नई दिल्ली, पीटीआइ। बाजार नियामक सेबी (SEBI) ने सोमवार को Franklin Templeton AMC के वरिष्ठ अधिकारियों और ट्रस्टी पर 15 करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया। नियामक ने 2020 में छह डेट स्कीम को बंद किए जाने के मामले में नियामकीय नियमों के उल्लंघन को लेकर यह जुर्माना लगाया है। सेबी की ओर से जारी एक आदेश में कहा गया है कि Franklin Templeton Trustee Services Pvt Ltd पर तीन करोड़ रुपये और फ्रैंकलिन एसेट मैनेजमेंट (इंडिया) के प्रेसिडेंट संजय सप्रे और चीफ इंवेस्टमेंट ऑफिसर संतोष कामत पर दो-दो करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया है।

इसके अलावा रेगुलेटर ने कुणाल अग्रवाल, सुमित गुप्ता, पल्लब रॉय, सचिन पडवाल देसाई और उमेश शर्मा पर भी 1.5-1.5 करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया है। ये सभी नियमों के उल्लंघन के समय फंड मैनेजर थे। इसके अलावा तत्कालीन चीफ कम्पालइंस ऑफिसर सौरभ गंगराडे पर भी 50 लाख रुपये का जुर्माना नियामक ने लगाया है।

इन सभी लोगों को आदेश के 45 दिनों के भीतर जुर्माना चुकाने का निर्देश दिया गया है।

सेबी ने कहा है कि Franklin Templeton Mutual Fund के ट्रस्टी पूरी तरह से पेशेवर हैं और ये अधिकारी अपने संबंधित क्षेत्र में विशेषज्ञ हैं। इसके बावजूद वे म्यूचुअल फंड के कामकाज में कई तरह की खामियों को टालने में विफल रहे।

SEBI ने 151 पृष्ठ के अपने आदेश में कहा है, ''उनके द्वारा ड्यूटी के दौरान की गई चीजें यूनिटहोल्डर्स और सामान्य रूप से निवेशकों के हित में नहीं हैं।''

रेगुलेटर ने कहा है कि अधिकारियों ने उस समय अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहर करते समय जरूरी सतर्कता नहीं बरती और नियामकीय जरूरतों का उल्लंघन किया। इससे यूनिटहोल्डर्स के हितों को नुकसान पहुंचा।

Franklin Templeton MF ने रिडेम्शन प्रेशर और बॉन्ड मार्केट में लिक्विडिटी का हवाला देते हुए 23 अप्रैल, 2020 को अपने छह डेट म्यूचुअल फंड स्कीम को बंद कर दिया था।

इन स्कीम्स में फ्रैंकलिन इंडिया लो ड्युरेशन फंड, फ्रैंकलिन इंडिया डायनेमिक एक्रुअल फंड, फ्रैंकलिन इंडिया क्रेडिट रिस्क फंड, फ्रैंकलिन इंडिया शॉर्ट टर्म इनकम प्लान, फ्रैंकलिन इंडिया अल्ट्रा शॉर्ट बॉन्ड फंड और फ्रैंकलिन इंडिया इनकम ऑपर्चुनिटीज फंड शामिल थे। इन सभी फंड्स का कुल एसेट अंडर मैनेजमेंट 25,000 करोड़ रुपये था।

Edited By: Ankit Kumar