नई दिल्‍ली, पीटीआइ। PACL के निवेशकों के लिए एक अच्‍छी खबर है। जिन निवेशकोंं ने 5,000 रुपये तक की वापसी का दावा सेबी के पास किया है और उसमें कुछ त्रुटियां रह गई हैं, तो वेे उसमें सुधार कर सकते हैं। भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (Sebi) ने मंगलवार को निवेशकों से कहा है कि अगर उन्होंने 5,000 रुपये तक का दावा किया है तो अपने आवेदन की स्थिति की जांच कर लें और अगर उसमें कोई त्रुटि है तो उसे 31 जुलाई तक दूर कर लें। सेबी ने ऐसा इसलिए कहा है ताकि रिफंड प्रकिया की शुरुआत की जा सके। दावे के आवेदन की स्थिति देखने के लिए 24 जनवरी से ही ऑनलाइन पोर्टल परिचालन में है।  

भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड ने अपने बयान में कहा है कि आवेदन की स्थिति जांचने और किसी गलती में सुधार की आखिरी तारीख 31 जुलाई 2020 है। 

PACL ने निवेशकों से कृषि और रियल एस्‍टेट कारोबार के नाम पर पैसे जुटाए थे। सेबी ने पाया कि 18 साल की अवधि के दौरान इलीगल कलेक्टिव इन्‍वेस्‍टमेंट स्‍कीम के जरिये इस कंपनी ने 60,000 करोड़ रुपये से अधिक की राशि जुटाई थी। 

रिटायर्ड जस्टिस आर एम लोढ़ा की अध्‍यक्षता में एक कमेटी बनाई गई जिसका काम PACL के निवेशकों के रिफंड का प्रबंधन करना है। सेबी ने जनवरी में कहा था कि 3.81 लाख से अधिक निवेशकों को रिफंड का भुगतान किया जा चुका है। ये वैसे निवेशक थे जिन्‍होंने 5,000 रुपये तक का दावा किया था। हालांकि, रिफंड के आवेदन में कुछ त्रुटियों की वजह से कुछ आवेदनों की प्रोसेसिंग नहीं हो पाई थी। 

2015 के दिसंबर में सेबी ने PACL की सभी संपत्तियों को जब्‍त करने का आदेश दिया था। साथ ही निवेशकों को रिफंड देने में विफल होने के कारण इसके 9 प्रवर्तकों और निदेशकों को गिरफ्तार करने का आदेश दिया था। 22 अगस्‍त 2014 के अपने आदेश में सेबी ने PACL, इसके प्रवर्तकों और निदेशकों से निवेशकों के पैसे लौटाने को कहा था। 

Posted By: Manish Mishra

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