LPG Price: एलपीजी गैस हुई महंगी, फिर भी सरकार को हो रहा हर सिलिंडर पर ₹700 का नुकसान; मगर क्यों?
OMCs ने ग्लोबल स्तर पर कच्चे तेल और प्राकृतिक गैस की ऊंची कीमतों से होने वाले नुकसान की आंशिक भरपाई ...और पढ़ें
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हर LPG सिलिंडर पर सरकार को हो रहा नुकसान (AI जनरेटेड फोटो)
HighLights
हर सिलिंडर पर सरकार को नुकसान
हर सिलिंडर पर ₹700 का नुकसान
स्ट्रेट ऑफ होर्मुज बंद होने का असर
नई दिल्ली। सरकार ने रविवार को कहा कि खाना पकाने वाली गैस की कीमतों में हाल ही में ₹29 की बढ़ोतरी के बावजूद, ऑयल मार्केटिंग कंपनियों (OMCs) को हर घरेलू LPG सिलिंडर पर लगभग ₹700 का नुकसान (अंडर-रिकवरी) हो रहा है। जी हां, सरकार ने कहा है कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर LPG की कीमतें बढ़ने के कारण घरेलू LPG सिलिंडर की सप्लाई की लागत ₹1,600 से अधिक हो गई है। वहीं दिल्ली में सिलिंडर की 942 रुपये है। सरकार ने इस बढ़ोतरी की वजह पश्चिम एशिया में संघर्ष के बाद ग्लोबल एनर्जी की कीमतों में हुई भारी वृद्धि को बताया, जिससे सप्लाई में रुकावट आई और बेंचमार्क सऊदी कॉन्ट्रैक्ट प्राइस (CP) बढ़ गए।
सऊदी कॉन्ट्रैक्ट प्राइस में कितनी हुई बढ़ोतरी?
सरकार के अनुसार, सप्लाई में रुकावट से पहले सऊदी CP $543 प्रति टन से मई में लगभग 46% बढ़कर $775 प्रति टन हो गया और जून में यह और बढ़कर $790 प्रति टन हो गया। वैसे तो भारत में पेट्रोलियम उत्पादों की कीमतें अंतरराष्ट्रीय बेंचमार्क से जुड़ी हुई हैं, लेकिन सरकार ने कहा कि उसने घरेलू उपभोक्ताओं द्वारा चुकाई जाने वाली प्रभावी कीमत को नियंत्रित रखा है।
हालिया बदलाव के बाद, दिल्ली में 14.2 किलोग्राम वाले घरेलू LPG सिलेंडर की कीमत ₹942 है, जबकि पहले यह ₹913 थी। प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना (PMUY) के लाभार्थी हर रिफिल पर ₹300 की सब्सिडी मिलने के बाद प्रति सिलेंडर प्रभावी रूप से ₹642 का भुगतान करेंगे।
स्ट्रेट ऑफ होर्मुज बंद होने का असर
मध्य पूर्व में संघर्ष के बीच स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के बंद होने से एनर्जी सप्लाई में रुकावट के बाद से कीमतें बढ़ाई गई हैं। मार्च में घरेलू LPG की कीमतों में ₹60 प्रति सिलेंडर की बढ़ोतरी की गई। कमर्शियल LPG की कीमतें, जो डीरेगुलेटेड हैं (सरकार द्वारा नियंत्रित नहीं हैं), इसी अवधि में पांच बार बदली गई हैं।
पेट्रोल-डीजल और सीएनजी के बढ़े दाम
OMCs ने ग्लोबल स्तर पर कच्चे तेल और प्राकृतिक गैस की ऊंची कीमतों से होने वाले नुकसान की आंशिक भरपाई के लिए पेट्रोल, डीजल और CNG की कीमतों में भी चार-चार बार बढ़ोतरी की है। 19 किलोग्राम वाले कमर्शियल LPG सिलेंडर की कीमत, जिसका इस्तेमाल आमतौर पर होटल और बिजनेस करते हैं, अंतरराष्ट्रीय बेंचमार्क दरों के आधार पर हर महीने बदली जाती है।
दिल्ली में इसकी मौजूदा कीमत ₹3,113.50 है, जो लगभग ₹164 प्रति किलोग्राम बैठती है। इसकी तुलना में, हालिया बदलाव के बाद घरेलू LPG ग्राहकों को लगभग ₹66 प्रति किलोग्राम का भुगतान करना पड़ता है। सरकार ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय लागत में भारी बढ़ोतरी के दौरान, बोझ का एक बड़ा हिस्सा खुद उठाया गया, न कि उसे पूरी तरह से ग्राहकों पर डाला गया।
'पेट्रोलियम उत्पादों की कोई कमी नहीं'
सरकार ने यह भी कहा कि 'अंडर-रिकवरी' (लागत और बिक्री मूल्य के बीच का अंतर) सब्सिडी वाले हिस्से से अलग है और यह अंतरराष्ट्रीय लागत और तय खुदरा कीमत के बीच के अंतर को दिखाता है। घरेलू LPG पर अंडर-रिकवरी का अनुमान वित्त वर्ष 2026 में लगभग ₹60,000 करोड़ है, जो पिछले वित्त वर्ष में ₹41,338 करोड़ थी।
सरकार ने यह भी कहा कि ग्लोबल सप्लाई चेन में रुकावटों के बावजूद पेट्रोलियम उत्पादों की कोई कमी नहीं है। भारत का लगभग 54% LPG आयात स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से होकर आता है, जो संघर्ष से प्रभावित रहा है। सरकार के अनुसार, सप्लाई की दिक्कतों को कम करने के लिए घरेलू रिफाइनरियों ने LPG का उत्पादन 60% से अधिक बढ़ाया है। यानी 32,000 टन प्रति दिन से बढ़ाकर 52,000 टन प्रति दिन कर दिया है।
