सर्च करे
Home
फोकस
विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jun 04, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

Odisha Train Accident के पीड़ितों को LIC ने दी राहत, क्लेम सेटलमेंट प्रोसेस को किया आसान

By Abhinav ShalyaEdited By: Abhinav Shalya
Published: Sun, 04 Jun 2023 10:01 AM (IST)

Odisha Train Accident ओडिशा के बालेश्वर में हुए रेल हादसे को अब तक का सबसे बड़े ट्रेन एक्सीडेंट में से ...और पढ़ें

Odisha Train Accident LIC simplified claim settlement process
Odisha Train Accident LIC simplified claim settlement process

नई दिल्ली, बिजनेस डेस्क। देश की सबसे बड़ी बीमा कंपनी एलआईसी ने ओडिशा ट्रेन हादसे के पीड़ितों को राहत देते हुए उनके लिए क्लेम सेटलमेंट प्रोसेस को आसान बनाया है। एलआईसी के चेयरमैन सिद्धार्थ मोहंती की ओर से जारी किए गए एक बयान में हादसे के पीड़ितों कई छूट का एलान किया गया।

LIC ने ओडिशा ट्रेन हादसे पीड़ितों को क्या राहत दी?

एलआईसी की ओर से जारी किए गए बयान में कहा गया कि ये छूट एलआईसी के बीमाधारकों के साथ प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना के बीमाधारकों के लिए है।

आगे कहा गया है कि पॉलिसी में क्लेम करने के लिए रेलवे, पोलिस और केंद्रीय एजेंसियों की ओर से जारी की गई मृतकों की लिस्ट को ही मृत्यु प्रमाण पत्र मान लिया जाएगा। इससे हादसे के पीड़ितों को राहत मिलेगी।

यात्रियों के लिए जारी किया हेल्प डेस्क नंबर

एलआईसी रेल हादसे पीड़ितों की ओर से आए क्लेम को जल्द सेटल करने के लिए डिविजनल और ब्रांच स्तर पर हेल्प डेस्क स्थापित करेगा। इसके लिए एक हेल्प लाइन नंबर 022-68276827 नंबर जारी किया है।

LIC ने रेल हादसे पर जताया दुख

बालेश्वर एक्सप्रेस हादसे में पर मोहंती ने कहा कि हम शुक्रवार को ओडिशा के बालासोर में हुए दुखद ट्रेन हादसे से बहुत दुखी हैं। एलआईसी प्रभावित लोगों की मदद देने करने के लिए प्रतिबद्ध है और वित्तीय राहत प्रदान करने के लिए दावा निपटान में तेजी लाएगा।

क्या है Odisha Train Accident?

ओडिशा के बालेश्वर जिले में बहंगा बाजार स्टेशन के पास शुक्रवार को शाम सात बजे कोरोमंडल एक्सप्रेस, एसएमवीटी बेंगलुरु-हावड़ा सुपरफास्ट एक्सप्रेस और एक मालगाड़ी आपस में भिड़ गए थे। इस हादसे में 288 लोगों की मृत्यु और 1100 के करीब लोग घायल हो चुके हैं। इसे रेलवे इतिहास की सबसे बड़ी दुर्घटनाओं में एक माना जा रहा है।