सुजलॉन करने जा रही नया धमाका! लगाएगी तीन नए AI विंड ब्लेड प्लांट; 15000 लोगों को मिलेगा रोजगार
सुजलॉन ग्रुप देश में पवन ऊर्जा उपकरणों की बढ़ती मांग को पूरा करने के लिए ₹550 करोड़ के निवेश से ...और पढ़ें

सुजलॉन का मेगा प्लान (AI फोटो)
HighLights
सुजलॉन ₹550 करोड़ से तीन नए कारखाने लगाएगा
ये AI-आधारित पवन टर्बाइन ब्लेड संयंत्र होंगे
गुजरात, कर्नाटक, तमिलनाडु में 15,000 रोजगार सृजित होंगे
एजेंसी, नई दिल्ली। सुजलॉन ग्रुप देश में पवन ऊर्जा उपकरणों की बढ़ती मांग को पूरा करने और अपने ऑर्डर बुक के क्रियान्वयन में तेजी लाने के लिए ₹550 करोड़ के निवेश से तीन नए कृत्रिम मेधा (एआई) आधारित पवन टर्बाइन ब्लेड (विंड ब्लेड) कारखाने स्थापित करेगा।
कंपनी के सह-संस्थापक गिरीश तांती ने यह जानकारी दी। तांती के अनुसार, इन तीन संयंत्रों में से दो गुजरात और कर्नाटक में, जबकि तीसरा तमिलनाडु में लगाया जाएगा। कंपनी की योजना इन कारखानों को 2027 तक तैयार करने की है। कुल निवेश में से ₹200 करोड़ तमिलनाडु परियोजना पर खर्च किए जाएंगे, जबकि शेष ₹350 करोड़ गुजरात और कर्नाटक की इकाइयों पर लगाए जाएंगे।
क्या होगा परियोजनाओं में खास?
इन परियोजनाओं के लिए धनराशि कंपनी अपने आंतरिक स्रोतों से जुटाएगी। नई इकाइयों के शुरू होने के बाद सुजलॉन के विनिर्माण नेटवर्क में कुल 18 कारखाने हो जाएंगे। कंपनी के अनुसार, इन संयंत्रों को पवन ऊर्जा परियोजना स्थल के नजदीक स्थापित किया जाएगा, जिससे परिवहन और लॉजिस्टिक बेहतर होंगे तथा उपकरणों की आपूर्ति में तेजी आएगी।
कंपनी इन संयंत्रों को ‘स्मार्ट फैक्ट्रियों’ के रूप में विकसित करेगी, जहां कृत्रिम मेधा (एआई), उन्नत विश्लेषण प्रौद्योगिकी, रोबोटिक्स और डिजिटल प्रणालियों का इस्तेमाल किया जाएगा।
उत्पादों में खामियों की पहचान
एआई आधारित विजन प्रणाली के जरिये उत्पादों में खामियों की तत्काल पहचान की जाएगी। इसके अलावा, इंटरनेट ऑफ थिंग्स (आईओटी), मैन्युफैक्चरिंग एग्जिक्यूशन सिस्टम (एमईएस) और एंटरप्राइज रिसोर्स प्लानिंग (ईआरपी) जैसी तकनीकों को भी विनिर्माण प्रक्रिया में एकीकृत किया जा रहा है।
तांती ने कहा कि कंपनी का उद्देश्य उत्पादन क्षमता बढ़ाने के साथ उत्पादों की गुणवत्ता, कार्यस्थल की सुरक्षा और परिचालन दक्षता में सुधार करना है। उन्होंने कहा कि सरकार भी देश में निर्मित कुशल पवन ऊर्जा उपकरणों के उपयोग को प्रोत्साहित कर रही है।
15000 रोजगार के मौके
सुजलॉन के मुताबिक, तीनों नए कारखानों से लगभग 3,000 प्रत्यक्ष और 12,000 अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर पैदा होने की उम्मीद है। इनमें करीब 80 प्रतिशत रोजगार ग्रामीण क्षेत्रों में उपलब्ध कराने का लक्ष्य है। कंपनी के पास मार्च, 2026 तक विभिन्न स्वच्छ ऊर्जा कंपनियों से लगभग छह गीगावाट क्षमता की पवन ऊर्जा परियोजनाओं के ऑर्डर थे।
नए कारखानों के जरिये कंपनी इस मांग को समय पर पूरा करने और घरेलू विनिर्माण क्षमता को मजबूत करने की तैयारी कर रही है। वित्त वर्ष 2025-26 में सुजलॉन ने ₹16,679 करोड़ का राजस्व और ₹3,163 करोड़ का शुद्ध लाभ कमाया था।
इसकी तुलना में वित्त वर्ष 2024-25 में कंपनी का राजस्व ₹10,851 करोड़ और शुद्ध लाभ ₹2,072 करोड़ रहा था। कंपनी पहले से ही अपने ब्लेड विनिर्माण संयंत्रों में स्वचालन का इस्तेमाल कर रही है।
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