फुटवियर के गुणवत्ता नियम पर अभी अमल नहीं, 6 महीने का लग सकता है समय
जुलाई के पहले तारीख से सरकार ने बीआईएस की तरफ से जारी फुटवियर पर गुणवत्ता नियम को लागू कर दिया है लेकिन अभी तक इस फैसले पर अमल शुरू नहीं हो पाया है। जिसकी वजह से मार्केट में फिलहाल बीआईएस मार्क वाले फुटवियर नहीं आए हैं। फुटवियर निर्माताओं के मुताबिक फुटवियर के क्वालिटी कंट्रोल का अभी मानक ही तय नहीं हुआ है।

नई दिल्ली, राजीव कुमार: एक जुलाई से सरकार ने भारतीय मानक ब्यूरो (बीआईएस) की तरफ से जारी फुटवियर पर गुणवत्ता नियम को लागू तो कर दिया, लेकिन इस नियम पर अभी अमल शुरू नहीं हो पाया है। बाजार में बीआईएस मार्क वाले फुटवियर अभी नहीं आए हैं।
फुटवियर निर्माताओं ने नाम नहीं छापने की शर्त पर बताया कि रोजाना इस्तेमाल होने वाले फुटवियर के क्वालिटी कंट्रोल का अभी मानक (स्टैंडर्ड) ही तय नहीं हुआ है।
6 महीने का लग सकता है समय
रोजाना इस्तेमाल होने वाले फुटवियर के स्टैंडर्ड को लेकर फुटवियर निर्माताओं व बीआईएस अधिकारियों के बीच शुक्रवार को बैठक आयोजित की गई। फुटवियर निर्माताओं के मुताबिक बीआईएस के क्वालिटी कंट्रोल नियम को लागू होने में छह माह लग जाएंगे। गत एक जुलाई से सिर्फ सेफ्टी से जुड़े फुटवियर, आर्मी व बर्फ वाले फुटवियर पर क्वालिटी कंट्रोल का नियम लागू हो पाया है।
लाइसेंस प्रक्रिया में लगता है समय
फुटवियर निर्माताओं ने बताया कि क्वालिटी कंट्रोल के नियम के तहत फुटवियर निर्माण के लिए उन्हें बीआईएस से लाइसेंस लेना होगा और इस प्रक्रिया में ही तीन से चार महीने लग जाते हैं। निर्माताओं ने बताया कि वैसे भी नियम के लागू होने के बाद उसके पालन के लिए छह माह का समय दिया जाता है।
गत 14 जून को वाणिज्य व उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने कहा था कि फुटवियर को लेकर भारतीय मानक ब्यूरो (बीआईएस) की तरफ से जारी गुणवत्ता नियम आगामी एक जुलाई से ही लागू होंगे।
इन निर्माताओं को करना होगा पालन
एक जुलाई से सालाना 50 करोड़ से अधिक टर्नओवर वाले फुटवियर निर्माताओं के लिए यह नियम लागू होना था। सालाना 50 करोड़ से कम और पांच करोड़ से ज्यादा टर्नओवर वाले निर्माताओं को एक जनवरी, 2024 से गुणवत्ता नियम का पालन करना होगा तो पांच करोड़ से कम टर्नओवर वाले निर्माताओं को अगले साल जुलाई से गुणवत्ता नियम का पालन करना होगा। उद्योग जगत के मुताबिक देश में फुटवियर का कारोबार 80,000 करोड़ रुपए का है।
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