नई दिल्ली, पीटीआइ। बीमा क्षेत्र के नियामक Irdai ने पॉलिसी एग्रीगेटर Policybazaar पर 24 लाख रुयपे का जुर्माना लगाया है। इरडा ने पॉलिसीबाजार पर यह जुर्माना विज्ञापन से जुड़े नियमों के उल्लंघन को लेकर लगाया है। पॉलिसीबाजार ने पिछले साल ग्राहकों को टर्म इंश्योरेंस पॉलिसी के प्रीमियम (term insurance policy premiums) में वृद्धि के बारे में एसएमएस भेजे थे। इरडा ने इन एसएमएस को गलत और भ्रम फैलाने वाले मानते हुए पॉलिसीबाजार पर जुर्माना लगाया है।

यह मामला Policybazaar द्वारा 15 मार्च, 2020 से 7 अप्रैल, 2020 के बीच अपने ग्राहकों को भेजे गए एसएमएस (SMS) से संबंधित है, जिनमें कंपनी ने अपना रजिस्टर्ड पूरा नाम भी नहीं लिखा था। वेब एग्रीगेटर ने लगभग 10 लाख ग्राहकों को एसएमएस भेजकर कहा था कि जीवन बीमा की कीमतें 1 अप्रैल से बढ़ने वाली हैं और वे टर्म प्लान खरीदकर 1.65 लाख रुपये तक बचा सकते हैं।

इंश्योरेंस रेगुलेटरी एंड डेवलपमेंट अथॉरिटी ऑफ इंडिया (Irdai) ने पॉलिसीबाजार पर तीन चार्ज लगाए हैं। ये हैं- मूल्य वृद्धि के बारे में एसएमएस के जरिए भ्रामक जानकारी भेजना व विज्ञापन और प्रकटीकरण मानदंडों के नियम 11 और नियम 9 का उल्लंघन।

इरडा ने 7 अप्रैल, 2020 को पॉलिसीबाजार से स्पष्टीकरण मांगा था। इरडा ने संदेशों को तुरंत रोकने के साथ-साथ विज्ञापन के आधार को प्रस्तुत करने के लिए भी कहा था।

इसके बाद की प्रतिक्रियाओं, कारण बताओ नोटिस और व्यक्तिगत सुनवाई में, पॉलिसीबाजार ने नियामक को बताया कि एसएमएस केवल उनके प्रमुख बीमा भागीदारों से प्राप्त जानकारी के आधार पर एक सूचनात्मक संदेश था। Policybazaar ने कहा कि उसे HDFC Life, Tata AIA Life और ICICI Prudential से सूचना मिली थी कि उनका टर्म इंश्योरेंस प्रीमियम अप्रैल, 2020 से बढ़ाया जाएगा।

अपने पूरे रजिस्टर्ड नाम के बिना मैसेज भेजने के बारे में पॉलिसीबाजार ने कहा कि Trai के नियम अधिकतम 6 अक्षरों की अनुमति देते हैं, इसलिए एसएमएस का हैडर ''POLBAZ'' रखा गया था। पॉलिसीबाजार ने कहा कि वह एसएमएस भेजते समय ट्राई के दिशानिर्देशों का पालन करता है।

वहीं, इरडा ने अपने फैसले में कहा कि रेगुलेशन 9 के अनुसार, हर विज्ञापन में बीमाकर्ता, मध्यस्थ और बीमा एजेंट का पूरा नाम बताना जरूरी है।

Edited By: Pawan Jayaswal