यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Aug 01, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
RBI के पास वापस आए 2,000 रुपये के 97.92 प्रतिशत नोट; 7,409 करोड़ रुपये के नोट अब भी आने बाकी
RBI ने बृहस्पतिवार को कहा कि 2000 रुपये के 97.92 प्रतिशत नोट बैंकों में वापस आ गये हैं। आरबीआई ने ...और पढ़ें

पीटीआई, नई दिल्ली। भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने बृहस्पतिवार को कहा कि 2,000 रुपये के 97.92 प्रतिशत नोट बैंकों में वापस आ गये हैं। चलन से हटाये गये केवल 7,409 करोड़ रुपये मूल्य के नोट अब लोगों के पास हैं। आपको बता दें कि नवंबर, 2016 में 1,000 रुपये और 500 रुपये के बैंक नोट को चलन से हटाने के बाद 2,000 रुपये के बैंक नोट जारी किये गये थे।
97.92 प्रतिशत नोट वापस आए
आरबीआई ने 19 मई, 2023 को 2,000 रुपये मूल्य के बैंक नोट को चलन से हटाने की घोषणा की थी। 19 मई, 2023 की स्थिति के अनुसार उस समय चलन में 2,000 रुपये के बैंक नोट का कुल मूल्य 3.56 लाख करोड़ रुपये था। ये आंकड़ा 31 जुलाई, 2024 को घटकर 7,409 करोड़ रुपये रह गया है। केंद्रीय बैंक ने बयान में कहा कि इस प्रकार 19 मई, 2023 तक चलन में मौजूद 2,000 रुपये के 97.92 प्रतिशत बैंक नोट वापस आ गये हैं।
यह भी पढ़ें- दिल्ली-एनसीआर और मुंबई के लोगों को राहत, शुक्रवार से 50 रुपये प्रतिकिलो टमाटर बेचेगी सरकार
अभी भी हो सकते हैं जमा
दो हजार रुपये के बैंक नोट को जमा करने या बदलने की सुविधा सात अक्टूबर, 2023 तक देश की सभी बैंक शाखाओं में उपलब्ध थी। चलन से हटाये गये 2,000 रुपये के बैंक नोट को बदलने की सुविधा 19 मई, 2023 से रिजर्व बैंक के 19 निर्गम कार्यालयों में उपलब्ध है।
आरबीआई के निर्गम कार्यालय 9 अक्टूबर, 2023 से बैंक खातों में जमा करने के लिए भी 2,000 रुपये के बैंक नोट स्वीकार कर रहे हैं। इसके अलावा लोग देश के भीतर भारतीय डाक से भी 2,000 रुपये के नोट आरबीआई के किसी भी निर्गम कार्यालय में भेज रहे हैं। यह पैसा उनके बैंक खाते में जमा हो जाता है।
19 आरबीआई कार्यालय हैं एक्टिव
बैंक नोटों को जमा/विनिमय करने वाले 19 आरबीआई कार्यालय अहमदाबाद, बेंगलुरु, बेलापुर, भोपाल, भुवनेश्वर, चंडीगढ़, चेन्नई, गुवाहाटी, हैदराबाद, जयपुर, जम्मू, कानपुर, कोलकाता, लखनऊ, मुंबई, नागपुर, नयी दिल्ली, पटना और तिरुवनंतपुरम में हैं।
यह भी पढ़ें- सालाना 8 प्रतिशत GDP रही तो 2047 तक 55 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनेगा भारत: केवी सुब्रमण्यन

