ULIP, Debt Mutual Fund या RD, जानें किसमें निवेश पर मिलेगा अधिक फायदा
डेट म्युचुअल फंड आवर्ती जमा और यूलिप सभी पुराने निवेश ऑप्शन हैं जिनमें 5 से 15 फीसद के बीच रिटर्न मिलता है। डेट म्यूचुअल फंड स्कीम में फिक्स रिटर्न नहीं मिलता है।
नई दिल्ली (बिजनेस डेस्क)। हर व्यक्ति अपने रिस्क लेने की क्षमता, आय, भविष्य के उद्देश्यों और जरूरतों के हिसाब से निवेश का निर्णय लेता है और अलग-अलग प्रकार के निवेश के विकल्पों का चयन करता है। ज्यादातर जोखिम न उठाने वाले निवेशक अपने पैसे को सेफ ऑप्शन जैसे कि बैंक टर्म डिपॉजिट, गोल्ड, पोस्ट ऑफिस सेविंग स्कीम, आवर्ती जमा, लाइफ इंश्योरेंस और अन्य सरकार की तरफ से पेश सेविंग स्कीम जैसे प्रोविडेंट फंड, पेंशन स्कीम, नेशनल सेविंग सर्टिफिकेट आदि में लगाना पसंद करते हैं।
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जहां तक डेट म्युचुअल फंड, बैंक आवर्ती जमा या यूलिप में निवेश का फैसला लेने से पहले औसत रिटर्न, जोखिम और अपने उद्देश्य को सबसे ज्यादा तरजीह दें। यूनिट-लिंक्ड इंश्योरेंस प्लान (Ulip), आवर्ती जमा (RD) और डेट म्यूचुअल फंड के कई फायदे और नुकसान हैं, टैक्स बेनिफिट भी सभी पर अलग-अलग हैं।
रिटर्न
डेट म्युचुअल फंड, आवर्ती जमा और यूलिप सभी पुराने निवेश ऑप्शन हैं जिनमें 5 से 15 फीसद के बीच रिटर्न मिलता है। डेट म्यूचुअल फंड स्कीम में फिक्स रिटर्न नहीं मिलता है, लेकिन कई अन्य निवेशों को देखते हुए इसमें काफी फायदा है। बैंक आवर्ती जमा सैलरी वर्ग और मीडियम क्लास के लिए सबसे सुविधाजनक ऑप्शन हैं जिसमें मंथली सेविंग होती है। यूलिप में डेट फंड और आवर्ती जमा के मुकाबले अधिक जोखिम है। यूलिप में 5 साल से अधिक समय के निवेश पर बेहतर रिटर्न मिल सकता है।
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रिस्क
यूलिप के मुकाबले डेट फंड कम जोखिम वाले होते हैं क्योंकि यूलिप में हाइब्रिड फंड्स और इक्विटी फंड्स का एक्सपोजर होता है। डेट फंड में जोखिम अंडरलाइंग एसेट पर निर्भर करता है। जबकि बैंक आवर्ती जमा इन तीनों निवेशों में सबसे सेफ इंवेस्टमेंट ऑप्शन है।
उद्देश्य
एक तय लक्ष्य के आधार पर किया गया निवेश किसी भी व्यक्ति को अधिक फायदा पहुंचा सकता है। लॉन्ग टर्म में निवेश करने वाले लोग जो थोड़ा अधिक जोखिम लेने की क्षमता रखते हैं उन्हें यूलिप या डेट फंड का ऑप्शन चुनना चाहिए। जबकि जोखिम से बचने वालों को आवर्ती जमा में निवेश करना चाहिए।
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