UP DA Hike News: योगी सरकार का दीवाली तोहफा, यूपी कर्मचारियों का महंगाई भत्ता 3% बढ़ाया; 1 जुलाई 2026 से लागू
उत्तर प्रदेश सरकार ने राज्य कर्मचारियों का महंगाई भत्ता 3% बढ़ाकर 63% कर दिया है, जो 1 जुलाई, 2026 से ...और पढ़ें

यूपी सरकार ने महंगाई भत्ता 3% बढ़ाया, अब 63% हुआ।
HighLights
यूपी सरकार ने महंगाई भत्ता 3% बढ़ाया, अब 63% हुआ।
बढ़ा हुआ डीए 1 जुलाई, 2026 से प्रभावी, नवंबर में भुगतान।
लाखों राज्य कर्मचारियों को मिलेगा लाभ, बकाया भुगतान की व्यवस्था।
नई दिल्ली। UP DA Hike News: उत्तर प्रदेश सरकार ने राज्य कर्मचारियों, सहायता प्राप्त शिक्षण एवं प्राविधिक शिक्षण संस्थानों, शहरी स्थानीय निकायों के नियमित एवं पूर्णकालिक कर्मचारियों, कार्य प्रभारित कर्मचारियों तथा यूजीसी वेतनमान के तहत वेतन पाने वाले कर्मचारियों का महंगाई भत्ता (DA Hike) तीन प्रतिशत बढ़ा दिया है।
अब इन कर्मचारियों को 60 प्रतिशत के बजाय 63 प्रतिशत महंगाई भत्ता मिलेगा। बढ़ी हुई दर एक जुलाई, 2026 से प्रभावी होगी। इस संबंध में शासनादेश शनिवार को जारी किया गया। बढ़े हुए महंगाई भत्ते का भुगतान नवंबर, 2026 के नियमित वेतन के साथ किया जाएगा। सरकार के इस फैसले से प्रदेश के लाखों कर्मचारियों को लाभ मिलेगा।
सरकार के बयान के मुताबिक, इस फैसले से नियमित कर्मचारियों के अलावा सहायता प्राप्त शिक्षण संस्थानों, शहरी स्थानीय निकायों और अन्य पात्र श्रेणियों के कर्मचारियों को भी लाभ होगा।
कैसे होगा बकाया का भुगतान
शासनादेश के अनुसार, एक जुलाई से 31 अक्टूबर, 2026 तक की अवधि के बढ़े हुए महंगाई भत्ते के बकाये के भुगतान के लिए अलग-अलग श्रेणियों के कर्मचारियों के वास्ते व्यवस्था तय की गई है।
सामान्य भविष्य निधि (जीपीएफ) से जुड़े कर्मचारियों के मामले में आयकर और अधिभार की कटौती के बाद बकाये की राशि निर्धारित सीमा के तहत उनके भविष्य निधि खाते में जमा की जाएगी। यह राशि एक नवंबर, 2027 तक खाते में जमा रहेगी।
NPS से जुड़े कर्मचारियों को ऐसे किया जाएगा भुगतान
राष्ट्रीय पेंशन प्रणाली (एनपीएस) से जुड़े कर्मचारियों के मामले में बकाये की 10 प्रतिशत राशि उनके टियर-1 पेंशन खाते में जमा की जाएगी। इसके अलावा राज्य सरकार नियोक्ता के रूप में बकाये की 14 प्रतिशत राशि के बराबर अंशदान भी टियर-1 खाते में जमा करेगी।
टियर-1 खाता राष्ट्रीय पेंशन प्रणाली (एनपीएस) का मुख्य पेंशन खाता होता है। इसमें कर्मचारी और सरकार (नियोक्ता) दोनों की ओर से अंशदान जमा किया जाता है। शेष 90 प्रतिशत राशि कर्मचारी के सार्वजनिक भविष्य निधि (पीपीएफ) खाते में जमा कराई जाएगी या राष्ट्रीय बचत प्रमाणपत्र (एनएससी) के रूप में दी जाएगी। एनएससी उपलब्ध नहीं होने की स्थिति में संबंधित राशि नकद दी जाएगी।
सरकार ने सेवानिवृत्त और अगले छह महीने में सेवानिवृत्त होने वाले कर्मचारियों के लिए विशेष व्यवस्था की है। शासनादेश जारी होने से पहले जिन कर्मचारियों की सेवाएं समाप्त हो चुकी हैं, जो एक जुलाई, 2026 से शासनादेश जारी होने की तारीख के बीच सेवानिवृत्त हुए हैं या अगले छह महीने में सेवानिवृत्त होने वाले हैं, उन्हें महंगाई भत्ते के बकाये की पूरी राशि नकद दी जाएगी।
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