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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Sep 04, 2022 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

भारत में आर्थिक मंदी का कोई खतरा नहीं, पूरी दुनिया में तेजी से बढ़ेगी हमारी अर्थव्यवस्था : निर्मला सीतारमण

By Siddharth PriyadarshiEdited By:
Published: Sun, 04 Sep 2022 09:30 AM (IST)

केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा है कि भारतीय अर्थव्यवस्था के मंदी में जाने की आशंका शून्य है। उन्होंने ...और पढ़ें

Nirmala Sitharaman recession Indian economy rapid growth
Nirmala Sitharaman recession Indian economy rapid growth

नई दिल्ली, बिजनेस डेस्क। केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण (Nirmala Sitharaman) ने भारत की जीडीपी (India's GDP) के दोहरे अंकों के विकास की संभावना पर बल देते हुए कहा कि हमारा देश दूसरों के मुकाबले काफी मजबूत स्थिति में है और हमें अब उन वर्गों की मदद करने के लिए आगे आना होगा, जिन्हें हमारी जरूरत है।

मीडिया रिपोर्टस के मुताबिक, वित्त मंत्री ने शनिवार को कहा कि भारत के मंदी में जाने की आशंका शून्य है। उन्होंने विश्वास जताया कि भारत की विकास दर दोहरे अंकों में रहेगी। सरकार ने इसे लेकर काफी काम किया है.... जिस कारण मंदी का कोई भी खतरा नहीं है। 

राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय (National Statistical Office) यानी एनएसओ की ओर से जारी किए गए आंकड़ों के मुताबिक, भारतीय अर्थव्यवस्था ने पिछले एक साल में सबसे तेज गति से विकास किया है। इस दौरान भारतीय अर्थव्यवस्था में खपत बढ़ी है और इसके साथ आरबीआई की ओर से महंगाई कम करने के प्रयासों का भी असर दिखाई दिया है। सकल घरेलू उत्पाद (Gross Domestic Product) यानी जीडीपी की विकास दर इस वित्त वर्ष की पहली तिमाही (अप्रैल-जून) के बीच 13.5 फीसदी रही है, जो कि पिछले साल 20.1 फीसदी थी।

वित्त मंत्री ने आगे कहा कि कुछ लोग इस बात को लेकर सवाल उठा सकते हैं कि अर्थव्यवस्था में यह वृद्धि आधार संकुचन के कारण है, लेकिन सच है कि वर्तमान में भारत तेजी से बढ़ती हुई अर्थव्यवस्था है। उन्होंने वर्ल्ड बैंक और आईएमएफ की रिपोर्ट का हवाला देते हुए कहा कि भारत की तुलना में अन्य विकासशील और विकसित देश मंदी की तरफ जा रहे हैं।

रेवड़ी कल्चर को लेकर दिया बयान

रेवड़ी कल्चर पर बात करते हुए वित्त मंत्री ने कहा कि हम सभी को इस पर बैठकर बातचीत करनी चाहिए। अगर कोई भी चीज फ्री दी जा रही है तो उसका सीधा मतलब है कि कोई न कोई उसके लिए भुगतान कर रहा है। किसी को भी सत्ता में आने से पहले वित्तीय स्थिति का सही आकलन करना चाहिए और रेवड़ी बांटने से पहले उसके खर्च का प्रावधान हो जाना चाहिए।

2047 तक दुनिया की दूसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था होगा भारत

कॉमर्स सेक्रेटरी बीवीआर सुब्रमण्यम ने शनिवार को कहा कि अगले कुछ वर्षों में भारत दुनिया की शीर्ष चार अर्थव्यवस्थाओं में शामिल हो जाएगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा निर्धारित विजन के तहत 2047 तक भारत दुनिया की दूसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था होगी।

दुनिया की पांचवीं बड़ी अर्थव्यवस्था बना भारत

आईएमएफ की ओर से जारी किए गए आंकड़ों के मुताबिक, इस साल भारत यूनाइटेड किंगडम को पछाड़कर दुनिया की पांचवीं सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन गया है। मौजूदा समय में अमेरिका, चीन, जापान और जर्मनी ही अर्थव्यवस्था के मामले में भारत से आगे हैं। यूनाइटेड किंगडम अब दुनिया की छठवीं बड़ी अर्थव्यवस्था बन गया है।