यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Mar 15, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
Silicon Valley Bank के बंद होने से शेयरों और Mutual Fund पर दिख सकता है असर, कितना सुरक्षित है आपका निवेश
Silicon Valley Bank Collapse Share Details सिलिकॉन वैली बैंक के बंद होने के बाद दुनियाभर के शेयर बाजार में इसका ...और पढ़ें

नई दिल्ली, बिजनेस डेस्क। Silicon Valley Bank Crisis: दुनिया का सबसे ताकतवर कहे जाने वाले देश अमेरिका में बैंकिंग सेक्टर में आर्थिक संकट गहराने लगा है। अमेरिका के बड़े बैंक सिलिकॉन वैली बैंक (SVB) के बंद होने के बाद आशंका जताई जा रही है कि इसका असर दुनियाभर के शेयर बाजारों में देखा जा सकता है। भारत की बात करें तो यहां के निवेशकों पर भी संकट के बदल मंडरा रहे हैं। ऐसे में अगर आपने Mutual Fund, बॉन्ड या शेयरों में निवेश कर रखा है, तो चलिए जानते हैं कि इन पर कैसा असर दिख सकता है।
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अमेरिका के शेयर बाजार में दिखने लगा असर
सिलिकॉन वैली बैंक के बंद होने से वैश्विक इक्विटी बाजार और अमेरिकी डॉलर को लगातार दबाव बढ़ता जा रहा है। अमेरिकी डॉलर इंडेक्स लगभग 106 के स्तर से गिरकर लगभग 103 के स्तर पर आ गया है, जबकि वॉल स्ट्रीट पर प्रमुख बेंचमार्क सूचकांक शुक्रवार को लगभग 2 प्रतिशत तक गिर गया था। हालांकि, सोने की दरों में सुधार देखा गया है। यह बढ़त के साथ 1,880 डॉलर प्रति औंस के स्तर पर चढ़ गया है।
भारतीय निवेशकों पर असर
निवेश विशेषज्ञों के अनुसार, सिलिकॉन वैली बैंक के बंद होने के बाद इसके शेयरों में आई गिरावट से बॉन्ड यील्ड पर सबसे ज्यादा असर पड़े सकता है। वIPO और अमेरिकी इक्विटी बाजार पर भी अच्छा खासा असर देखने को मिल सकता है। म्यूचुअल फंड निवेश और विदेशी मुद्रा बाजार (forex market) निवेशकों के लिए भी यह चिंता का विषय है।
IPO और शेयर बाजार
अमेरिका के इस बैंकिंग संकट की सबसे बड़ी मार IPO और अमेरिकी इक्विटी बाजार में देखने को मिल सकती है। जानकारी के मुताबिक, सिलिकॉन वैली बैंक स्टार्टअप के लिए प्रमुख ऋणदाताओं में से एक थी। ऐसे में बैंकों की विफलता के बाद इन स्टार्टअप्स के लिए नकदी के प्रवाह में चुनौती बनी रहेगी। स्टार्टअप्स के शेयरों और IPO में गिरावट आने की आशंका है।
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Mutual Fund का हाल
जानकारों का कहना है कि वैसे भारतीय म्युचुअल फंड निवेशक, जो अंतरराष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय हाइब्रिड फंड में निवेश कर रहे हैं, वे एसवीबी और सिग्नेचर बैंक के पतन से प्रभावित होंगे। हालांकि, भारत में डेट फंडों का ज्यादा असर नहीं होगा। शॉर्ट टर्म के लिए उनके इक्विटी म्यूचुअल फंड रिटर्न पर असर पड़ सकता है।
बॉन्ड पर असर
भारतीय बॉन्ड पर अमेरिका के बैंकिंग संकट का असर नहीं पड़ने की उम्मीद है। हालांकि, अमेरिकी बॉन्ड में निवेश करने वालों के लिए ये थोड़ी चिंता का विषय हो सकता है।

