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SBI ने जारी किए तिमाही नतीजे: बैंक का मुनाफा 14% बढ़कर रहा ₹23038 करोड़; नेट इंटेरेस्ट इनकम हो गई ₹49143 करोड़

Published: Tue, 03 Nov 2026 02:04 PM (IST)Updated: Tue, 03 Nov 2026 02:36 PM (IST)

भारतीय स्टेट बैंक (SBI) ने जुलाई-सितंबर तिमाही के नतीजे घोषित किए हैं। बैंक का शुद्ध लाभ 14% बढ़कर ₹23,038 करोड़ ...और पढ़ें

SBI ने जारी किए तिमाही नतीजे

SBI ने जारी किए तिमाही नतीजे

HighLights

  1. SBI का जुलाई-सितंबर तिमाही में शानदार प्रदर्शन

  2. बैंक का शुद्ध लाभ ₹23,038 करोड़ रहा

  3. शुद्ध ब्याज आय में 14.3% की वृद्धि दर्ज

बिजनेस डेस्क, नई दिल्ली। भारत के सबसे बड़े बैंक स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) ने अपने तिमाही नतीजे पेश कर दिए हैं। जुलाई-सितंबर तिमाही में बैंक का प्रॉफिट 23,038 करोड़ रुपये रहा, जो पिछले साल की समान तिमाही के मुकाबले 14% ज्यादा है। पिछले साल जुलाई-सितंबर तिमाही में इसका नेट प्रॉफिट 20,160 करोड़ रुपये रहा था।
तिमाही में बैंक की शुद्ध ब्याज इनकम 42,984 करोड़ रुपये के मुकाबले 49,143 करोड़ रुपये रही, जो पिछले साल की समान तिमाही की तुलना में 14.3% ज्यादा है।

क्यों बढ़ा प्रॉफिट?

एसबीआई की ब्याज इनकम और प्रॉफिट में ग्रोथ बैंक इसकी लोन बुक में बढ़ोतरी के कारण हुई, जो तिमाही के दौरान 52 लाख करोड़ रुपये के पार पहुंच गई। ऑपरेटिंग प्रॉफिट सालाना आधार पर 7% बढ़कर 31,904 करोड़ रुपये से 34,226 करोड़ रुपये हो गया।
ब्याज से होने वाली आय 10% बढ़कर 1.32 लाख करोड़ रुपये हो गई, जबकि ब्याज पर होने वाला खर्च 8% की धीमी दर से बढ़कर 82,876 करोड़ रुपये रहा। बैड लोन के लिए प्रोविजन में भारी कमी ने भी SBI की प्रॉफिटेबिलिटी को बढ़ाने में मदद की।

घरेलू एडवांस में 17% की बढ़ोतरी

SBI के लोन-लॉस प्रोविजन 33% घटकर 2,759 करोड़ रुपये रह गए, जो एक साल पहले 4,132 करोड़ रुपये थे। यह पिछली तिमाही के 3,359 करोड़ रुपये के आंकड़े से भी कम है। 30 सितंबर तक, SBI का ग्रॉस एडवांस (कुल लोन) सालाना आधार पर 18% बढ़कर 52.08 लाख करोड़ रुपये हो गया, जबकि एक साल पहले यह 44.2 लाख करोड़ रुपये था।
घरेलू एडवांस में 17% की बढ़ोतरी हुई, जबकि विदेशी एडवांस में रुपये के हिसाब से 23% की वृद्धि दर्ज की गई। यह ग्रोथ काफी व्यापक रही, जिसमें कृषि, छोटे व्यवसाय, रिटेल और कॉर्पोरेट लोन, सभी में डबल-डिजिट की वृद्धि देखी गई।

कॉर्पोरेट लोन में कितनी हुई बढ़ोतरी?

कृषि क्षेत्र में दिए गए लोन सालाना आधार पर 23% बढ़े, जबकि छोटे और मध्यम उद्यमों (SME) को दिए गए लोन में 22% की वृद्धि हुई। रिटेल पर्सनल लोन 14% बढ़कर 18.25 लाख करोड़ रुपये हो गए। रिटेल पोर्टफोलियो के भीतर, होम लोन 11.9% बढ़कर 9.86 लाख करोड़ रुपये हो गए, जो एक साल पहले 8.80 लाख करोड़ रुपये थे।
कॉरपोरेट लोन 16.1% बढ़कर 14.39 लाख करोड़ रुपये हो गए, जो यह दर्शाता है कि बिजनसों की ओर से लोन की मांग लगातार बनी हुई है। लोन देने में इस विस्तार से SBI के कुल कारोबार (जिसमें डिपॉजिट और एडवांस दोनों शामिल हैं) को लगभग 115 लाख करोड़ रुपये तक पहुंचने में मदद मिली।

कुल डिपॉजिट ग्रोथ कितनी रही?

SBI का कुल डिपॉजिट सालाना आधार पर 12% बढ़कर 62.78 लाख करोड़ रुपये हो गया, जो एक साल पहले 55.92 लाख करोड़ रुपये था। पिछली तिमाही के मुकाबले डिपॉजिट में 4% की वृद्धि हुई। कम लागत वाले चालू खाते और बचत खाते (CASA) जमा में 8% की वृद्धि हुई, जबकि घरेलू टर्म डिपॉजिट में 14% की बढ़ोतरी हुई।
मगर इसका CASA अनुपात एक साल पहले के 39.63% से घटकर 38.32% रह गया, जो यह दर्शाता है कि कम लागत वाले जमा की तुलना में टर्म डिपॉजिट में तेजी से वृद्धि हुई है। डिपॉजिट मिक्स में बदलाव के बावजूद, बैंक ने तिमाही के दौरान अपने नेट इंटरेस्ट मार्जिन (NIM) में सुधार दर्ज किया।

NPA रेशियो में आई गिरावट

घरेलू नेट इंटरेस्ट मार्जिन जून तिमाही के 3% से बढ़कर 3.11% हो गया, जो 11 बेसिस पॉइंट्स का सुधार है। यह एक साल पहले दर्ज किए गए 3.08% के स्तर से भी 3 बेसिस पॉइंट्स अधिक रहा। पूरे बैंक का नेट इंटरेस्ट मार्जिन 2.94% रहा, जिसमें पिछली तिमाही के मुकाबले 8 बेसिस पॉइंट्स का सुधार हुआ। बैड लोन में कमी आई और SBI की एसेट क्वालिटी में सुधार जारी रहा।
इसका ग्रॉस नॉन-परफॉर्मिंग एसेट (NPA) अनुपात एक साल पहले के 1.73% और जून तिमाही के 1.47% से घटकर 1.39% रह गया। नेट NPA अनुपात एक साल पहले के 0.42% से घटकर 0.36% रह गया।

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