यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jul 17, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
Sahara Investment: सहारा निवेशकों को जल्द मिलेगा पैसा, कल लॉन्च होगा रिटर्न पोर्टल
Sahara Refund Portal अगर आपने भी सहारा ग्रुप्स में निवेश किया है और अब अपने निवेश किये गए पैसों का ...और पढ़ें

नई दिल्ली, बिजनेस डेस्क। Sahara Investment Refund: अगर आपकी जमा-पूंजी भी सहारा ग्रुप्स में फंसा हुआ है तो आपके लिए के खुशखबरी है। गृह और संघीय सहयोग मंत्री अमित शाह द्वारा मंगलवार को सहारा रिफंड पोर्टल को लॉन्च करेंगे। कल यानी 18 जुलाई 2023 को 11 बजे ये पोर्टल लॉन्च होगा। इस पोर्टल के जरिये सहारा के निवेशक को उनका पैसा वापस पाने की पूरी प्रक्रिया की जानकारी दी जाएगी।

सहारा ग्रुप्स में सैकड़ों भारतीय नागरिकों का पैसा फंसा हुआ है। इस कंपनी में की लोगों ने अपनी सारी जमा-पूंजी लगा दी है। अब वह अपने निवेश राशि का इंतजार कर रहे हैं। लोगों ने अपने पैसों के लिए काफी इंतजार किया है। इस पोर्टल के लॉन्च होने के बाद निवेशक तुरंत अपना पैसा निकाल सकते हैं। आपको बता दें कि सहारा निवेशक इस मामले में सरकार से हस्तक्षेप की मांग कर रहे थे।
सहारा समूह के निवेशकों में अधिकतर मध्यम एवं निम्न आय वर्ग के लोग हैं।सहारा में सबसे ज्यादा पैसा बिहार, झारखंड, उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश राज्यों के निवेशकों ने लगाया है। कुछ निवेशकों ने अपनी सारी मेहनत की कमाई लगा दी है। कई राज्यों में इसके खिलाफ आंदोलन भी किया गया था।
सहारा समूह की जिन सहकारी समितियों में निवेशकों के हजारों करोड़ रुपये अटके हैं, उनमें सहारा क्रेडिट को-आपरेटिव, सहारा यूनिवर्सल मल्टीपरपज, हमारा इंडिया क्रेडिट को-आपरेटिव एवं स्टार्स मल्टीपरपज शामिल हैं। सबसे ज्यादा पैसे सहारा क्रेडिट को-आपरेटिव में है। वास्तविक निवेशकों को उचित पहचान और साक्ष्य प्रस्तुत करने के लिए ही पोर्टल बनाया गया है, क्योंकि भुगतान से पहले दावों का सत्यापन जरूरी है।
सुप्रीम कोर्ट का फैसला
सुप्रीम कोर्ट ने सहारा ग्रुप्स के मामले पर अपना फैसला सुनाया था। उन्होंने कहा था कि सहारा ग्रुप्स सभी निवेशकों को सीआरसी के माध्यम से भुगतान करें। निवेशक अब सहारा रिफंड पोर्टल के माध्यम से अपना पैसा वापस पाने की उम्मीद कर रहे हैं। आपको बता दें कि साल 2012 में सहारा सेबी फाउंडेशन की स्थापना हुई थी। सेबी फंड में 2,400 करोड़ रुपये जमा हैं। सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के अनुसार दिसंबर से पहले पैसे लौटाने हैं। सरकार का प्रयास है कि वो सारे पैसे पारदर्शी तरीके से लौटा दिए जाएं। पैसे चेक के माध्यम से लौटाए जाने हैं।

क्या है पूरा मामला
सहारा विवाद 2009 में शुरू हुआ था। सहारा की दो कंपनियों, सहारा हाउसिंग कंपनी लिमिटेड और सहारा रियल एस्टेट कंपनी लिमिटेड थी। इसको लेकर विवाद तब शुरू हुआ जब कंपनी ने सेबी के सामने आईपीओ का प्रस्ताव रखा। आईपीओ के प्रस्ताव के बाद कंपनी के सारे राज खुल गए। सहारा ने निवेशकों से अवैध रूप से 240 करोड़ रुपये जुटाए। सेबी के जांच के बाद कंपनी के कई धोखाधड़ी गतिविधियों और एक बड़ा घोटाला सामने आया। इसके बाद सेबी ने सहारा को आदेश दिया कि वो निवेशकों को ब्याज समेत पैसा लौटा दें। सहारा के निवेशक अभी भी अपने पैसे का इंतजार कर रहे हैं।


