नई दिल्ली, पीटीआइ। गोल्बल एनर्जी सुपर मेजर बीपी पीएलसी मुंबई के निकट रिलायंस इंडस्ट्रीज के साथ साझेदारी में अपना पहला 'जियो-बीपी' ब्रांडेड पेट्रोल पंप खोलने जा रही है। कंपनी ने गुरुवार को इसकी जानकारी दी। 2019 में BP ने 1 अरब अमेरिकी डॉलर में रिलायंस के स्वामित्व वाले 1,400 से अधिक पेट्रोल पंप और 31 एविएशन टर्बाइन फ्यूल (ATF) स्टेशनों में 49 पफीसद हिस्सेदारी खरीदी थी। रिलायंस के मौजूदा पेट्रोल पंपों को तब से संयुक्त उद्यम, रिलायंस बीपी मोबिलिटी लिमिटेड में स्थानांतरित कर दिया गया है।

एक वीडियो लिंक पर CERAWeek की ओर से इंडिया एनर्जी फोरम में बोलते हुए, BP के मुख्य कार्यकारी बर्नार्ड लूनी ने कहा कि 2025 तक पेट्रोल पंपों की संख्या 5,500 तक ले जाने की योजना है। उन्होंने कहा, हमारे पास लगभग 1,500 साइट (पेट्रोल पंप) हैं जो परंपरागत रूप से रिलायंस साइट थीं और अब जियो-बीपी साइट बन गई हैं। हम मुंबई के पास जियो-बीपी की सही मायने में पहली साइट खोलने जा रहे हैं।

बर्नार्ड लूनी ने कहा, 'हमारा लक्ष्य भारत की प्राकृतिक गैस जरूरतों के 15 फीसद की आपूर्ति करना है। उन्होंने कहा कि तीसरी परियोजना अगले साल के अंत तक उत्पादन शुरू कर देगी। दोनों परियोजनाएं मौजूदा समय में प्रति दिन लगभग 18 मिलियन मानक क्यूबिक मीटर गैस का उत्पादन करती हैं, जो तीसरे के चालू होने के बाद बढ़कर 30 एमएमएससीएमडी हो जाएगी। उस साझेदारी के विस्तार के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने कहा, 'हमें समय के साथ उस व्यवसाय का विस्तार करने का अवसर दिखाई देता है। हम अपने आस-पास के लाइसेंस, ब्लॉक देख रहे हैं। रिलायंस-बीपी ने 2019 में तेल और गैस ब्लॉक की नीलामी में एक ऑक्शन ब्लॉक का अधिग्रहण किया।

रिलायंस बीपी मोबिलिटी लिमिटेड (आरबीएमएल) में बाकी 51 फीसद हिस्सेदारी रिलायंस के पास है। आरबीएमएल को परिवहन ईंधन के लिए मार्केटिंग प्राधिकरण पहले ही मिल चुका है। रिलायंस के मौजूदा पेट्रोल पंपों को संभालने के बाद संयुक्त उद्यम ने ईंधन और कैस्ट्रोल स्नेहक की बिक्री शुरू की। आने वाले समय में आउटलेट्स का नाम 'Jio-bp' रखा जाएगा।

भारत की ऑटो ईंधन खुदरा बिक्री में सार्वजनिक क्षेत्र की तेल कंपनियों का वर्चस्व है, जिनके पास देश के 78,751 पेट्रोल पंप है। आरबीएमएल के 1,427 आउटलेट हैं जबकि रोसनेफ्ट-बैक नायरा एनर्जी के 6,250 पंप हैं। शेल में 285 पेट्रोल पंप हैं।

Edited By: Nitesh