नई दिल्ली, बिजनेस डेस्क। एस&पी ग्लोबल रेटिंग्स ने सोमवार को कहा कि चालू वित्त वर्ष में भारत की विकास दर 7.3 प्रतिशत रह सकती है। आने वाले समय में हम इसके नीचे जाने का जोखिम देख रहे हैं। महंगाई को लेकर कहा कि चालू वित्त वर्ष में महंगाई आरबीआई की ओर से तय की गई उच्चतम दर 6 प्रतिशत से अधिक रह सकती है।

एशिया प्रशांत क्षेत्र का इकोनॉमिक आउटलुक बताते हुए एस&पी ने कहा कि भारतीय अर्थव्यवस्था कोरोना वायरस महामारी के बाद तेजी से उभर रही है। देश के अंदर से आ रही घरेलू मांग से अर्थव्यवस्था को बड़ा सहारा मिल रहा है।

विकास दर का अनुमान

एस&पी ने कहा कि हम भारतीय अर्थव्यवस्था के विकास दर के अनुमान को वित्त वर्ष 2022-23 के लिए 7.3 प्रतिशत और वित्त वर्ष 2023-24 के लिए 6.5 प्रतिशत पर बरकरार रखा है। हालांकि उन्हें कहा कि हम इस विकास दर के नीचे जाने का जोखिम देख रहे हैं।

दूसरी रेटिंग एजेंसियों का अनुमान

इससे पहले अमेरिकी रेटिंग एजेंसी फिच ने वित्त वर्ष 2022-23 के विकास दर अनुमान को 7.8 प्रतिशत घटाकर 7 प्रतिशत कर दिया था। इंडिया रेटिंग्स & रिसर्च वित्त वर्ष 2022-23 के विकास दर अनुमान को 7 प्रतिशत से घटाकर 6.9 प्रतिशत, एशियन डेवलपमेंट बैंक ने 7.5 प्रतिशत से घटाकर 7 प्रतिशत कर दिया था।

आरबीआई का अनुमान

भारतीय रिजर्व बैंक का अनुमान है कि भारतीय अर्थव्यवस्था की विकास दर चालू वित्त वर्ष (2022-23) में 7.2 प्रतिशत रह सकती है। पिछले वित्त वर्ष में यह 8.7 प्रतिशत थी।

ब्याज दर बढ़ा सकता है आरबीआई

एस&पी ने कहा है कि बढ़ती महंगाई के चलते इस वित्त वर्ष में आरबीआई ब्याज दर को 5.9 प्रतिशत तक बढ़ा सकता है। पिछले चार महीनों में महंगाई को काबू करने के आरबीआई ब्याज दर को 1.4 प्रतिशत तक बढ़ा चुका है।

(एजेंसी इनपुट के साथ)

ये भी पढ़ें-

मंदी की आशंका के बीच बढ़ी डॉलर की मांग, ब्रिटिश पाउंड में रिकॉर्ड गिरावट

Education Loan में बढ़ता एनपीए बना मुसीबत, अब लोन अप्रूव करने में सावधानी बरत रहे हैं बैंक

Edited By: Abhinav Shalya

जागरण फॉलो करें और रहे हर खबर से अपडेट