Coca-Cola IPO: शेयर बाजार में दस्तक देने जा रही कोका-कोला की भारतीय कंपनी, SEBI के पास जमा किए IPO के दस्तावेज
कोका-कोला की भारतीय बॉटलिंग इकाई हिंदुस्तान कोका-कोला होल्डिंग्स लिमिटेड (HCCH) ने आईपीओ के लिए SEBI के पास DRHP दाखिल किया ...और पढ़ें

कोका-कोला की भारतीय बॉटलिंग इकाई HCCH ला रही IPO।
HighLights
कोका-कोला की भारतीय बॉटलिंग इकाई HCCH ला रही IPO।
SEBI के पास ड्राफ्ट रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस दाखिल किया गया।
यह आईपीओ पूरी तरह से ऑफर फॉर सेल (OFS) होगा।
बिजनेस डेस्क, नई दिल्ली। Coca-Cola IPO: दुनिया की दिग्गज सॉफ्ट ड्रिंक कंपनी कोका-कोला (Coca-Cola) भारत में अपने बॉटलिंग कारोबार को शेयर बाजार में लाने की तैयारी कर रही है। कंपनी की होल्डिंग इकाई हिंदुस्तान कोका-कोला होल्डिंग्स लिमिटेड (HCCH) ने प्रस्तावित आईपीओ के लिए भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (SEBI) के पास ड्राफ्ट रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस (DRHP) जमा कर दिया है।
इस आईपीओ के तहत कंपनी के प्रमोटर हिंदुस्तान कोका-कोला ओवरसीज होल्डिंग्स पीटीई लिमिटेड अपने 99.75 करोड़ तक इक्विटी शेयर बिक्री के लिए पेश करेंगे। प्रत्येक शेयर की फेस वैल्यू 10 रुपये रखी गई है। यह पूरी तरह ऑफर फॉर सेल (OFS) होगा। यानी आईपीओ से मिलने वाला पूरा पैसा कंपनी को नहीं, बल्कि शेयर बेचने वाले प्रमोटर को मिलेगा।
किसके पास कितनी हिस्सेदारी?
फिलहाल HCCH में हिंदुस्तान कोका-कोला ओवरसीज होल्डिंग्स पीटीई लिमिटेड की 60 फीसदी हिस्सेदारी है। वहीं, जुबिलेंट बेवरेजेज लिमिटेड के पास बाकी 40 फीसदी शेयर हैं। जुलाई 2025 में जुबिलेंट बेवरेजेज भी HCCH के प्रमोटरों में शामिल हुई थी।
हिंदुस्तान कोका-कोला बेवरेजेज भारत में कोका-कोला के सबसे बड़े बॉटलिंग पार्टनर्स में से एक है। कंपनी के पोर्टफोलियो में कोका-कोला, थम्स अप, स्प्राइट, फैंटा, लिम्का, मॉन्स्टर, श्वेप्स, किनले, माजा और मिनट मेड जैसे लोकप्रिय ब्रांड शामिल हैं।
क्यों आईपीओ ला रही है कोका-कोला?
कोका-कोला का यह कदम उसकी वैश्विक कारोबारी रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है। कंपनी धीरे-धीरे बॉटलिंग जैसे भारी निवेश वाले कारोबार से अपनी सीधी हिस्सेदारी कम करना चाहती है। इसके बजाय वह फ्रेंचाइजी आधारित और कम संपत्ति वाले बिजनेस मॉडल पर ज्यादा ध्यान दे रही है।
इससे पहले द कोका-कोला कंपनी के चीफ फाइनेंशियल ऑफिसर (CFO) जॉन मर्फी ने जुलाई-सितंबर तिमाही के नतीजों पर निवेशकों से बातचीत के दौरान कहा था कि कंपनी भारत में अपने बॉटलिंग कारोबार के संभावित आईपीओ पर विचार कर रही है।
कंपनी के मुनाफे और कमाई का हाल
HCCH के वित्तीय नतीजों में भी बदलाव देखने को मिला है। अप्रैल-जून तिमाही में कंपनी का शेयरधारकों के हिस्से का संशोधित मुनाफा 408.45 करोड़ रुपये रहा। एक साल पहले इसी अवधि में यह 1,054.4 करोड़ रुपये था।
हालांकि, जून तिमाही में कंपनी की ऑपरेशन से होने वाली आय 17 फीसदी बढ़कर 4,310.17 करोड़ रुपये पहुंच गई।
वित्त वर्ष 2025-26 में कंपनी का रेवेन्यू 11,663.24 करोड़ रुपये रहा, जबकि वित्त वर्ष 2024-25 में यह 12,869.54 करोड़ रुपये था। इस तरह सालाना आधार पर कंपनी की आय में करीब 9 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई।
कंपनी ने DRHP में बताया है कि कई वर्षों से चल रही बॉटलिंग कारोबार की फ्रेंचाइजी व्यवस्था में बदलाव की प्रक्रिया के कारण उसके कारोबार और संचालन में भी बदलाव हुए हैं।
कौन संभालेगा आईपीओ की जिम्मेदारी?
इस आईपीओ के लिए कोटक इन्वेस्टमेंट बैंकिंग, सिटी ग्लोबल मार्केट्स इंडिया, जेपी मॉर्गन इंडिया, मॉर्गन स्टेनली इंडिया, एक्सिस कैपिटल, गोल्डमैन सैक्स इंडिया और आईआईएफएल कैपिटल सर्विसेज को बुक रनिंग लीड मैनेजर नियुक्त किया गया है।
फिलहाल कंपनी ने आईपीओ के लिए DRHP दाखिल किया है। इसका मतलब है कि अभी आईपीओ की प्रक्रिया शुरुआती चरण में है। शेयरों का प्राइस बैंड, आईपीओ की तारीख और निवेशकों के लिए अन्य जानकारियां आगे सामने आएंगी।
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(डिस्क्लेमर: यहां शेयर बाजार की जानकारी दी गयी है, निवेश की सलाह नहीं। जागरण बिजनेस निवेश की सलाह नहीं दे रहा है। स्टॉक मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है, इसलिए निवेश करने से पहले किसी सर्टिफाइड इन्वेस्टमेंट एडवाइजर से परामर्श जरूर करें।)
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