RBI अंकुशों में ढील दे तो क्या पूर्ण बैंक बनने की मांग नहीं करेंगे स्मॉल फाइनेंस बैंक, जानिए पूरा मामला
देश के कई स्मॉल फाइनेंस बैंक (SFB) सार्वभौमिक बैंक बनना चाहते हैं जैसे कि SBI और BoB जैसे बैंक हैं। उनकी ओर से अक्सर ऐसी मांग भी उठती रहती है। लेकिन पूर्व वित्तीय सेवा सचिव डीके मित्तल का कहना है कि बैंकिंग रेगुलेटर रिजर्व बैंक (RBI) अगर SFB को कुछ प्रतिबंधों में ढील दे तो उनमें से ज्यादातर सार्वभौमिक बैंक बने की मांग नहीं करेंगे।

बिजनेस डेस्क, नई दिल्ली। देश के कई स्मॉल फाइनेंस बैंक (SFB) सार्वभौमिक बैंक बनना चाहते हैं, जैसे कि SBI और BoB जैसे बैंक हैं। उनकी ओर से अक्सर ऐसी मांग भी उठती रहती है। लेकिन, पूर्व वित्तीय सेवा सचिव डीके मित्तल का कहना है कि बैंकिंग रेगुलेटर रिजर्व बैंक (RBI) अगर SFB को कुछ प्रतिबंधों में ढील दे, तो उनमें से ज्यादातर सार्वभौमिक बैंक बने की मांग नहीं करेंगे।
RBI ने 2014 में जारी की थी गाइडलाइंस
देश में वित्तीय समावेशन को बढ़ावा देने के लिए आरबीआई ने 2014 में निजी क्षेत्र में एसएफबी को लाइसेंस देने के लिए दिशानिर्देश जारी किए थे। इसके बाद आरबीआई ने एक दर्जन संस्थाओं को लाइसेंस दिए। आरबीआई के दिशानिर्देशों के अनुसार, एसएफबी के लिए अपनी कम से कम 25 प्रतिशत शाखाएं बैंक रहित ग्रामीण केंद्रों में खोलना जरूरी है। इसके अलावा उन्हें 75 प्रतिशत ऋण प्राथमिकता क्षेत्र को देना अनिवार्य है, जबकि वाणिज्यिक बैंकों के लिए यह सीमा 40 प्रतिशत है।
'प्रतिबंध हटाना राष्ट्रहित में होगा'
मित्तल ने कहा, 'लघु वित्त बैंकों को सार्वभौमिक बैंक बनाने के लिए दिशानिर्देश जारी करते समय, यदि आरबीआई एसएफबी पर लगाए गए कुछ प्रतिबंध हटा दे, तो ऐसा करना वित्तीय समावेशन के व्यापक राष्ट्रीय हित में होगा। उन्होंने प्रतिबंधों के बारे में बात करते हुए कहा कि आरबीआई को सह-ऋण, 'पास थ्रू' प्रमाणपत्र (पीटीसी) और प्रतिभूतिकरण तथा सहायक कंपनियों की स्थापना की अनुमति देने पर विचार करना चाहिए।
कमेंट्स
सभी कमेंट्स (0)
बातचीत में शामिल हों
कृपया धैर्य रखें।