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    रेवड़ी कल्चर पर नारायण मूर्ति बोले - मुफ्त की योजनाओं से नहीं, नौकरी बढ़ाने के मिटेगी गरीबी

    Narayan Murthy’s Strong Remark on Freebies इन्फोसिस के को फाउंडर एन.आर. नारायण मूर्ति ने मुफ्तखोरी (फ्री बिजली पानी) पर तीखी टिप्पणी दी है। वे हाल ही में टाईकॉन 2025 सम्मेलन में शामिल हुए थे। इस सम्मेलन के दौरान नारायण मूर्ति ने कहा कि गरीबी मुफ्त चीजे बांटने से नहीं कम होगी. इसके साथ ही उन्होंने एआई और उद्यमिता के बारे में भी कई बातें कही है।

    By Mansi Bhandari Edited By: Mansi Bhandari Updated: Thu, 13 Mar 2025 03:59 PM (IST)
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    नारायण मूर्ति ने मुफ्तखोरी पर दी तीखी टिप्पणी

     बिजनेस डेस्क, नई दिल्ली। हाल ही में टाईकॉन सम्मेलन 2025 आयोजित हुआ था. जिसमें इन्फोसिस के को फाउंडर एन. आर. नारायण मूर्ति भी शामिल हुए थे। इस सम्मेलन के दौरान भाषण देते वक्त, नारायण मूर्ति ने मुफ्तखोरी पर तीखी टिपपणी दी।

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    नारायण मूर्ति ने क्या कहा?

    नारायण मूर्ति ने अपने भाषण में कहा कि हमारे देश में गरीबी खत्म मुफ्त की चीजें बांटने पर नहीं, बल्कि नौकरियां पैदा करने पर होगी। उन्होंने आगे कहा कि नए-नए बिजनेस शुरू करके ही गरीबी को मिटाया जा सकता है।

    इसके साथ ही उन्होंने एआई के इस्तेमाल पर कटाक्ष किया। उन्होंने कहा कि एआई पुराने प्रोग्राम को नया रूप देने जैसा है। वहीं नारायण मूर्ति ने इनोवेशन और रोजगार सृजन पर फोकस करने की अपील की। नारायण मूर्ति का मानना है कि इनोवेशन से ही गरीबी दूर हो सकती है।

     मूर्ति ने एआई पर कहा कि एआई एक पुराना प्रोग्राम है, जिसे नए तरीके से पेश किया जा रहा है।

    हाल ही दिल्ली चुनाव के समय बीजेपी, आप और कांग्रेस, सभी ने ही मुफ्त रेवड़ियां बांटने का ऐलान किया। इसके अलावा कई अलग-अलग स्कीम भी लॉन्च की। जिसके बाद से ही मुफ्तखोरी बनाम आर्थिक विकास चर्चा पर है।

    नारायण मूर्ति ने Startup को बताया गरीबी का समाधान

    नारायण मूर्ति ने कहा कि मुझे विश्वास है कि आप में से हर कोई हजारों नौकरियां पैदा कर सकता है और देश में बढ़ रही गरीबी का समाधान कर सकता है। आप मुफ्त की चीजें देकर गरीबी खत्म नहीं कर सकते।

    इसके साथ ही उन्होंने ये भी कहा कि वे ये टिप्पणी राजनीतिक या प्रशासनिक नजरिए से नहीं बोल रहे हैं।

    उन्होंने आगे एक उदाहरण देते हुए कहा कि अगर 200 यूनिट तक मुफ्त यूनिट दी जाती है, तो सरकार ऐसे घरों में सर्वे कर ये देख सकता है कि क्या बच्चे घरों में पढ़ रहे हैं या माता-पिता उनकी पढ़ाई में जोर दे रहे हैं।

    मूर्ति का ये बयान ऐसे समय में आया है, जब सुप्रीम कोर्ट सरकार की मुफ्तखोरी वाली योजनाओं पर सवाल उठा रही है।

    कब हुई इंफोसिस की शुरुआत?

    इंफोसिस एक आईटी सेवा कंपनी है। इसकी शुरुआत 2 जुलाई 1981 में हुई थी। इंफोसिस आज लगभग 18.8 बिलियन अमेरिकी डॉलर की कंपनी बन गई है। वहीं ये कंपनी आज NYSE में सूचीबद्ध है। वहीं अगर नारायण मूर्ति की बात करें तो वे साल 1981 से 2002 तक सीईओ रहे। इसके बाद वे 2002 से 2011 तक चेयरमैन भी बने. फिर जून 2013 में उन्हें फिर से पांच साल की अवधि के लिए कार्यकारी चेयरमैन नियुक्त किया गया।