 तक विश्व श्रम बाजार के अनुमानित बदलावों के लिए पांच कारकों को मुख्यत: उल्लेखित किया गया है।
    • इनमें तकनीकी परिवर्तन, वैश्विक आर्थिक अनिश्चितता, जनसांख्यिकीय बदलाव, ग्रीन ट्रांजिशन और भू-आर्थिक चुनौतियां शामिल हैं। विशेषज्ञों ने माना है कि कामकाज में डिजिटल एक्सेस सबसे अधिक परिवर्तन लाने वाला साबित हो सकता है।
    • 60 प्रतिशत नियोक्ताओं को उम्मीद है कि यह 2030 तक उनके व्यवसाय को बदल देगा। इसमें विशेष रूप से एआई, सूचना प्रौद्योगिकी, रोबोटिक्स, आटोमोटिव आदि की भूमिका होगी।
    • इनका नौकरियों पर अलग-अलग प्रभाव पड़ने की उम्मीद है। जीवनयापन की बढ़ती लागत कुल मिलाकर दूसरा सबसे परिवर्तनकारी कारक माना जा रहा है।

    2030 तक 42 फीसदी कारोबार में आएगा बदलाव

    50 प्रतिशत नियोक्ताओं को उम्मीद है कि यह वैश्विक मुद्रास्फीति में अनुमानित कमी के बावजूद 2030 तक उनके व्यवसाय को बदल देगा। इससे 42 प्रतिशत व्यवसायों में बदलाव आने की उम्मीद है। मुद्रास्फीति के कारण शुद्ध रोजगार सृजन को लेकर दृष्टिकोण मिश्रित है, जबकि धीमी आर्थिक वृद्धि से वैश्विक स्तर पर 16 लाख नौकरियों के खत्म होने की उम्मीद है।

    जलवायु परिवर्तन भी होगा व्यवसाय में बदलाव का कारण

    जलवायु परिवर्तन को लेकर 41 प्रतिशत नियोक्ताओं ने व्यवसाय में बदलाव की उम्मीद जताई है। इससे अक्षय ऊर्जा इंजीनियरों, पर्यावरण इंजीनियरों और इलेक्टि्रक और आटोनोमस व्हीकल विशेषज्ञों जैसी भूमिकाओं की मांग बढ़ेगी। इसी तरह रिपोर्ट में कहा गया है कि दो जनसांख्यिकीय बदलाव वैश्विक अर्थव्यवस्थाओं और श्रम बाजारों को तेजी से बदल रहे हैं।

    काम और उम्र को लेकर क्या है अनुमान?

    • उम्र बढ़ने और काम करने की उम्र वाली आबादी में कमी मुख्य रूप से उच्च आय वाली अर्थव्यवस्थाओं में देखी गई है, जबकि काम करने की उम्र वाली आबादी में वृद्धि मुख्य रूप से निम्न आय वाली अर्थव्यवस्थाओं में दिख रही है।
    • उम्र बढ़ने वाली आबादी नर्सिंग पेशेवरों जैसी स्वास्थ्य सेवा नौकरियों में वृद्धि को बढ़ावा देगी, जबकि कामकाजी उम्र वाली आबादी में वृद्धि शिक्षा से संबंधित व्यवसायों जैसे उच्च शिक्षा शिक्षकों में वृद्धि को प्रोत्साहित कर सकती है। इसी तरह भू-आर्थिक चुनौतियों का भी अपना प्रभाव होगा।

    तेजी से बढ़ते रोजगार के क्षेत्र

    • बिग डाटा स्पेशलिस्ट
    • फिनटेक इंजीनियर
    • एआई और मशीन लर्निंग स्पेशलिस्ट
    • सॉफ्टवेयर और एप्लीकेशन डेवलपर
    • सिक्योरिटी मैनेजमेंट स्पेशलिस्ट
    • डाटा वेयरहाउसिंग स्पेशलिस्ट
    • आटोनोमस और इलेक्ट्रिक व्हीकल स्पेशलिस्ट
    • यूआई और यूएक्स डिजाइनर
    • हल्के ट्रक और डिलीवरी सर्विस ड्राइवर
    • डाटा एनालिस्ट और साइंटिस्ट
    • एनवायर्नमेंटल इंजीनियर
    • इन्फॉर्मेशन सिक्योरिटी एनालिस्ट
    • डेवप्स इंजीनियर
    • रिन्यूएबल एनर्जी इंजीनियर

    तेजी से घटते रोजगार के क्षेत्र

    • पोस्टल सर्विस क्लर्क
    • बैंक टैलर और संबंधित क्लर्क
    • डाटा एंट्री क्लर्क
    • कैशियर और टिकट क्लर्क
    • प्रशासनिक सहायक और कार्यकारी सचिव
    • प्रिंटिंग और उससे संबंधित कारोबार के कर्मचारी
    • मैटेरियल, रिकॉर्डिंग और स्टाक कीपिंग क्लर्क
    • ट्रांसपोर्टेशन अटेंडेंट और कंडक्टर
    • डोर टू डोर सेल्स सर्विस वर्कर
    • स्ट्रीट वेंडर
    • ग्राफिक डिजाइनर
    • क्लेम एडजस्टर
    • एग्जामिनर और इन्वेस्टिगेटर
    • लीगल आफिशियल
    • लीगल सेक्रेटरी
    • टेलीमार्केटर

    इनमें भी बढ़ोतरी की उम्मीद

    रिपोर्ट के अनुसार, फ्रंटलाइन जॉब रोल्स में सबसे अधिक वृद्धि देखने को मिलेगी। इनमें फार्मवर्कर, डिलीवरी ड्राइवर, निर्माण श्रमिक, सेल्सपर्सन, फूड प्रोसेसिंग कर्मी, नर्सिंग प्रोफेशनल, समाज सेवा, काउंसलिंग प्रोफेशनल, पर्सनल केयर एड्स।