ट्रंप टैरिफ के जवाब में मंत्री पीयूष गोयल का बड़ा एलान, सभी एक्सपोर्ट सेक्टर के लिए आने वाला है पैकेज
भारत का निर्यात अभी तक पिछले साल से ज्यादा रहा है और वाणिज्य मंत्री Piyush Goyal का दावा है कि 50 प्रतिशत ट्रंप टैरिफ के बावजूद पूरे साल का निर्यात बीते वर्ष से अधिक रहेगा। गोयल के मुताबिक सरकार निर्यातकों की सहायता के लिए जल्दी ही कुछ उपायों की घोषणा करेगी।

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की तरफ से भारत पर 50 प्रतिशत टैरिफ (Trump Tariffs on India) लगाए जाने के बावजूद भारत के वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल (Piyush Goyal) ने बड़ा दावा किया है। उन्होंने कहा है कि टैरिफ के बावजूद इस साल भारत का निर्यात पिछले साल से ज्यादा रहेगा। निर्यात बढ़ाने के मकसद से सरकार जल्दी ही सभी सेक्टर के लिए उपायों की घोषणा करेगी।
गोयल का बयान ट्रंप टैरिफ पर भारत की तरफ से अब तक का सबसे करारा जवाब कहा जा सकता है। दिल्ली में एक कार्यक्रम में उन्होंने कहा, “अगर कोई देश हमारे साथ मुक्त व्यापार समझौता (FTA) करना चाहता है, तो हम हमेशा तैयार हैं। लेकिन किसी भी तरह का भेदभाव भारत के 140 करोड़ नागरिकों के आत्मविश्वास और स्वाभिमान को ठेस पहुंचाने वाला है। इसलिए हम न तो झुकेंगे और न ही कभी कमजोर दिखेंगे। हम साथ मिलकर आगे बढ़ते रहेंगे और नए बाजारों पर कब्जा करेंगे। मैं पूरे विश्वास के साथ कह सकता हूं कि इस साल हमारा निर्यात पिछले साल से ज्यादा होगा।”
गोयल ने कहा, मैं आपको आश्वस्त करता हूं कि सरकार हर सेक्टर की मदद के लिए उपायों की घोषणा करेगी, ताकि घरेलू बाजार में बिक्री बढ़ने के साथ विदेशी बाजारों में भी भारत की पैठ बढ़ाई जा सके। यह साल हमारे आत्मविश्वास को परिभाषित करेगा।
एक लाख करोड़ डॉलर के निर्यात का है लक्ष्य
वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार पिछले वित्त वर्ष भारत ने रिकॉर्ड 824.9 अरब डॉलर का निर्यात किया। यह 2023-24 में 778.1 अरब डॉलर की तुलना में 6 प्रतिशत की वृद्धि थी। सरकार ने चालू वित्त वर्ष में एक लाख करोड़ डॉलर के निर्यात का लक्ष्य रखा है।
जुलाई 2025 में भारत ने 68.25 अरब डॉलर का निर्यात किया जो पिछले वर्ष के इसी महीने के 65.31 अरब डॉलर से अधिक है। अप्रैल-जुलाई 2025 के दौरान वस्तुओं और सेवाओं का कुल निर्यात 277.63 अरब डॉलर का रहा है, जो अप्रैल-जुलाई 2024 में 263.83 अरब डॉलर था। साल के पहले चार महीने में वस्तु निर्यात 144.76 अरब डॉलर की तुलना में 149.20 अरब डॉलर रहा है।
निराशावादी तस्वीर पेश करने वालों की आलोचना
गोयल ने कहा कि वैश्विक निर्यात में अभी भारत की हिस्सेदारी बहुत कम है। उन्होंने उन विश्लेषकों की आलोचना भी की जिन्होंने अमेरिकी टैरिफ की निराशावादी तस्वीर और भारतीय अर्थव्यवस्था पर इसके नकारात्मक प्रभाव की बात कही। कोविड-19 के दौरान भारतीय अर्थव्यवस्था की स्थिति और 1990 के दशक में अमेरिकी प्रतिबंधों का जिक्र करते हुए गोयल ने कहा, विश्लेषकों को यह समझना चाहिए कि भारत आयात पर निर्भर अर्थव्यवस्था है, इसलिए अमेरिका को कम निर्यात का भारत पर बहुत कम प्रभाव पड़ेगा।
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