PM Kisan Yojana: ई-केवाईसी के अलावा एक और काम हुआ अब जरूरी, इसके बिना अटक जाएगी किस्त; कैसे करें पूरा?
पीएम किसान योजना (PM Kisan Yojana) के तहत किसानों को आर्थिक मदद दी जाती है। ये पैसे किसानों को हर साल तीन अलग-अलग किस्त में दिए जाते हैं। वैसे तो ये प ...और पढ़ें

नई दिल्ली। पीएम किसान योजना आज देशभर में मशहूर है। इस योजना के तहत किसानों को आर्थिक मदद दी जाती है। ये पैसे किसानों को तीन अलग-अलग किस्त में मिलते हैं। एक किस्त में किसानों के खाते में 2000 रुपये पहुंचाए जाते हैं। । वैसे तो ये पैसे 4 महीने के गैप में मिलने चाहिए। हालांकि ये गैप कम या ज्यादा भी हो सकता है।
पीएम किसान योजना का लाभ उठाने के लिए ई-केवाईसी जरूरी हो गया है। इसके साथ एक और काम भी अब जरूरी हो गया है, जिसके बिना आपकी अगली किस्त अटक सकती है। मीडिया रिपोर्ट की मानें तो किसानों को ई-केवाईसी के साथ अब फार्मर आईडी बनाना भी जरूरी हो जाएगा।
अगर किसी किसान के पास फार्मर आईडी नहीं हुई तो उन्हें अगली किस्त मिलने में परेशानी आ सकती है।
फार्मर आईडी क्या है?
फार्मर आईडी किसानों की डिजिटल पहचान से जुड़ा हुआ है। इसमें किसान और उनकी फसल से जुड़ी अलग-अलग डिटेल्स दी गई है। इसमें किसान की जमीन की जानकारी, फसल, खाद, पशुपालन इत्यादि से जुड़ा डेटा दिया गया होता है।
फार्मर आईडी को बनाने का मकसद है कि योजना का लाभ सही किसानों तक पहुंचे।
कैसे बनाएं फार्मर आईडी?
किसान फार्मर आईडी बनाने के लिए ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों तरह से आवेदन कर सकता है। ऑनलाइन आवेदन करने के लिए आपको AgriStack पर जाना होगा।
- यहां आपको सबसे पहले रजिस्ट्रेशन करना होगा।
- फिर आधार के जरिए ई-केवाईसी पूरा कर,इसमें मांगी गई जानकारी भरनी होगी।
- इसके साथ ही अगर कोई डॉक्यूमेंट मांगा जाता है, तो उसे स्कैन कर सबमिट करना होगा।
- डिटेल सबमिट होने के बाद संबंधित विभाग इसकी जांच करता है। अंत में डिटेल्स वेरिफाई होने के बाद किसान को यूनिक फार्मर आईडी मिल जाती है।
इसके अलावा सरकार देश के अलग-अलग क्षेत्र में कैंप लगा रही है। इसके तहत किसानों की फार्मर आईडी बनाई जा रही है।

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