नई दिल्ली (बिजनेस डेस्क)। पब्लिक प्रोविडेंट फंड (PPF) सरकार की तरफ से चलाई जाने वाली एक लोकप्रिय सेविंग स्कीम है। यह नौकरीपेशा और मध्यम वर्गीय परिवारों के लिए सुरक्षित निवेश का एक बेहतरीन विकल्प है। पीपीएफ में जमा करने पर आयकर की धारा 80सी के तहत इनकम टैक्स में डिडक्शकन के लिए दावा किया जा सकता है और मैच्योरिटी के वक्त पैसे निकालने पर भी कोई टैक्स नहीं लगता है। पीपीएफ में पैसा ऑफलाइन के साथ ऑनलाइन भी जमा किया जा सकता है। अधिकतर बैंक और पोस्ट ऑफिस पीपीएफ में ऑनलाइन पैसा जमा करने की अनुमति देते हैं। पीपीएफ में ऑनलाइन 3 अलग-अलग तरीकों से पैसा जमा किया जा सकता है।

पीपीएफ में इन तीन तरीकों से पैसा जमा किया जा सकता है:

NEFT: नेटबैंकिंग के जरिए ऑनलाइन पैसा ट्रांसफर करने के लिए पीपीएफ अकाउंट नंबर और बैंक ब्रांच के आईएफएससी कोड की जरूरत होगी। एनईएफटी ट्रांसफर करेंट अकाउंट और सेविंग अकाउंट दोनों के जरिए किया जा सकता है। एनईएफटी प्रोसेस होने में 30 मिनट का समय लगता है, वहीं इंट्रा बैंक प्रोसेस में कुछ मिनट/घंटे लग सकते हैं।

ECS: ईसीएस मैंडेट के जरिए भी PPF अकाउंट में पैसा ट्रांसफर किया जा सकता है। इसके लिए ईसीएस मैंडेट को पीपीएफ अकाउंट से सेट करना होगा। इस प्रोसस में अकाउंट से पैसा कट जाता है और पीपीएफ में डिपॉजिट हो जाता है। इंटरबैंक पैसा ट्रांसफर करने के लिए इस प्रोसेस का इस्तेमाल किया जा सकता है।

स्टेंडिंग इंस्ट्रक्शन: जब सेविंग अकाउंट और पीपीएफ एक ही ब्रांच में होता है तो इस प्रोसेस के लिए ग्राहक को इसकी जानकारी बैंक को देनी होती है कि मासिक रूप से पैसा सेविंग अकाउंट से पीपीएफ में ट्रांसफर किया जा सकता है। इसमें 1.5 लाख रुपये एक वित्त वर्ष में अधिकतम ट्रांसफर किए जा सकते हैं। एक बार जब आप बैंक को इसकी जानकारी देते हैं तो बैंक ऑटोमैटिकली पैसा सेविंग अकाउंट से पीपीएफ अकाउंट में ट्रांसफर कर देता है। 

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Posted By: Sajan Chauhan

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