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वियतनाम पर US टैरिफ के खिलाफ टेस्ला और सैमसंग, मगर क्यों? बहुत खास चीजें बनाता है ये देश

Published: Mon, 02 Nov 2026 08:53 AM (IST)

अमेरिकी सरकार ने वियतनामी सामानों पर नए टैरिफ लगाए हैं, जिस पर टेस्ला और सैमसंग जैसी बड़ी कंपनियों में मतभेद ...और पढ़ें

टेस्ला-सैमसंग वियतनाम पर यूएस टैरिफ के खिलाफ

टेस्ला-सैमसंग वियतनाम पर यूएस टैरिफ के खिलाफ

HighLights

  1. अमेरिकी सरकार ने वियतनामी सामानों पर लगा रखे हैं टैरिफ

  2. टेस्ला और सैमसंग टैरिफ के खिलाफ

  3. अमेरिका ने वियतनाम को बौद्धिक संपदा उल्लंघन पर घेरा

बिजनेस डेस्क, नई दिल्ली। अमेरिकी सरकार ने मई में वियतनामी सामानों पर नए टैरिफ लगाए हैं। मगर इस मुद्दे पर कई बड़ी कंपनियों के बीच मतभेद हैं। टेस्ला और सैमसंग इसके पक्ष में नहीं हैं, जबकि कुछ अन्य कंपनियों ने पेनल्टी लगाने की मांग की है। ट्रम्प प्रशासन ने मई में वियतनाम के खिलाफ बौद्धिक संपदा (IP) के उल्लंघन की जांच शुरू की थी, जिसे पूरा करने के लिए 29 नवंबर की समय-सीमा तय की गई है।
अमेरिका ने वियतनाम को "प्राथमिकता वाला विदेशी देश" (priority foreign country) घोषित किया है। पिछले 13 वर्षों में यह पहला मामला है जब किसी देश को अमेरिका की सबसे गंभीर निगरानी सूची में शामिल किया गया।

अमेरिका का वियतनाम पर आरोप

अमेरिका ने वियतनाम पर आरोप लगाया है कि वह बौद्धिक संपदा की सुरक्षा और उसे लागू करने से जुड़ी पुरानी चिंताओं को दूर करने में लगातार विफल रहा है। इसके अलावा, वहां उत्पादन क्षमता के जरूरत से ज्यादा होने के आरोपों की भी अलग से जांच चल रही है। वियतनाम ने अमेरिका से आग्रह किया है कि वह अपनी जांच निष्पक्ष तरीके से करे।

यह अभी स्पष्ट नहीं है कि इंटेलेक्चुअल प्रॉपर्टी उल्लंघन से जुड़े टैरिफ सभी सामानों पर लागू होंगे या किसी विशेष क्षेत्र (सेक्टर) तक सीमित रहेंगे। फिलहाल, अमेरिका वियतनामी सामानों पर 12.5% का सामान्य टैरिफ लगाता है। यह टैरिफ जुलाई में तब लगाया गया था, जब जबरन श्रम (forced labour) से बने सामानों के आयात को रोकने में विफलता के आरोपों की जांच की गई थी।

20% टैरिफ लगाने का प्रयास

वियतनाम पर लंबे समय से यह आरोप लगता रहा है कि वह चाइनीज सामानों के लिए एक ट्रांजिट हब के रूप में काम करता है। ट्रम्प प्रशासन के दौरान इस पर 20% टैरिफ लगाने का प्रयास किया गया था, जिसे बाद में सुप्रीम कोर्ट ने रद्द कर दिया था।
कई अर्थशास्त्रियों का मानना है कि ट्रम्प प्रशासन का मकसद कम से कम उतना ही टैरिफ फिर से लागू करना है, जिसे सुप्रीम कोर्ट ने हटा दिया था।

टेस्ला और सैमसंग की दलील

एलन मस्क की टेस्ला ने अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि से आग्रह किया कि वे अमेरिकी निर्माताओं की सप्लाई चेन संबंधी जरूरतों को ध्यान में रखें। टेस्ला ने कहा था कि अमेरिका में उत्पादन के लिए भारी निवेश के बावजूद, कुछ एडवांस्ड पुर्जे और सटीक मैन्युफैक्चरिंग इक्विपमेंट घरेलू स्तर पर उपलब्ध नहीं हैं।
सैमसंग की अमेरिकी इकाई ने भी कुछ ऐसा ही तर्क दिया। कंपनी ने बताया कि अमेरिकी बाजार के लिए सैमसंग के स्मार्टफोन और नेटवर्क इक्विपमेंट्स का एक बड़ा हिस्सा वियतनाम में ही तैयार होता है। दक्षिण कोरियाई कंपनी सैमसंग वियतनाम में सबसे बड़ी विदेशी निवेशक है, जिसने वहां लगभग 25 अरब डॉलर का निवेश किया है।

ये लोग वियतनाम के खिलाफ

अमेरिका में स्टील, सीफूड, प्लाईवुड, सोलर पैनल और लकड़ी के उत्पादों से जुड़े उद्योग समूहों ने वियतनाम पर अनुचित व्यापार तौर-तरीके अपनाने का आरोप लगाया है और नए टैरिफ लगाने की मांग की। सॉफ्टवेयर, फिल्म और संगीत उद्योग से जुड़े कॉपीराइट धारकों ने वाशिंगटन से आग्रह किया कि वह वियतनाम से बड़े पैमाने पर हो रही पायरेसी को रोकने के लिए ठोस वादे ले।

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