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खाया है मधुसूदन देसी घी? सहारनपुर के इस गांव से निकला, सेवा राम की बड़ी सोच से पहुंचा घर-घर; जानिए दिलचस्प इतिहास

Published: Sat, 31 Oct 2026 01:25 PM (IST)

एसएमसी ग्रुप के संस्थापक सेवा राम ने 1948 में अग्रवाल जर्दा फैक्ट्री से शुरुआत कर मधुसूदन देसी घी जैसे सफल ...और पढ़ें

किसने की थी मधुसूदन घी की शुरुआत?

किसने की थी मधुसूदन घी की शुरुआत?

HighLights

  1. सेवा राम ने 1948 में एसएमसी ग्रुप की नींव रखी

  2. मधुसूदन देसी घी ग्रुप का प्रतिष्ठित ब्रांड बना

  3. डेयरी से स्टील तक, ग्रुप का सफल विस्तार हुआ

बिजनेस डेस्क, नई दिल्ली। हर सफलता की कहानी के पीछे एक मजबूत इरादा होता है और एसएमसी ग्रुप (SMC Group Success Story) के लिए ये नजरिया सेवा राम के पास था। वे एसएमसी ग्रुप के फाउंडर और मार्गदर्शक रहे। उन्होंने दूरदृष्टि और दृढ़ संकल्प से ये बिजनेस ग्रुप शुरू किया, जो समय के साथ कामयाबी की सीढ़ियां चढ़ता गया। मधुसूदन देसी घी (Madhusudan Desi Ghee History) इसी ग्रुप का ब्रांड और प्रोडक्ट है।

बड़ा था मकसद

साल 1948 में कारोबारी की भावना के साथ सेवा राम ने 'अग्रवाल जर्दा फैक्ट्री प्राइवेट लिमिटेड' की स्थापना करके कारोबारी दुनिया में कदम रखा। उनके वेंचर्स केवल एक सामान्य बिजनेस नहीं थे, बल्कि उनका उद्देश्य अपनी आने वाली पीढ़ी और अपने कार्यक्षेत्र के आसपास रहने वाले वंचित समुदायों के जीवन को बेहतर बनाना था।
उनका मानना था कि जिन लोगों के लिए वे काम करते हैं या जिनके साथ काम करते हैं, उनसे गहराई से जुड़े रहना चाहिए।

खूब हुआ नाम

सेवा राम अक्सर लोगों से सीधे मिलते थे, उनकी चुनौतियों को खुद समझते थे और उनकी जरूरतों को सुनते थे। इन व्यावहारिक अनुभवों ने उनके फैसलों को आकार दिया, जिससे उन्होंने ऐसे बिजनेसों का निर्माण किया जो न केवल आगे बढ़े, बल्कि अपने आसपास के समुदायों के दैनिक जीवन को भी आसान बनाया।
समय के साथ, वे उत्तर प्रदेश के अपने मूल क्षेत्र में सबसे सम्मानित और सफल उद्यमियों में से एक के रूप में उभरे।

डेयरी सेक्टर में एंट्री

सेवा राम की उद्यमिता का सफर यहीं नहीं रुका। उन्होंने डेयरी क्षेत्र की संभावनाओं और ग्रामीण आजीविका के साथ गहरे जुड़ाव को पहचानते हुए, डेयरी कारोबार में कदम रखा। उन्होंने न केवल ग्रुप के व्यावसायिक दायरे का विस्तार किया, बल्कि ऐसे अवसर भी पैदा किए जिनसे सीधे तौर पर किसानों को मदद मिली और उनके अपने तथा आसपास के क्षेत्रों में ग्रामीण समुदायों को मजबूती मिली।

एक के बाद एक कंपनी

साल 1991 में सेवा ने 'SMC फूड्स लिमिटेड' की स्थापना की, और इसके बाद 2003 में 'क्रीमी फूड्स लिमिटेड' की शुरुआत की। ये उपलब्धियां न केवल एक मजबूत डेयरी व्यवसाय बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम थीं, बल्कि किसानों के लिए स्थायी अवसर पैदा करने में भी मददगार साबित हुईं। इन दोनों इकाइयों ने ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने और हजारों डेयरी उत्पादकों को सहारा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

मधुसूदन ब्रांड की शुरुआत

मधुसूदन ब्रांड की शुरुआत वर्ष 1991-92 के आसपास हुई थी। यह ब्रांड भारतीय बाजार में शुद्धता, परंपरा और डेयरी उत्पादों के लिए जाना जाता है। उत्तर प्रदेश के सहारनपुर जिले के ननौता गाँव में इसका पहला दुग्ध प्रसंस्करण संयंत्र (Milk Processing Plant) स्थापित किया गया था। इसके बाद बुलंदशहर जिले के बरतोली गाँव (खुर्जा) में भी दूसरा संयंत्र लगाया गया।

नए सेक्टर्स में एंट्री

फिर कुछ नया बनाने और विस्तार करने का सेवा राम का जज्बा हमेशा की तरह मजबूत बना रहा। साल 2004 में, उनके नेतृत्व में ग्रुप ने एक नया कदम उठाया और 'SMC पावर जनरेशन लिमिटेड' की स्थापना की, जिसके साथ ही कंपनी ने स्टील और पावर सेक्टर में भी अपनी उपस्थिति दर्ज कराई।
सेवा राम की विरासत मधुसूदन ग्रुप का मार्गदर्शन कर रही है। सबसे बढ़कर, गुणवत्ता और ईमानदारी पर उनका जोर आज भी कायम है, जो मधुसूदन ब्रांड की नींव बना हुआ है।

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