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    जारी है सर्विस सेक्टर में तेजी, PMI रिपोर्ट में कहा गया- नए बिजनेस और एक्सपोर्ट ने किया मदद

    PMI Service Data आज भारत के सर्विस सेक्टर ग्रोथ को लेकर मासिक सर्वे रिपोर्ट जारी हुई है। इस रिपोर्ट के अनुसार भारत के सर्विस सेक्टर की वृद्धि मई के पांच महीने के निचले स्तर से जून में तेज हो गई। जून में सर्विस सेक्टर ग्रोथ 60.5 हो गया है जो मई में 60.2 था। नए बिजनेस और एक्सपोर्ट ऑर्डर ने तेजी को बढ़ावा दिया है।

    By Agency Edited By: Priyanka Kumari Updated: Wed, 03 Jul 2024 12:14 PM (IST)
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    PMI Service Data के अनुसार जून में सर्विस सेक्टर में तेजी आई

    पीटीआई, नई दिल्ली। भारत के सर्विस सेक्टर ग्रोथ को लेकर आज मंथली सर्वे रिपोर्ट जारी हुई है। इस रिपोर्ट में कहा गया कि भारत के सर्विस सेक्टर में लगातार तेजी देखने को मिली है। जून 2024 में आए नए एक्सपोर्ट ऑर्डर और न्यू बिजनेस ने इस तेजी को लाने में मदद की है।

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    भारत के सर्विस सेक्टर की वृद्धि मई के पांच महीने के निचले स्तर से जून में तेज हो गई। मौसमी रूप से समायोजित एचएसबीसी इंडिया सर्विसेज बिजनेस एक्टिविटी इंडेक्स मई में 60.2 से बढ़कर जून में 60.5 हो गया। यह एक्सपेंशन के विस्तार का संकेत देता है।

    आपको बता दें कि पीएमआई (PMI) की भाषा में 50 से नीचे का मतलब संकुचन होता है और 50 से ऊपर का मतलब विस्तार होता है।

    HSBC में मुख्य भारत अर्थशास्त्री प्रांजुल भंडारी ने कहा

    पिछले महीने जून में भारत के सर्विस सेक्टर में गतिविधि वृद्धि में तेजी आई। सर्विस सेक्टर ग्रोथ के इंडेक्स में 0.3 पीपीटी (प्रतिशत बिंदु) बढ़कर 60.5 हो गया। जून में डॉमेस्टिक और अंतर्राष्ट्रीय दोनों नए ऑर्डर में वृद्धि हुई। इसने सर्विस कंपनियों को अगस्त 2022 के बाद से अपने स्टाफ स्तर को सबसे तेज गति से बढ़ाने के लिए प्रोत्साहित किया।

    इंडियन सर्विस प्रोवाइडर को जून में कई नए ऑर्डर मिले हैं,जिससे विस्तार का मौजूदा क्रम लगभग तीन साल तक बढ़ गया। इंटरनेशनल ऑर्डर की संख्या में भी बढ़ोतरी हुई है। एशिया, ऑस्ट्रेलिया, यूरोप, लैटिन अमेरिका, मध्य पूर्व और अमेरिका सभी को विदेशों से नए काम यानी ऑर्डर मिले हैं।

    कीमत के मोर्चे पर, भोजन, ईंधन और श्रम लागत में वृद्धि के कारण सेवा प्रदाताओं ने अपने औसत खर्च में मामूली वृद्धि दर्ज की। फिर भी मुद्रास्फीति की गति चार महीनों में सबसे कमजोर थी। सर्वे रिपोर्ट के अनुसाप दिसंबर 2005 में शुरू हुई सीरिज के बाद से प्राइवेट सेक्टर में रोजगार का विस्तार तीव्र गति से हुआ है।

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