जैसा टेलीकॉम में किया, वैसा ही तहलका म्यूचुअल फंड सेक्टर में मचाने जा रहे मुकेश अंबानी, क्या है Jio-BlackRock की स्ट्रैटजी?
Jio BlackRock MF Strategy यह जॉइंट वेंचर भारत के 72.2 लाख करोड़ रुपए के म्यूचुअल फंड बाजार में हलचल मचा सकता है। वेंचर 3 डेट फंड लॉन्च करके 17800 करोड़ की राशि जुटा चुका है। इन फंड्स में ओवरनाइट लिक्विड और मनी मार्केट शामिल हैं। इन फंड्स में 90 संस्थागत निवेशकों और 67000 रिटेल निवेशकों ने भाग लिया है।

नई दिल्ली| Jio BlackRock MF Strategy : मुकेश अंबानी ने जैसा टेलीकॉम सेक्टर में किया था, अब वैसा ही तहलका म्यूचुअल फंड सेक्टर में मचाने जा रहे हैं। रिलायंस ग्रुप ने अमेरिका की सबसे बड़ी एसेट मैनेजमेंट कंपनी ब्लैकरॉक के साथ हाथ मिलाया है। ये दोनों कंपनियां मिलकर भारत के 72.2 लाख करोड़ रुपए के बाजार में एक ऐसा डिजिटल म्यूचुअल फंड प्लेटफॉर्म लाने की तैयारी में हैं, जो ना सिर्फ कम-शुल्क वाला होगा, बल्कि तेज़, आसान और टेक्नोलॉजी पर आधारित होगा। इस कदम से छोटे निवेशकों को म्यूचुअल फंड की दुनिया से जोड़ने का बड़ा रास्ता खुल सकता है।
साल के अंत तक लॉन्च की तैयारी
रियालंस ग्रुप की जियो फाइनेंशियल सर्विसेज और ब्लैकरॉक का नया प्लेटफॉर्म इस साल के अंत तक बाजार में लॉन्च हो सकता है। जॉइंट वेंचर की शुरुआत में ही एक दर्जन के करीब इक्विटी और डेट फंड लाए जाने की योजना है। कंपनी की स्ट्रैटजी पारंपरिक डिस्ट्रीब्यूटर चैनल को दरकिनार करते हुए डायरेक्ट-टू-कंज्यूमर मॉडल पर आधारित होगी। इससे निवेशकों को बिचौलियों पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा और उन्हें कम लागत पर बेहतर सेवा मिलेगी।
कम लागत में निवेश का मौका
वर्तमान में एक्टिव फंड्स का औसत खर्च अनुपात (टोटल एक्सपेंस रेश्यो) 1.78% है, जो अधिकतम 2.5% तक हो सकता है। डायरेक्ट फंड्स में यह खर्च 0.5% से 0.6% कम होता है। लेकिन जियो ब्लैकरॉक डिस्ट्रीब्यूटर्स को बायपास करके सीधे संस्थागत और खुदरा निवेशकों को फंड ऑफर करने की योजना बना रहा है। इससे फंड की फीस और खर्च अनुपात कम होगा, जिससे निवेशकों को कम लागत में निवेश का मौका मिलेगा।
Jio-BlackRock की स्ट्रैटजी क्या है?
Jio-BlackRock का जॉइंट वेंचर भारत के 72.2 लाख करोड़ रुपए के म्यूचुअल फंड बाजार में हलचल मचा सकता है। दरअसल, जॉइंट वेंचर ने अभी तक तीन डेट फंड लॉन्च किए हैं। इसके जरिए 17,800 करोड़ की राशि जुटाई जा चुकी है। इन फंड्स में ओवरनाइट, लिक्विड और मनी मार्केट शामिल हैं। इन फंड्स में 90 संस्थागत निवेशकों और 67,000 रिटेल निवेशकों ने भाग लिया है। इसके अलावा, कंपनी ने 8 नए फंड लॉन्च करने के लिए आवेदन किया है, जिनमें 500 रुपए जैसी छोटी राशि से निवेश शुरू किया जा सकेगा। फंड्स की लागत यानी टोटल एक्सपेंस रेश्यो इंडस्ट्री के औसत (1.78%) से काफी कम रखी जाएगी।
- कम लागत: परंपरागत फंड हाउस की तुलना में मैनेजमेंट फीस बेहद कम होगी।
- छोटे निवेश को बढ़ावा: SIP 100 रुपए से लेकर 500 रुपए से शुरू होगी।
- AI-बेस्ड फाइनेंशियल सलाह: हर यूज़र को उसकी ज़रूरत और रिस्क प्रोफाइल के हिसाब से निवेश सुझाव।
- फुल डिजिटल अनुभव: निवेश, मॉनिटरिंग और रिडेम्प्शन-सब कुछ मोबाइल ऐप से।
Jio की पहुंच का फायदा उठाने की कोशिश
रिलायंस की टेलीकॉम कंपनी Jio की मजबूत डिजिटल उपस्थिति इस योजना का सबसे बड़ा आधार है। 47.5 करोड़ मोबाइल यूजर्स और MyJio और Jio Finance जैसे प्लेटफॉर्म पर 80 लाख फाइनेंशियल यूजर, इस नेटवर्क के ज़रिए फंड्स को सीधे ग्राहकों तक पहुंचाया जाएगा। जियो की यही रणनीति पहले मोबाइल-इंटरनेट क्रांति में सफल हुई थी और अब यह निवेश की दुनिया को बदलने जा रही है।
BlackRock की खासियत क्या है?
BlackRock के पास दिसंबर 2024 तक 11.6 ट्रिलियन डॉलर की संपत्ति का मैनेजमेंट करने का एक्सपीरियंस है। यह कंपनी अपने पैसिव फंड्स और Aladdin नामक इन्वेस्टमेंट सिस्टम के लिए जानी जाती है। अब यही तकनीक जियो-ब्लैकरॉक फंड हाउस में भी इस्तेमाल की जाएगी, जिससे निवेशकों को ज्यादा पारदर्शी और डेटा-आधारित फैसले मिल सके।
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