नई दिल्ली। भारत में पब्लिक प्रोविडेंट फंड एक लोकप्रिय निवेश है। इसकी लोकप्रियता की मुख्य वजह इस निवेश का सुरक्षित होना और इस पर मिलने वाल आकर्षक रिटर्न है। लंबी अवधि के लिए जिन निवेश विकल्पों को भारत का आम निवेशक सबसे भरोसेमंद मानता है उनमें PPF मुख्य है। jagran.com की इस स्टोरी के माध्यम से हम अपने पाठकों को इस निवेश विकल्प से जुड़े 10 अहम सवालों के जबाव दे रहे हैं।

1. EPF और PPF में क्या अंतर होता है?

इम्प्लॉई प्रोविडेंट फंड यानी EPF केवल वही लोग खुलवा सकते हैं जो किसी सरकारी या निजी संस्थान में काम करते हैं। इसमें उनकी सैलरी का एक हिस्सा और एक हिस्सा नियोक्ता की ओर से जमा किया जाता है। जबकि PPF कोई भी खुलवा सकता है। इसके लिए उसका नौकरीपेशा होना कोई जरूरी शर्त नहीं है।

पढ़े, 10 वर्षों में ई-कॉमर्स सेक्टर देगा 2 करोड़ नौकरियां, लेकिन 80 लाख पारंपरिक रोजगारों पर खतरा: एचएसबीसी रिपोर्ट

2. कौन खुलवा सकता है यह खाता?

भारत का कोई भी नागरिक किसी बैंक या पोस्ट ऑफिस में PPF खाता खुलवा सकता है। NRI न तो PPF खाता खोल सकते हैं और न ही अपनी मौजूदा PPF को मैच्योरिटी के बाद बढ़वा सकते हैं। जुलाई 2003 को जारी हुए नोटिफिकेशन के तहत NRI बनने से पहले के अकाउंट को वे चालू रख सकते हैं। एचयूएफ यानी हिंदू अनडिवाइडिड फैमिली पीपीएफ अकाउंट नहीं खोल सकती है। पीपीएफ अकाउंट में किसी भी तरह की ज्वाइंट होल्डिंग नहीं हो सकती है। ये अकाउंट एक ही व्यक्ति के नाम पर खुल सकता है।

3. PPF खाते पर कितना मिलेगा ब्याज?

PPF पर मौजूदा ब्याज दर 8.1% है। PPF खाते पर ब्याज की गणना सालाना आधार पर की जाती है और साल के अंत में इसे खाताधारक के खाते में क्रेडिट कर दिया जाता है। PPF पर मिलने वाले ब्याज की गणना हर महीने की 5 तारीख से लेकर आखिरी दिन के बीच मिनिमम बैलेंस के आधार पर की जाती है। शुरूआती महीने में निवेश करना इसलिए फायदेमंद रहता है। सरकार समय समय पर इसकी समीक्षा करके इसमें बदलाव करती रहती है।

4. PPF खाते में कितना पैसा कर सकते हैं?

PPF खाते में हर साल 1.5 लाख तक का निवेश किया जा सकता है। जबकि सालाना 500 रुपए का निवेश करके आप अपने खाते को एक्टिव रख सकते हैं। PPF में किया गया निवेश पूरी तरह सुरक्षित होता है क्योंकि इसमें निवेश की गई मूल राशि और मिलने वाले ब्याज को भारत सरकार सुनिश्चित करती है। PPF की राशि को किसी भी स्थिति में कोर्ट या सरकार की ओर से जब्त नहीं कर सकता।

5. PPF निवेश पर टैक्स बेनेफिट कितना?

PPF का निवेश EEE यानी एक्सजेम्प्ट-एक्सजेम्प्ट-एक्सजेम्प्ट कैटेगरी में टैक्स फ्री होता है। यानी निवेश की गई रकम कर मुक्त आय की श्रेणी में जाएगी। मिलने वाला ब्याज भी टैक्सफ्री होगा और मैच्योरिटी पर मिलने वाली रकम भी पूरी तरह टैक्सफ्री होगी।

6. कब निकाल सकते हैं PPF खाते से पैसा?

PPF से निकासी इस बात पर निर्भर करती है कि अकाउंट कितने वर्ष एक्टिव रहा है। पूर्ण राशि की निकासी 15 वर्ष पूरे होने पर ही की जा सकती है। पहली निकासी अकाउंट खोलने के 7 वर्षों में कर सकते हैं। निकासी की न्यूनतम राशि चार साल की जमा राशि का 50 फीसदी या फिर पिछले साल के शेष बैलेंस का 50 फीसदी हो सकता है। एक वित्तीय वर्ष में केवल एक ही बार निकासी की जा सकती है।

पढ़े, इस तरह आप बचा सकते हैं 38,625 रुपये का इंकम टैक्स

7. मैच्योरिटी से पहले PPF खाता बंद करना हो तो?

एक अप्रैल 2016 को सरकारी की ओर से दिए गए नोटिफिकेशन के बाद से PPF खाता स्पेशल केस में ही बंद हो सकता है जैसे कि गंभीर बीमारी, बच्चे की पढ़ाई आदि। इसमें ब्याज का भुगतान करते समय 1 फीसदी की पेनल्टी लगाई जाएगी

8. PPF खाते पर लोन मिल जाता है?

अकाउंट खोलने के तीसरे और छठे महीने के बीच ही लोन लिया जा सकता है। PPF पर मौजूदा ब्याज दर से 2 फीसदी अतिरिक्त ब्याज लगाया जाता है। इसमें रिपेमेंट की समय अवधि 24 महीने होती है। लोन का भुगतान या तो मासिक तौर पर या फिर लंप सम में किया जा सकता है। PPF अकाउंटधारक दो साल पहले के अकाउंट बैलेंस का 25 फीसदी अमाउंट तक का लोन ले सकता है।

9. अगर 15 साल के बाद भी बढ़ानी हो PPF खाते की समयावधि?

PPF खाते की समयावधि को 15 साल का समय पूरा होने के बाद 5 वर्ष के लिए बढ़वा सकते हैं। समय अवधि बढ़ावे ने पर किसी तरह की कोई लिमिट नहीं है। 5 वर्ष की एक्टेंशन की प्रक्रिया के पूरा होने पर अगली एक्सटेंशन के आवेदन किया जा सकता है। इस तरह PPF का खाता हमेशा एक्टिव रखा जा सकता है। एक्सटेंशन की अर्जी दो तरह की होती है।

पहली- बिना किसी योगदान के एक्सटेंशन मतलब इसमें जबतक अकाउंट बंद नहीं होता तबतक बैलेंस पर मौजूदा दरों के हिसाब से ब्याज लगता रहेगा। बिना किसी योगदान के एक्सटेंशन की स्थिति में साल में एक बार कितनी भी राशि की निकासी की जा सकती है। दूसरी, योगदान के बाद एक्सटेंशन– इस स्थिति में एक्सटेंडिड पिरियड की शुरुआत में बैलेंस का 60 फीसदी निकाल सकते हैं।

10. अगर PPF खाताधारक की मृत्यु हो गई तो?

PPF अकाउंट में नोमिनेशन फाइल करना अनिवार्य है। 15 साल पूरे न होने पर भी अकाउंटधारक की मृत्यु के बाद अकाउंट बंद किया जा सकता है। और राशि नॉमिनी को दे दी जाती है। नॉमिनेशन न होने की स्थिति में राशि उत्तराधिकारी को दे दी जाएगी। साथ ही खाता बंद करना न चाहें तो मैच्योरिटी तक उसे एक्टिक रखें। जमा राशि पर ब्याज मिलता रहेगा, लेकिन इसमें कोई नया योगदान नहीं किया जा सकता।

Posted By: Shilpa Srivastava