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    Share Market Today: शेयर मार्केट में बड़ी गिरावट, इस वजह से डूब रहे निवेशकों के पैसे

    भारतीय शेयर मार्केट में सोमवार (13 अप्रैल) को शुरुआती कारोबार में भारी गिरावट दर्ज की गई। सेंसेक्स एक करीब 800 अंक तक गिर गया था। वहीं निफ्टी भी 100 अंकों तक फिसल गया था। शुरुआती कारोबार में निफ्टी 50 यानी शीर्ष 50 कंपनियों में से 40 के शेयरों में गिरावट आई। आइए जानते हैं कि शेयर बाजार में भारी गिरावट की क्या वजह है?

    By Jagran News Edited By: Suneel Kumar Updated: Mon, 13 May 2024 01:27 PM (IST)
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    सेंसेक्स एक करीब 800 अंक तक गिर गया था।

    बिजनेस डेस्क, नई दिल्ली। भारतीय शेयर मार्केट में सोमवार (13 अप्रैल) को शुरुआती कारोबार में भारी गिरावट दर्ज की गई। सेंसेक्स एक करीब 800 अंक तक गिर गया था। वहीं, निफ्टी भी 100 अंकों तक फिसल गया था। हालांकि, बाद में इनमें कुछ हद तक रिकवरी भी हुई। आइए जानते हैं कि शेयर बाजार में भारी गिरावट की क्या वजह है?

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    निफ्टी 50 में सबसे ज्यादा गिरावट वाले शेयर

    कंपनी 
    शेयर  प्राइस गिरावट
    टाटा मोटर्स  960.5 रुपये -8.23%
    श्रीराम फाइनेंस  2290.55 रुपये -2.29%
    हीरो मोटोकॉर्प  4767 रुपये -2.26%
    बीपीसीएल  605.65 रुपये -2.10%
    इंडसइंड बैंक  1385.9 रुपये -1.72%

    अनिश्चितता की वजह से बढ़ी वोलैटिलिटी

    शेयर बाजार का वोलैटिलिटी इंडेक्स बढ़कर 21.05 के स्तर पर पहुंच गया। यह अक्टूबर 2022 के बाद सबसे अधिक है, यानी करीब एक साल में यह मार्केट का सबसे अस्थिर माहौल है। इस तरह की अस्थिरता तब होती है, जब बाजार भविष्य को लेकर काफी अनिश्चित होता है।

    शेयर मार्केट में क्यों है अनिश्चितता

    शेयर मार्केट में अनिश्चितता की सबसे बड़ी वजह है, लोकसभा चुनाव। दरअसल, भारत में वोटर अमूमन मतदान में बढ़-चढ़कर हिस्सा लेते हैं। लेकिन, इस बार वोटिंग उम्मीद से काफी रही है। इससे निवेशक चुनावी नतीजों को लेकर थोड़ा घबरा गए हैं और निवेश से ज्यादा मुनाफा भुनाने की कोशिश में हैं। चुनाव की शुरुआत अप्रैल में हुई थी और आखिरी चरण की वोटिंग जून को होगी। नतीजे 4 जून को आएंगे। मार्केट में स्थिरता का माहौल उसके बाद ही बहाल होने की उम्मीद है।

    विदेशी निवेशकों का हिला भरोसा

    विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों (FPI) असल में चुनाव के नतीजों को लेकर सतर्कता बरत रहे हैं। खासकर, कम वोटिंग की खबरों के बीच वे मुनाफावसूली करके मार्केट से निकल रहे हैं। इससे घरेलू निवेशकों, खासकर रिटेल इन्वेस्टर का भरोसा भी कमजोर हो रहा है। विदेशी निवेशक मई के सिर्फ सात कारोबारी सत्रों में 170.83 अरब रुपये के शेयर बेच चुके हैं। यह आंकड़ा जनवरी के बाद सबसे अधिक है।

    तिमाही नतीजे, महंगाई डेटा का इंतजार

    निवेशक अपने पोर्टफोलियो में बदलाव करने के लिए कंपनियों के तिमाही नतीजों के खत्म होने का इंतजार कर रहे हैं। अभी कई बड़ी कंपनियों के तिमाही नतीजे नहीं आए हैं। यही वजह है कि उनमें निवेश करने इच्छुक लोगों ने पैसे होल्ड कर रखे हैं। साथ ही, भारत का कंज्यूमर प्राइस इंडेक्स आधारित महंगाई का डेटा भी आने वाला है। साथ ही, अमेरिका, चीन और जापान से भी कुछ महत्वपूर्ण डेटा आने वाले हैं। उन पर भी निवेशकों की नजर रहेगी।

    निफ्टी 50 के 40 स्टॉक लाल

    शुरुआती कारोबार में निफ्टी 50 यानी शीर्ष 50 कंपनियों में से 40 के शेयरों में गिरावट आई। वहीं, 13 बड़े सेक्टर में से 12 लाल निशान में हैं। टाटा मोटर्स 9 फीसदी तक गिर गया और यह निफ्टी 50 का सबसे बड़ा लूजर रहा। कंपनी ने एक दिन पहले तिमाही नतीजों का एलान किया था, जिसमें इसके लग्जरी जगुआर लैंड रोवर (JLR) की बिजनेस ग्रोथ सपाट रहने का अनुमान लगाया था। इसी पर मार्केट ने अपनी प्रतिक्रिया दी है।

    सिप्ला, एशियन पेंट्स में उछाल

    निफ्टी 50 की सिर्फ कंपनियों के शेयर में उछाल दिखा। इसमें सिप्ला (Cipla) सबसे अव्वल रही। दवा निर्माता कंपनी सिप्ला के तिमाही नतीजे अच्छे रहने की उम्मीद जिसका असर उसके शेयरों पर दिखा। एशियन पेंट्स, HDFC लाइफ और ब्रिटानिया के शेयरों में भी उछाल दिखा।

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