सर्च करे
Home
फोकस
विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Mar 24, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

Mutual Fund Tax: म्यूचुअल फंड में करते हैं निवेश? सरकार करने जा रही ये बदलाव, जानिए आप पर क्या होगा असर

By Sonali SinghEdited By: Sonali Singh
Published: Fri, 24 Mar 2023 01:02 PM (IST)Updated: Fri, 24 Mar 2023 01:14 PM (IST)

Debt Mutual Funds अगर आप भी Mutual Fund में निवेश करते हैं तो आपको बता दें कि जल्द ही इसके ...और पढ़ें

Debt Mutual Funds Long Term Capital Gain, See Details Here
Debt Mutual Funds Long Term Capital Gain, See Details Here

नई दिल्ली, बिजनेस डेस्क। अगर आप भी म्यूचुअल फंड (Mutual Fund) में निवेश करते हैं तो इसे लेकर एक बड़ा अपडेट आ रहा है। कहा जा रहा है कि सरकार वैसे डेट म्यूचुअल फंड से लॉन्ग टर्म कैपिटल गेन टैक्स (LTCG) को खत्म कर सकती है जो इक्विटी में 35 प्रतिशत से कम निवेश करते हैं। सूत्रों के मुताबिक, सरकार संसद में वित्त विधेयक 2023 में संशोधन के रूप में इस तरह का प्रस्ताव पेश कर सकती है। ऐसे में अपडेट के बाद इस तरह के म्युचुअल फंड पर शॉर्ट टर्म कैपिटल गेन (STCG) टैक्स लगेगा।

1 अप्रैल को आ सकता फैसला

कहा जा रहा है कि 1 अप्रैल से शुरू होने वाले वित्तीय वर्ष के लिए ये नियम प्रस्ताव में शामिल हैं, और इसे जल्द से जल्द लोकसभा में मंजूरी के लिए लिया जाना है। संसद द्वारा वित्त विधेयक 2023 में संशोधन को मंजूरी मिलने के बाद, इक्विटी शेयरों में अपनी संपत्ति का 35 प्रतिशत तक निवेश करने वाले म्यूचुअल फंड योजनाओं के धारकों पर उनकी स्लैब दरों के अनुसार टैक्स लगाया जाएगा।

वर्तमान में ये है नियम

वर्तमान में ऐसी म्युचुअल फंड योजनाओं पर इंडेक्सेशन लाभ के साथ 20 फीसद तक लॉन्ग टर्म कैपिटल गेन टैक्स लगता है। हालांकि, ऐसे प्रस्ताव के आने से बाजार से जुड़े डिबेंचर और एक म्यूचुअल फंड के बीच की दूरी कम हो जाएगी। अपने फंड का अधिकांश हिस्सा डेट में निवेश करने से लोगों के लिए कराधान में समानता आने की उम्मीद है।

31 मार्च को है नॉमिनी की अंतिम तारीख

जानकारी के लिए बता दें कि म्यूचुअल फंड (Mutual Fund) में अगर अपने अब तक Nominee नहीं भरा है तो जल्द कर लें। भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (SEBI) ने एक परिपत्र जारी किया और सभी म्यूचुअल फंड निवेशकों के लिए या तो अपने निवेश के लिए नॉमिनेट करना या ऑप्ट आउट करना अनिवार्य कर दिया और इसकी अंतिम तिथि 31 मार्च रखी गई है।