सरकार की सख्ती, पान मसाला के पैकेट पर अनिवार्य रूप से लिखनी होगी ये बात; नहीं चलेगी कंपनियों की मनमानी
सरकार ने पान मसाला के पैकेट पर MRP और कानूनी जानकारी लिखना अनिवार्य कर दिया है, चाहे पैकेट छोटा हो या बड़ा। पहले छोटे पैकेट को छूट थी, जो अब खत्म हो गई ...और पढ़ें

नई दिल्ली। सरकार ने बड़ा फैसला लिया है। अब पान मसाला के हर पैकेट पर चाहे 1 ग्राम का हो या 100 ग्राम का हो, रिटेल सेल प्राइस (MRP) और सारी कानूनी जानकारी स्पष्ट रूप से लिखनी अनिवार्य होगी। पहले 10 ग्राम या उससे छोटे पैकेट को इस नियम से छूट थी, जिसे अब पूरी तरह खत्म कर दिया गया है।
आम आदमी को सीधे-सीधे होंगे ये 5 फायदे
1. लूट से बचत
दुकानदार छोटे पाउच जैसे 2 रुपये, 5 रुपये, 10 रुपये वाले पैकेट में मनमाना दाम वसूलते थे। कभी 10 रुपये का पाउच 20 रुपये में बेच देते थे। अब MRP लिखा होगा तो दुकानदार ज्यादा पैसे नहीं मांग सकेगा।
2. सही कीमत की पूरी जानकारी
अब हर पैकेट पर साफ-साफ लिखा होगा कि असली कीमत कितनी है। आप आसानी से तुलना कर सकेंगे और सस्ता-महंगा समझकर खरीदारी करेंगे।
3. छोटे पाउच में भी एकसमान GST
छोटे पैकेट पर पहले टैक्स चोरी आसान थी क्योंकि MRP नहीं होता था। अब सरकार को सही टैक्स मिलेगा और टैक्स चोरी रुकेगी। लंबे समय में इससे सरकार को ज्यादा राजस्व मिलेगा, जो सड़क, अस्पताल, स्कूल जैसी सुविधाओं पर खर्च हो सकता है।
4. गुणवत्ता और वजन की गारंटी
अब पैकेट पर नेट वजन, निर्माण तिथि, पैकिंग तिथि, कंपनी का नाम-पता सब लिखना जरूरी होगा। नकली और घटिया पान मसाला बेचना मुश्किल हो जाएगा।
5. कानूनी सुरक्षा मिलेगी
अगर दुकानदार MRP से ज्यादा लेगा तो आप शिकायत कर सकेंगे। कानूनी मेट्रोलॉजी नियमों के तहत उस पर जुर्माना और कार्रवाई होगी। आपके पास सबूत रहेगा।
उपभोक्ता मामलों के मंत्रालय को उम्मीद है कि इस कदम से छोटे पैके पर गुमराह करने वाली या धोखा देने वाली कीमतों को रोका जा सकेगा और ग्राहक को बेहतर जानकारी के साथ खरीदने का फैसला लेने में मदद मिलेगी। छोटे पैक वाले पान मसाला पैकेट के ऊपर भी खुदरा मूल्य प्रदर्शित करना होगा और 2011 के नियमों के तहत सभी जरूरी घोषणाएं प्रदर्शित करनी होंगी।

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