नई दिल्ली, पीटीआइ। Reliance Industries (RIL) 2022 की आखिरी तिमाही में MJ Field से प्राकृतिक गैस का उत्पादन शुरू करेगी। इससे कुल आउटपुट में करीब दो-तिहाई की वृद्धि होगी। यह KG-D6 ब्लॉक का तीसरा और आखिरी गैस फील्ड है, जिसका विकास कंपनी कर रही है। पहली तिमाही के परिणाम जारी करते हुए RIL ने इंवेस्टर्स के लिए अपने प्रजेंटेशन में कहा था कि उसने पहले चरण का ऑफशोर इंस्टॉलेशन कंपेन पूरा कर लिया है। दूसरी की शुरुआत इस साल नवंबर में होगी। कंपनी ने कहा, ''कुओं को ड्रिल करने और उन्हें पूरा करने का काम चल रहा है। वित्त वर्ष 2022-23 की तीसरी तिमाही (अक्टूबर-दिसंबर, 2022) में पहले गैस के प्रोडक्शन की उम्मीद है।''

RIL और उसकी पार्टनर ब्रिटेन की BP Plc ने KG-D6 ब्लॉक में सबसे गहरे गैस ब्लॉक में प्रोडक्शन के लिए फ्लोटिंग प्रोडक्शन सिस्टम के इस्तेमाल की योजना बनायी है।

MJ-1 गैस फील्ड धीरुभाई-1 और 3 के सीधे 2,000 मीटर नीचे अवस्थित है। एक अनुमान के मुताबिक MJ-1 में कम-से-कम 0.988 ट्रिलियन क्यूबिक फीट के संसाधन मौजूद हैं।

FPSO के मुताबिक इस फील्ड में ऐसे ऑयल डिपॉजिट है, जिसका प्रोडक्शन फ्लोटिंग सिस्टम के जरिए किया जा सकता है।

कंपनी ने अपने प्रजेंटेशन में कहा है, ''FPSO और SubSea प्रोडक्शन सिस्टम पटरी पर हैं।''

RIL और BP KG-D6 ब्लॉक में तीन डीप वाटर गैस ब्लॉक विकसित कर रहे हैं। ये तीन ब्लॉक्स हैं- आर क्लस्टर, सेटेलाइट क्लस्टर और एमजे। इन तीनों से एकसाथ करीब तीन करोड़ स्टेंर्डड क्यूबिक मीटर प्रतिदिन के उत्पादन की उम्मीद है। इससे भारत की कुल गैस डिमांड की 15 फीसद की पूर्ति हो सकती है।

R-Cluster से दिसंबर, 2020 में प्रोडक्शन शुरू हो चुका है। वहीं सेटेलाइट क्लस्टर से अप्रैल में उत्पादन शुरू हुआ था। RIL ने कहा है कि इस साल अप्रैल से जून के बीच KG-D6 से 16.6 mmscmd गैस का औसत उत्पादन हुआ।

कंपनी ने तीन चरण की बोलियों में इस फील्ड से 18 mmscmd गैस की बिक्री की है।

ऑयल से लेकर टेलीकॉम सेक्टर तक में सक्रिय Reliance Industries ने अब तक KG-D6 ब्लॉक में 19 गैस डिस्कवरीज की हैं।

Edited By: Ankit Kumar