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    खत्म होने को है भारतीय स्मार्टफोन बाजार में चीन की बादशाहत, देसी कंपनियां पटखनी देने के लिए हैं तैयार

    By Pawan JayaswalEdited By:
    Updated: Tue, 18 Aug 2020 10:09 AM (IST)

    इस साल त्योहारी सीजन में Micromax के 7-20 हजार रुपए की रेंज वाले कई फोन बाजार में होंगे। PC Pexels.com

    खत्म होने को है भारतीय स्मार्टफोन बाजार में चीन की बादशाहत, देसी कंपनियां पटखनी देने के लिए हैं तैयार

    नई दिल्ली, बिजनेस डेस्क। स्मार्टफोन के भारतीय बाजार में चीन की बादशाहत खत्म होने को है। जल्द ही भारतीय कंपनियां (Indian mobile Companies) भारत में पूरी तरह से निर्मित स्मार्टफोन बाजार में लांच करने जा रही हैं। सरकार की प्रोडक्शन लिंक्ड स्कीम (PLI) की वजह से भारतीय कंपनियां चीनी कंपनियों को कीमत में टक्कर देने के लिए तैयार है। भारत के स्मार्टफोन बाजार में 70 फीसदी हिस्सेदारी चीन की चार कंपनियों की हैं। यही वजह है कि सरकार भारतीय कंपनियों को मोबाइल फोन बाजार का चैंपियन कंपनियां बनाना चाहती है। अभी स्मार्टफोन के बाजार में भारतीय कंपनियों की हिस्सेदारी नगण्य है।

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    7 से 20 हजार की रेंज के फोन उतार रही माइक्रोमैक्स

    वर्ष 2015 तक भारत के मोबाइल फोन बाजार में नंबर वन का खिताब रखने वाली कंपनी माइक्रोमैक्स (Micromax) एक बार फिर से भारतीय बाजार में कई फोन लांच करने जा रही है। कंपनी के को-फाउंडर राहुल शर्मा ने बताया कि इस साल त्योहारी सीजन में माइक्रोमैक्स का 7-20 हजार रुपए की रेंज वाले कई फोन बाजार में होंगे। माइक्रोमैक्स आगामी सितंबर में फोन लांच का क्रम शुरू करने जा रही है। कभी यूरोप और अफ्रीका के कई देशों में निर्यात करने वाली भारतीय कंपनी माइक्रोमैक्स सरकार की पीएलआइ स्कीम का लाभ लेने के लिए 500 करोड़ रुपए का निवेश करने जा रही है।

    कंपनी के पास फोन बनाने की दो मैन्यूफैक्चरिंग यूनिट भिवाड़ी और तेलंगाना में पहले से हैं जहां फोन के साथ टेलीविजन और एसी भी बनाए जाएंगे। शर्मा कहते हैं, भारतीय फोन बाजार में चीनी कंपनियों के आने से भारतीय कंपनियां इसलिए बाहर हो गई क्योंकि भारतीय कंपनियां कीमत में चीनी कंपनियों का मुकाबला नहीं कर पा रही थी। अब सरकार ने पीएलआइ के तहत 6 फीसद की जो इंसेंटिव दी है उससे वे आसानी से चीनी कंपनियों का मुकाबला कर पाएंगे।

    भारतीय फोन की डिमांड कर रहे लोग

    शर्मा ने बताया कि उनके सर्वे में यह बात सामने आई कि लोग दुकान में खरीदारी करने के दौरान भारतीय मोबाइल फोन की मांग करते हैं, लेकिन कोई भारतीय फोन उपलब्ध नहीं होने की वजह से चीनी कंपनियों के फोन खरीद लेते हैं। उन्होंने बताया कि दुनिया के कई देश अभी गैर चीनी सामान खरीदना चाहते हैं। इसलिए भारतीय कंपनियों के लिए यह बड़ा मौका है। वे फोन निर्यात की भी तैयारी कर रहे हैं। माइक्रोमैक्स की मैन्यूफैक्चरिंग यूनिट में हर महीने 20 लाख फोन बनाने की क्षमता है और कंपनी की कोशिश होगी कि उनकी यूनिट पूरी क्षमता से काम करे। वर्ष 2015 में माइक्रोमैक्स प्रतिमाह 30 लाख फोन की बिक्री करती थी। माइक्रोमैक्स के साथ लावा, कार्बन जैसी कंपनियां भी फोन लांच करने जा रही है।

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