आरसीएम ने किया 2000 करोड़ का घोटाला
देश की प्रसिद्ध मल्टीलेवल मार्के टिंग कंपनी आरसीएम द्वारा देशभर में करीब दो हजार करोड़ रुपये की ठगी का मामला सामने आया है। कंपनी ने देशभर के करीब एक करोड़ ग्राहकों से यह ठगी की।
जयपुर [जागरण संवाददाता]। देश की प्रसिद्ध मल्टीलेवल मार्के टिंग कंपनी आरसीएम द्वारा देशभर में करीब दो हजार करोड़ रुपये की ठगी का मामला सामने आया है। कंपनी ने देशभर के करीब एक करोड़ ग्राहकों से यह ठगी की।
राजस्थान के भीलवाड़ा में वर्ष 2000 में त्रिलोकचंद छाबड़ा द्वारा शुरू की गई इस कंपनी के देशभर में तीन हजार से अधिक आउटलेट्स हैं, जिन पर घरेलू सामान से लेकर लैपटॉप, कंप्यूटर तक मिलते हैं। फर्जीवाडे़ की सूचना पर पुलिस ने कंपनी के भीलवाड़ा स्थित मुख्यालय पर छापा मारा था।
पुलिस कार्रवाई में पता चला है कि कंपनी ने किसी भी सरकारी विभाग से रजिस्ट्रेशन नहीं कराया था। कार्रवाई की सूचना पाकर कंपनी के निदेशक त्रिलोकचंद छाबड़ा, उसके बेटे सौरभ, बेटी प्रियंका, भाई भागचंद और कैलाश चंद्र छाबड़ा फरार हो गए। वे विदेश नहीं भाग सकें, इसके लिए देशभर के हवाई अड्डों पर सूचना दे दी गई है।
पुलिस ने कंपनी के आधा दर्जन अधिकारियों एव कर्मचारियों को गिरफ्तार कर लिया है। भीलवाड़ा के पुलिस अधीक्षक उमेश चंद्र दत्ता ने बताया कि छापे में गरीबों में बंटने वाले भारतीय खाद्य निगम के गेहूं के 9500 बोरे और आटे के 2100 बोरे भी मिले हैं। आरसीएम इन पर अपना लेबल लगाकर बेचती थी।
पुलिस को शक है कि सरकारी अधिकारियों की मिलीभगत से यह काम हो रहा था। कंपनी निदेशक एवं परिजनों के 15 बैंकों में 40 खाते मिले है, उनके लेन-देन पर रोक लगा दी गई है। कंपनी का मुख्य सर्वर और वाहन आदि जब्त कर लिए गए हैं। आरसीएम 1500 रुपये में सदस्य बनाती थी और उसे आगे सदस्य बनाने को कहती।
सदस्य बनाने पर पांच से दस हजार रुपये की रकम और बोनस दिया जाता था। बिजनेस की राशि के साथ बोनस बढ़ता जाता। जो सदस्य एक से 30 तारीख तक जितने मैंबर बनाता उसे एक तारीख को भुगतान कर दिया जाता था। ग्राहकों को प्लान समझाते हुए पूरी उम्र पैसा मिलने का झांसा दिया जाता था, लेकिन वास्तव में ऐसा नहीं होता था।
भाजपा नेता की कंपनी पर भी कार्रवाई
पुलिस ने भीलवाड़ा के पूर्व विधायक और भाजपा नेता रामरिछपाल नुवाल की मल्टीलेवल मार्केटिंग कंपनी स्टारनेट पर भी छापा मारा। स्टारनेट ने बकरी पालन की आड़ में कमाई का झांसा देकर लोगों से करोड़ों रुपए बटोरे थे। पूर्व विधायक के साथ परिवार के सदस्य स्टारनेट के संचालक मंडल में हैं।
पुलिस ने दफ्तर और मकान में दबिश दे दो दर्जन से अधिक लोगों को हिरासत में लिया और रिकॉर्ड जब्त किया। पूछताछ में सामने आया कि नुवाल ने नाथडि़यास के निकट फार्म हाउस खोला। लोगों को झांसा दिया कि उसमें बकरी पालकर उनके दूध से पनीर और अन्य सामग्री बनाई जाएगी। बकरियों के मल से दवाई तैयार कर विदेश भेजेंगे। लाभ निवेशकों को बंटेगा। बाद में योजना बंद कर दी। इसके बाद रियल एस्टेट में निवेश कराया गया। कंपनी ने यह धंधा भी बंद कर दिया। लोगों को कमीशन नहीं दिया।
कंपनी के पास लोगों के करोड़ों रुपये एकत्र हुए। गौरतलब है कि हाल के महीनों में राजस्थान के जयपुर, चित्तौड़गढ़ और धौलपुर जिलों में आधा दर्जन चिटफंड कंपनियां लोगों को धोखा देकर फरार हो चुकी हैं।
मोबाइल पर ताजा खबरें, फोटो, वीडियो व लाइव स्कोर देखने के लिए जाएं m.jagran.com पर
कमेंट्स
सभी कमेंट्स (0)
बातचीत में शामिल हों
कृपया धैर्य रखें।