नई दिल्ली (बिजनेस डेस्क)। बहुत सी कंपनियां अप्रैल महीने के एरियर के साथ जून में सैलरी में इंक्रीमेंट करती हैं। कर्मचारियों को उनके वार्षिक प्रदर्शन के आधार पर उनकी सैलरी में इजाफा किया जाता है। ध्यान देने वाली बात यह है कि किसी भी व्यक्ति को फॉर्म 16 में इनकम टैक्स रिटर्न (आईटीआर) दाखिल करते समय अपनी सैलरी इनकम की जानकारी देनी होती है। एक व्यक्ति अपने आईटीआर में इसका आसानी से उल्लेख कर सकता है।

टैक्स देने वाले को अक्सर ऐसी समस्या का सामना करना पड़ता है जब उन्हें सैलरी के अलावा होने वाली इनकम की रिपोर्ट करनी होती है जैसे कि नियोक्ता से मिला बोनस, नियोक्ता से मिले गिफ्ट या लॉटरी से पैसा, गेम शो आदि की इनकम आदि। ध्यान देने वाली बात यह है कि अगर नियोक्ता की तरफ से गिफ्ट दिए जाते हैं तो 5,000 रुपये तक की छूट मिलती है। इससे अधिक कीमत के गिफ्ट टैक्स में आएंगे और आपका नियोक्ता इसमें टीडीएस में कटौती कर देगा।

इनकम टैक्स रिटर्न (आईटीआर) दाखिल करते समय नियोक्ता से होने वाला इनकम को सैलरी से होने वाली इनकम माना जाएगा। अगर आपको टीवी गेम शो जीतने या लॉटरी से पैसे मिले हैं तो इस इनकम को इकनम फ्रॉम अदर सोर्स माना जाएगा। इस इनकम पर 30 फीसद की फ्लैट दर से टैक्स लगता है। इसके अलावा उपकर भी जोड़ा जाता है तब यह 31.2 फीसद होता है। इस कैटेगरी के तहत, लॉटरी से इनकम, टीवी पर एक गेम शो या ऑनलाइन, गेंबलिंग या बेटिंग, हॉर्स रेस आदि शामिल हैं। ऐसे मिलने वाले अमाउंट पर टोटल 31.2 फीसद की फ्लैट दर से टैक्स लगेगा, इनकम टैक्स एक्ट 80 सी या 80 डी के तहत कोई कटौती नहीं होगी।

जून माह के दौरान, जिन लोगों को अप्रैल माह के एरियर के साथ बोनस प्राप्त हुआ होगा। सैलरी में यह इंक्रीमेंट पूरे साल कार्य करने के तरीके पर निर्भर करता है और यह इनकम टैक्स स्लेब में आती है। नियोक्ता आपके फॉर्म 16 में इस सैलरी इंक्रीमेंट को शामिल करते हैं और उस पर टैक्स कटता है। इसके अलावा आपके लिए लागू इनकम टैक्स स्लैब के अनुसार, नियोक्ता उस पर टीडीएस भी काटेगा।  

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Posted By: Sajan Chauhan