ITC Q2 Results: मुनाफा 18% घटकर ₹4229 करोड़, पर रेवेन्यू में तूफानी उछाल; FMCG ने तोड़े रिकॉर्ड, सिगरेट ने कराया नुकसान!
ITC ने Q2 FY27 के नतीजे घोषित किए, जिसमें शुद्ध लाभ 18.45% घटकर ₹4,229.33 करोड़ रहा, जबकि राजस्व 43.85% बढ़कर ...और पढ़ें
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ITC Q2 Results: मुनाफा 18% घटकर ₹4229 करोड़, पर रेवेन्यू में तूफानी उछाल; FMCG ने तोड़े रिकॉर्ड, सिगरेट पर टैक्स की मार

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बिजनेस डेस्क, नई दिल्ली| ITC Q2 Results: विविध कारोबार से जुड़ी देश की प्रमुख कंपनी आईटीसी लिमिटेड ने वित्त वर्ष 2026-27 की दूसरी तिमाही (ITC Ltd Q2 FY27) के नतीजे जारी कर दिए हैं। जहां एक तरफ ऊंचे खर्च और टैक्स के दबाव के चलते कंपनी का शुद्ध मुनाफा घटा है, वहीं दूसरी तरफ रेवेन्यू और एफएमसीजी कारोबार ने जबरदस्त छलांग लगाई है।
कंपनी का एकीकृत शुद्ध लाभ सालाना आधार पर 18.45% घटकर 4,229.33 करोड़ रुपए रह गया है, जबकि पिछले साल की समान अवधि में यह 5,186.55 करोड़ रुपए था। वहालांकि, समेकित परिचालन राजस्व 43.85% की जोरदार तेजी के साथ 30,578.4 करोड़ रुपए पर पहुंच गया, जो एक साल पहले इसी अवधि में 21,255.86 करोड़ रुपए था।
सितंबर तिमाही में कंपनी का कुल खर्च सालाना आधार पर 69.6% बढ़कर 25,462.44 करोड़ रुपए रहा, जिसके चलते मुनाफे पर दबाव देखा गया।
FMCG कारोबार ने तोड़े रिकॉर्ड
कंपनी ने बताया कि उसे सिगरेट खंड को छोड़कर लगभग सभी प्रमुख कारोबारी खंडों में मजबूत वृद्धि देखने को मिली। आईटीसी का नॉन-सिगरेट एफएमसीजी बिजनेस इस तिमाही में चमक बिखेरते नजर आया। समेकित रूप से एफएमसीजी 'द अदर्स' सेगमेंट की आय में 19% की सालाना वृद्धि दर्ज की गई, जो पिछले 14 तिमाहियों में सबसे ऊंचा स्तर है।
कंपनी का यह कारोबार लगातार चौथी तिमाही में डबल-डिजिट ग्रोथ हासिल करने में कामयाब रहा है। बिस्किट, स्नैक्स, इंस्टेंट नूडल्स, मसाले, और नोटबुक जैसी श्रेणियों में 20% से अधिक की शानदार वृद्धि दर्ज की गई। इसके अलावा, डिजिटल-फर्स्ट और ऑर्गेनिक पोर्टफोलियो भी 70 प्रतिशत से अधिक की दर से बढ़ा है।
सिगरेट पर टैक्स की मार
इसके विपरीत, कंपनी का पारंपरिक और मजबूत स्तंभ माना जाने वाला सिगरेट कारोबार इस तिमाही में दबाव में रहा। टैक्स में हुए अभूतपूर्व (unprecedented) इजाफे के कारण सिगरेट सेगमेंट के नतीजों में सालाना आधार पर 27.2% की गिरावट दर्ज की गई और यह 3,813 करोड़ रुपए पर आ गया। हालांकि, कंपनी अवैध सिगरेट की तस्करी और बिक्री पर रोक लगाने के साथ-साथ नए उत्पाद और वेरिएंट पेश कर अपने कंज्यूमर बेस को मजबूत करने में जुटी हुई है।
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अन्य सेक्टरों और कृषि व्यवसाय का प्रदर्शन
अन्य सेगमेंट की बात करें तो कृषि व्यवसाय (Agri Business) से कंपनी को 4,451.69 करोड़ रुपए का राजस्व प्राप्त हुआ, जो पिछले साल 3,976.24 करोड़ रुपए था। पश्चिम एशिया के संकट और ग्लोबल ट्रेड में व्यवधानों के बावजूद कृषि व्यवसाय ने मजबूत रफ्तार बनाए रखी। इसके अलावा, पेपरबोर्ड्स, पेपर और पैकेजिंग सेगमेंट का राजस्व भी बढ़कर 3,015.85 करोड़ रुपए हो गय।
कारोबारी मोर्चे पर चुनौतियों के बावजूद विश्लेषकों का मानना है कि आईटीसी के डाइवर्सिफाइड पोर्टफोलियो में ग्रोथ की अपार संभावनाएं हैं। नतीजों के बाद आईटीसी का शेयर पिछले कारोबारी सत्र में 266.40 रुपए के आसपास बंद हुआ। बाजार जानकारों की नजर अब आगे की मांग और त्योहारी सीजन के रुख पर टिकी हुई है।
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