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    तंबाकू प्रोडक्ट्स पर अब 66% टैक्स, 10 वाली सिगरेट होगी 4 रुपये महंगी, क्या बीड़ी के दाम भी बढ़ेंगे?

    Updated: Fri, 02 Jan 2026 06:21 PM (IST)

    1 फरवरी से सिगरेट समेत अन्य तंबाकू उत्पादों पर नई एक्साइज ड्यूटी और नया उपकर लागू होने से इन चीजों पर टैक्स का बोझ बढ़कर 66 फीसदी हो जाएगा। ऐसे में एक ...और पढ़ें

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    नई दिल्ली। सिगरेट-पान मसाला और तंबाकू उत्पादों (New Tax on Tobacco Products) पर नई सेंट्रल एक्साइज ड्यूटी और नए सेस से तंबाकू पदार्थ बनाने वाली कंपनियों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। वहीं, तंबाकू और सिगरेट का सेवन करने वाले लोगों की मुश्किलें भी बढ़ सकती हैं क्योंकि कंपनियां सिगरेट समेत अन्य टोबैको प्रोडक्ट्स के दाम बढ़ा सकती हैं। दरअसल, वित्त मंत्रालय की अधिसूचना के अनुसार, 1 फरवरी से एडिशनल एक्साइज ड्यूटी और नया उपकर लागू होगा। इसके बाद तंबाकू प्रोडक्ट्स पर टैक्स की दरें काफी बढ़ जाएंगी।

    वित्त मंत्रालय के सूत्रों के अनुसार, "सिगरेट पर नए टैक्स स्ट्रक्चर में 40% GST + नई सेंट्रल एक्साइज ड्यूटी + मौजूदा NCCD (National Calamity Contingent Duty) शामिल होगा।" ऐसे में तंबाक प्रोडक्ट्स पर टैक्स की दरें, मौजूदा 54% से और ज्यादा हो जाएंगी। आइये आपको बताते हैं कि सिगरेट समेत अन्य तंबाकू प्रोडक्ट्स पर टैक्स का भार कितना बढ़ेगा?

    सिगरेट और तंबाकू पर कुल कितना टैक्स लगेगा?

    31 दिसंबर 2025 के गजट नोटिफिकेशन में दिए गए डेटा के अनुसार, सिगरेट पर टैक्स का बोझ बढ़कर 66% तक होने की संभावना है। ऐसे में तंबाकू प्रोडक्ट्स बनाने वाली कंपनियों की प्रॉफेटिबिलिटी पर बड़ा असर होगा।

    कितनी महंगी होगी सिगरेट?

    अगर सिगरेट समेत अन्य तंबाकू प्रोडक्ट्स बनाने वाली कंपनीज टैक्स में हुई बढ़ोतरी को पूरी तरह से प्रोडक्ट पर डाल देती हैं, तो एक औसत सिगरेट की कीमत में लगभग 34% की बढ़ोतरी होने की उम्मीद है। ऐसे में 10 रुपये वाली सिगरेट 3.40 रुपये महंगी हो जाएगी और रिटेल में यह 14 रुपये तक बिक सकती है यानी सीधे-सीधे आपको 10 रुपये वाली सिगरेट के लिए 14 रुपये चुकाने होंगे।

    क्या बीड़ी के दाम भी बढ़ेंगे?

    हालांकि, सरकार की ओर से जारी नोटिफिकेशन में बीड़ी के बारे में कोई बात नहीं की गई है। याद रखें कि बीड़ी पर अब पहले के मुकाबले कम GST (18%) लेकिन एक्साइज़ ड्यूटी(10%) ज्यादा है, जिससे कुल टैक्स का बोझ पहले जैसा ही है। इसकी घोषणा वित्त मंत्री ने दोनों सदनों में सेंट्रल एक्साइज़ (अमेंडमेंट) बिल, 2025 पर चर्चा के दौरान अपने भाषण में की थी। बीड़ी पर टैक्स की दरें एक्साइज़ स्पेसिफिक से एड वैलोरम आधार पर शिफ्ट हो गई हैं।

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    RSP-आधारित GST बीड़ी को छोड़कर सभी बड़े तंबाकू प्रोडक्ट्स पर लागू होता है। यह अभी साफ़ नहीं है और जब सरकार इसे पब्लिक करेगी, तो सिगरेट पर कुल टैक्स बढ़ोतरी में कुछ छोटे-मोटे बदलाव हो सकते हैं।

    क्या भारत में सिगरेट पर कम टैक्स लगता है?

    सिगरेट समेत अन्य तंबाकू प्रोडक्ट्स पर एक्साइज ड्यूटी बढ़ाने और नया उपकर लगाने के पीछे सरकार की दलील है कि अन्य देशों के मुकाबले भारत में सिगरेट पर ड्यूटी काफी कम है। UK और ऑस्ट्रेलिया में सिगरेट पर 80-85 फीसदी टैक्स लगता है, जबकि भारत में सिगरेट पर करीब 53 फीसदी की ड्यूटी है। वहीं, यूरोपियन देशों में सिगरेट पर 75-80 टैक्स लगता है। WHO स्टैंडर्ड के अनुसार, सिगरेट पर 75 फीसदी ड्यूटी जरूरी है।