नई दिल्ली, पीटीआइ। नरेंद्र मोदी सरकार ने प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना (PMFBY) में बड़े बदलावों को बुधवार को मंजूरी दे दी। इस योजना को अब किसानों के लिए वैकल्पिक बना दिया गया है। कृषि बीमा से जुड़ी योजनाओं की खामियों को दूर करने के लिए कैबिनेट ने इस फैसले को अपनी मंजूरी दी है। PMFBY के तहत लोन लेने वाले किसानों के लिए फसल बीमा योजना के तहत कवर प्राप्त करना अनिवार्य था। मोदी सरकार ने फरवरी 2016 में इस योजना की शुरुआत की थी। 

PMFBY बना वैकल्पिक 

इस समय करीब 58 फीसदी किसानों ने लोन ले रखा है। कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने संवाददाताओं के जानकारी दी कि केंद्रीय कैबिनेट ने PMFBY कार्यक्रम में कई बदलावों को मंजूरी दे दी है क्योंकि किसानों के संगठन और राज्य कुछ चिंताएं जाहिर कर रहे थे। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना को वैकल्पिक बना दिया गया है।  

30 फीसद कृषि योग्य भूमि को बीमा कवर 

इस स्कीम की उपलब्धियों के बारे में तोमर ने कहा कि कुल कृषि योग्य भूमि में से 30 फीसद इस इंश्योरेंस प्रोग्राम में कवर होती हैं। उन्होंने कहा कि 60,000 करोड़ रुपये मूल्य के क्लेम क्लियर कर दिये गए हैं। वहीं, 13,000 करोड़ रुपये का प्रीमियम इकट्ठा किया गया है।  

डेयरी सेक्टर के लिए 4,558 करोड़ रुपये की नई योजना 

दूसरी तरफ केंद्र सरकार ने डेयरी सेक्टर को बढ़ावा देने के लिए 4,558 करोड़ रुपये की योजना को बुधवार को मंजूरी दी। इससे 95 लाख किसानों को फायदा होगा। कैबिनेट द्वारा लिखे गए फैसलों के बारे में जानकारी देते हुए सूचना-प्रसारण मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने कहा कि यह योजना श्वेत क्रांति को अगले स्तर तक ले जाएगी। उन्होंने साथ ही कहा कि कैबिनेट ने इंटरेस्ट सबवेंशन स्कीम के तहत लाभ को बढ़ाकर दो फीसद से 2.5 फीसद करने का निर्णय किया है। उन्होंने कहा कि दोनों फैसलों से किसान एवं पशुपालक समुदाय को लाभ होगा।

Posted By: Ankit Kumar

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