दूरसंचार कंपनियों पर ट्राई का चला डंडा, 150 करोड़ का ठोका जुर्माना; कर रहीं थी ये मनमानी
दूरसंचार नियामक ट्राई ने स्पैम कॉल और मैसेज रोकने में विफल रहने पर दूरसंचार कंपनियों पर 150 करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया है। यह जुर्माना 2020 से 2023 ...और पढ़ें

नई दिल्ली। दूरसंचार नियामक ट्राई ने स्पैम काल और मैसेज पर रोक लगाने में नाकाम रहने पर दूरसंचार कंपनियों पर 150 करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया है। 2020 से 2023 की समयावधि के लिए यह जुर्माना लगाया गया है और इस पेनाल्टी को दूरसंचार कंपनियों ने चुनौती दी है।
ट्राई ने पिछले साल 21 लाख से ज्यादा स्पैमर्स (स्पैम काल करने वाले) के नंबर को डिसकनेक्ट किया है और एक लाख से ज्यादा संस्थाओं को कालीसूची में डाला है।
ट्राई द्वारा 13 अगस्त, 2024 को जारी किए गए निर्देश के बाद, सितंबर 2024 में लगभग 18.8 लाख स्पैमर्स के कनेक्शन डिस्कनेक्ट किए गए और 1,150 से ज्यादा संस्थाओं को ब्लैकलिस्ट में डाला गया।
ट्राई ने एक डीएनडी एप शुरू किया है, जिससे यूजर्स सिर्फ चार से छह क्लिक में शिकायत दर्ज करा सकते हैं। हालांकि रजिस्टर्ड टेलीमार्केटर्स पर कड़े नियम लागू हैं, लेकिन अब ज्यादातर स्पैम काल 10 अंकों वाले मोबाइल नंबर इस्तेमाल करने वाले गैर पंजीकृत लोगों की तरफ से आते हैं।
नियामक ने शिकायत करने की समयसीमा भी तीन से बढ़ाकर सात दिन कर दी है। इसका मतलब यह है कि कोई सब्सक्राइबर काल या एसएमएस मिलने के सात दिनों के अंदर परेशान करने वालों के खिलाफ शिकायत दर्ज करा सकता है। ट्राई ने स्पैमर्स के खिलाफ एक्शन लेने के मानदंड भी कड़े कर दिए हैं। अब पिछले 10 दिनों में स्पैम काल या एसएमएस भेजने वालों के खिलाफ पांच शिकायतें उनके खिलाफ एक्शन लेने के लिए काफी हैं। नि
यामक ने बैंकिंग, वित्तीय सेवाओं बीमा क्षेत्र से जुड़ी संस्थाओं द्वारा लेनदेन और सर्विस काल के लिए और सरकारी संस्थाओं द्वारा नागरिकों को काल के लिए प्रीफिक्स के तौर पर 1,600 सीरीज नंबर के इस्तेमाल को जरूरी कर दिया है। नियमित 10 अंकों वाले मोबाइल नंबर से किसी तरह के प्रमोशनल काल की अनुमति नहीं है।

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