GST से जन धन योजना तक, 12 साल में PM Modi के बड़े आर्थिक फैसले; आम आदमी और 'आत्मनिर्भर भारत' पर रहा फोकस
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 10 जून 2026 को लगातार 12 साल प्रधानमंत्री रहकर पंडित जवाहर लाल नेहरू का रिकॉर्ड तोड़ा ...और पढ़ें

HighLights
पीएम मोदी ने लगातार 12 साल प्रधानमंत्री रहने का रिकॉर्ड बनाया।
जन धन, नोटबंदी, जीएसटी जैसे बड़े आर्थिक सुधार लागू किए।
मेक इन इंडिया, आत्मनिर्भर भारत से अर्थव्यवस्था को गति दी।
नई दिल्ली। 10 जून 2026 की तारीख प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) के लिए बेहद खास है। क्योंकि, इस दिन उन्होंने सबसे लंबे वक्त तक प्राइम मिनिस्टर बने रहने का पंडित जवाहर लाल नेहरू का रिकॉर्ड तोड़ दिया है। पीएम मोदी (PM Modi Record) ने लगातार 12 साल निर्वाचित प्रधानमंत्री रहने का पंडित नेहरू का 4397 दिनों का रिकॉर्ड ब्रेक किया है। खास बात है कि प्रधानमंत्री के तौर पर अब भी उनके पास 3 साल का कार्यकाल बाकी है।
इन 12 सालों में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कई बड़े ऐतिहासिक फैसले लिए हैं, इनमें कुछ बड़े आर्थिक निर्णय भी शामिल हैं, जिनकी चर्चा देश के साथ-साथ विदेशों तक होती है। आइये आपको बताते हैं पीएम मोदी के बड़े आर्थिक फैसले, जिन्होंने आम आदमी के जीवन पर गहरा असर डाला है।
पीएम जन धन योजना और DBT
मई 2014 में सत्ता संभालते ही पीएम मोदी ने अपने कार्यकाल की सबसे अहम योजना की शुरुआत की। उन्होंने देश के आखिरी व्यक्ति को बैंकिंग सिस्टम से जोड़ने के लिए जीरो-बैलेंस बैंक खाते खोलने के लिए जन-धन स्कीम की शुरुआत की। इसके साथ ही पीएम मोदी ने'जन धन-आधार-मोबाइल' के जरिए सरकारी योजनाओं का पैसा सीधे लाभार्थियों तक पहुंचाने के लिए डायरेक्ट बेनेफिट ट्रांसफर शुरू किया।
नोटबंदी
पीएम मोदी के 12 साल के कार्यकाल में सबसे चर्चित फैसला नोटबंदी से जुड़ा था। 8 नवंबर 2016 को पीएम मोदी ने रात 8 बजे, देश को संबोधित करते हुए 500 और 1000 रुपये के नोटों को चलन से बाहर करने का एलान कर दिया। काले धन और नकली नोटों के खत्म के लिए यह मोदी सरकार का एक बेहद साहसिक फैसला माना जाता है। खास बात है कि नोटबंदी के बाद से डिजिटल पेमेंट का चलन तेजी से बढ़ा।
GST - सबसे बड़ा टैक्स सुधार
भारत में जीएसटी की मांग लंबे समय से की जा रही थी, और इसकी कल्पना वाजपेयी सरकार में की गई थी। इसके बाद यूपीए सरकार ने इस पर काम किया लेकिन इसे लागू करने का साहस मोदी सरकार ने दिखाया। एक देश, एक टैक्स सिस्टम के तहत 1 जुलाई 2017 से पूरे देश में जीएसटी (GST) लागू किया गया।
इनसॉल्वेंसी एंड बैंकरप्सी कोड (IBC)
साल 2016 में ही मोदी सरकार ने बैंकिंग सुधार की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया और बैंकों के फंसे हुए कर्ज (NPA) जैसी समस्या से निपटने के लिए IBC (इनसॉल्वेंसी एंड बैंकरप्सी कोड) कानून लाया गया। इसके लागू होने के बाद दिवालिया हो रही कंपनियों से बैंकों का पैसा वसूलने की प्रक्रिया तेज और बेहतर हुई, जिससे भारतीय बैंकों की बैलेंस शीट में काफी सुधार हुआ।
RERA कानून
साल 2016 में ही मोदी सरकार ने रियल एस्टेट सेक्टर में ग्राहकों के साथ हुई धोखाधड़ी को रोकने और पारदर्शी सिस्टम बनाने के लिए 'रियल एस्टेट रेगुलेटरी अथॉरिटी'(RERA) कानून लागू किया। इस कानून का रियल एस्टेट सेक्टर में व्यापक असर देखने को मिला।
कॉर्पोरेट टैक्स में कटौती, LTCG खत्म
भारत में विदेशी निवेश (FDI) को आकर्षित करने के लिए सरकार ने 2 बड़े फैसले लिए, इनमें पहला साल 2019 और दूसरा 2026 में लिया है। साल 2019 में सरकार ने विदेशी निवेश बढ़ाने और घरेलू कंपनियों को राहत देने के लिए बेस कॉर्पोरेट टैक्स को 30% से घटाकर 22% कर दिया। इसके अलावा, इसी महीने जून में सरकारी प्रतिभूतियों में निवेश पर LTCG टैक्स को खत्म कर दिया।
मेक इन इंडिया और आत्मनिर्भर भारत पहल
भारत में मैन्युफैक्चरिंग को बढ़ावा देने के लिए पीएम मोदी ने 'मेक इन इंडिया' और 'आत्मनिर्भर भारत' जैसे संकल्प के लिए 14 से ज्यादा सेक्टर्स के लिए PLI स्कीम शुरू की। इस योजना ने भारत को दुनिया की दूसरी सबसे बड़ी मोबाइल मैन्युफैक्चरिंग हब बना दिया है। इसके तहत भारत में उत्पादन और निर्यात करने वाली कंपनियों को आर्थिक प्रोत्साहन दिया जाता है।
